क्या कांग्रेस जी रामजी योजना पर तथ्यात्मक बातें कर सकती है?: सीएम मोहन यादव
सारांश
Key Takeaways
- जी रामजी योजना ग्रामीणों के लिए 125 दिन का काम उपलब्ध कराएगी।
- ग्राम पंचायतों के सुझावों पर काम होगा।
- कांग्रेस को योजना की कमियों को तथ्यात्मक रूप से बताने की आवश्यकता है।
- सरकार ने इस योजना को राज्य के 15 विभागों से जोड़ा है।
- इस योजना में केंद्र सरकार द्वारा 60 अनुपात 40 का प्रावधान है।
भोपाल, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को बदलकर विकसित भारत की जी रामजी योजना लागू करने पर कांग्रेस के विरोध के जवाब में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यदि कांग्रेस को इस योजना में कोई कमियां नजर आती हैं, तो उन्हें तथ्यों के साथ सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल विरोध के लिए विरोध करना उचित नहीं है।
भोपाल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जी रामजी योजना के तहत ग्रामीणों को मिलने वाले लाभ और राज्य को होने वाले फायदों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा में जहां 100 दिन का काम मिलता था, वहीं इस योजना के तहत 125 दिन का काम उपलब्ध होगा। इसके अलावा, ग्राम पंचायतों के सुझावों के आधार पर कार्य किए जाएंगे, जिसमें गोशाला और तालाब निर्माण जैसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया है।
कांग्रेस द्वारा लगातार मनरेगा के स्थान पर जी रामजी योजना का विरोध किया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि कांग्रेस के नेता, चाहे वे अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हों, राहुल गांधी या जीतू पटवारी, उन्हें इस योजना की कमियों को तथ्यात्मक तरीके से बताना चाहिए। विपक्ष में होने के नाते केवल विरोध करना उचित नहीं है। इसके साथ ही, विपक्ष को सकारात्मक और तथ्यात्मक बातें उठानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार प्रयासरत है। गोपालन, मछली पालन और कुटीर उद्योग को भी इस योजना के साथ जोड़ा जाएगा ताकि रोजगार में वृद्धि हो और आर्थिक स्थिति में सुधार आए। इस योजना को राज्य के 15 विभागों से जोड़ा जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना में 60 अनुपात 40 का प्रावधान किया गया है। इस सवाल पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि सरकार इस योजना को लागू करने में सक्षम है, और इसे राज्य में पहले ही लागू किया जा चुका है।