क्या शरजील इमाम के खिलाफ दंगों की साजिश का मामला है?

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क्या शरजील इमाम के खिलाफ दंगों की साजिश का मामला है?

सारांश

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में शरजील इमाम के विरुद्ध दंगों की साजिश से जुड़े आरोपों पर बहस हुई। उनके वकील ने दलीलें दीं कि शरजील के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं। क्या यह मामला वास्तव में साजिश का है?

Key Takeaways

  • शरजील इमाम के खिलाफ आरोपों पर बहस चल रही है।
  • वकील ने हिंसा का कोई समर्थन नहीं होने का दावा किया है।
  • कोर्ट में साक्ष्य की कमी की बात उठाई गई है।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित कथित बड़ी साजिश के मामले में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में शरजील इमाम के खिलाफ आरोपों को तय करने पर बहस की गई। शरजील इमाम के वकील ने इन आरोपों के खिलाफ अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। वकील ने स्पष्ट किया कि शरजील के खिलाफ साजिश का कोई मामला नहीं बनता, क्योंकि न तो कोई सहमति का सबूत है और न ही सह-अभियुक्तों के साथ कोई संवाद या समन्वय।

शरजील इमाम के वकील अहमद इब्राहिम ने कोर्ट में तर्क दिया कि साजिश के लिए सहमति आवश्यक होती है, केवल चर्चा से कुछ नहीं होता। उन्होंने कहा कि चार्जशीट में शामिल व्हाट्सएप चैट्स से शरजील का कोई संबंध नहीं है। न तो कोई चैट है जिसमें शरजील शामिल हों और न ही सह-अभियुक्तों से कोई फोन कॉल। पूरा मामला व्हाट्सएप चैट्स पर आधारित है, लेकिन इनमें शरजील का कोई योगदान नहीं है। वकील ने यह भी कहा कि उमर खालिद शरजील के मेंटर नहीं हैं और दोनों के बीच कोई समन्वय नहीं था।

वकील ने आगे कहा कि शरजील की किसी भी बैठक या भाषण में हिंसा की चर्चा नहीं हुई, बल्कि उन्होंने हमेशा अहिंसा की बात की और शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन किया। 2019-20 में सीएए-एनआरसी विरोध प्रदर्शनों के दौरान शरजील ने कभी भी हिंसा का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि देशभर में सीएए के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे और कई आरोपी भी इन प्रदर्शनों में शामिल थे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई सुनियोजित साजिश थी।

यह मामला यूएपीए सहित गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें शरजील इमाम पर दंगों की बड़ी साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। शरजील जनवरी 2020 से जेल में हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी। कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी इस मामले में आरोप तय करने की सुनवाई कर रहे हैं।

वकील की दलीलों से यह स्पष्ट है कि बचाव पक्ष का जोर इस बात पर है कि अभियोजन पक्ष के पास ठोस सबूतों की कमी है और प्रदर्शन को साजिश का रंग दिया जा रहा है। कोर्ट अब अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनेगी, उसके बाद आरोप तय करने का फैसला आएगा।

Point of View

NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या शरजील इमाम पर सच में साजिश का आरोप है?
शरजील इमाम पर दंगों की साजिश का आरोप है, लेकिन उनके वकील ने यह कहा है कि अभियोजन पक्ष के पास ठोस सबूत नहीं हैं।
क्या कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी?
हां, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
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