क्या दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से संबंधित डाटा छिपाया है? विधानसभा सत्र में उठाएंगे मुद्दा: आप विधायक संजीव झा
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर स्थिति
- आप विधायक संजीव झा का बयान
- सरकार पर डाटा छिपाने का आरोप
- दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र
- सीएजी रिपोर्ट पर विवाद
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार से प्रारंभ होने जा रहा है। आम आदमी पार्टी प्रदूषण के संवेदनशील मुद्दे पर सरकार को घेरने की योजना बना रही है।
बुराड़ी विधानसभा से आप विधायक संजीव झा ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में कहा कि दिल्ली में पिछले तीन महीनों से लोग प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे हैं। कई परिवारों ने प्रदूषण के कारण दिल्ली छोड़ने का निर्णय लिया है। जिनके घर में बच्चे और बुजुर्ग हैं, उन्हें अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े। कई मरीज तो वेंटिलेटर पर चले गए और कुछ की तो जान भी चली गई।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार के प्रयास न के बराबर हैं। उन्होंने सरकार पर डाटा में छेड़छाड़ करने और प्रदूषण के समय वास्तविक आंकड़े जारी न करने का आरोप लगाया। जब प्रदूषण अपने चरम पर था, तब सरकार ने आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए। जहां-जहां एक्यूआई जांच की मशीनें हैं, वहां गलत डाटा पेश करने की कोशिश की गई। डाटा की चोरी कर सरकार ने आम जनता को गुमराह किया है। हम विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने वाले हैं।
सीएजी की रिपोर्ट को उन्होंने झूठ का पुलिंदा बताया और कहा कि इसके माध्यम से वे अपनी नाकामियों को छिपाना चाहते हैं। पिछले दस महीनों में सम्मान राशि, झुग्गी तोड़ने का विषय, परिवारों को बेघर करने, जलभराव, यमुना प्रदूषण जैसे कई मुद्दे हैं, जिन्हें हम सदन में उठाएंगे।
वहीं, दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र सुसंगठित विचार-विमर्श, पारदर्शिता और जिम्मेदार विधायी व्यवहार के सिद्धांतों को दर्शाएगा। स्पीकर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आठवीं विधानसभा के चौथे (शीतकालीन) सत्र के दौरान विधानसभा का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए, जो सोमवार से शुरू हो रहा है।