क्या सोमनाथ मंदिर हमारी सभ्यतागत अमरता और कभी न हारने की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है? गृह मंत्री अमित शाह
सारांश
Key Takeaways
- सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिकता हमारी सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाती है।
- यह मंदिर कभी भी विदेशी आक्रमणों के सामने नहीं झुका।
- सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमारी सभ्यता की अमरता का प्रतीक है।
- प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह का योगदान महत्वपूर्ण है।
- यह पर्व भावी पीढ़ी को सांस्कृतिक गर्व से जोड़ता है।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले बड़े हमले के 1,000 साल पूरे होने का अवसर है, जिसे 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को सोमनाथ मंदिर की भव्यता को दर्शाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों से 8 जनवरी से 11 जनवरी तक सोमनाथ में हो रहे 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में भाग लेने की अपील की।
गृह मंत्री ने कहा कि सोमनाथ महादेव मंदिर केवल एक ज्योतिर्लिंग नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक गौरव की एक अमूल्य विरासत है। पिछले हजार वर्षों में इस मंदिर पर कई हमले हुए, लेकिन यह हर बार पुनः खड़ा हुआ। यह हमारी सभ्यतागत अमरता और कभी हार न मानने की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है। इसे मिटाने का प्रयास करने वालों के नामो-निशान मिट चुके हैं, लेकिन यह मंदिर आज और भी अधिक वैभव के साथ खड़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिकता यह दर्शाती है कि इस तरह के हमले हमें नुकसान पहुँचा सकते हैं, लेकिन मिटा नहीं सकते, क्योंकि हर बार यह और भी अधिक भव्यता के साथ उठ खड़ा होता है, जो सनातन संस्कृति की मूल प्रवृत्ति है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के 1,000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' मनाने का निर्णय लिया है ताकि हमारी भावी पीढ़ी को सनातन संस्कृति की निरंतरता का संदेश मिल सके।
मेरा सौभाग्य है कि मैं इस पवित्र मंदिर का ट्रस्टी हूं। मैं सभी देशवासियों से अपील करता हूं कि आप भी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हों, जो 11 जनवरी तक चलेगा।
गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एक्स पर साझा किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे सोमनाथ मंदिर पर विदेशी आक्रांताओं ने बार-बार हमले किए, कैसे इसे लूटा गया और मिटाने का प्रयास किया गया, लेकिन सनातन की आस्था के प्रतीक सोमनाथ मंदिर ने हर बार विदेशी हमलावरों के इरादों को विफल कर दिया।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को मनाने के लिए गुजरात के सोमनाथ मंदिर में पूरे वर्ष कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। अधिकारियों ने बताया कि 8 से 11 जनवरी तक मंदिर परिसर में कई आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम होंगे।
वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले बड़े हमले के 1,000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन किया जा रहा है। विदेशी आक्रांताओं ने कई बार इस मंदिर को लूटा और नष्ट किया, लेकिन हर बार इसे पुनः स्थापित किया गया।