क्या दिल्ली विधानसभा में प्रदूषण पर हंगामा हुआ? 'आप' के 4 विधायक निलंबित

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क्या दिल्ली विधानसभा में प्रदूषण पर हंगामा हुआ? 'आप' के 4 विधायक निलंबित

सारांश

दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन प्रदूषण पर हंगामा हुआ। 'आप' के चार विधायकों को निलंबित किया गया। इस घटना ने विधानसभा में राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है। जानिए इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया दी गई है।

Key Takeaways

  • दिल्ली विधानसभा में प्रदूषण का मुद्दा गंभीर है।
  • 'आप' विधायकों का निलंबन राजनीतिक तनाव को बढ़ाता है।
  • सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ रहा है।

नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन प्रदूषण के मुद्दे पर गहरा हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने सदन में दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण पर चर्चा की, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर मार्शलों ने सभी 'आप' विधायकों को सदन से बाहर कर दिया। इस घटना में चार विधायकों को तीन दिन के लिए निलंबित किया गया।

इस कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर कड़ी आलोचना की है। 'आप' विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस समय दिल्लीवासियों के लिए सबसे बड़ी समस्या प्रदूषण है। ऐसे में सदन में उपराज्यपाल (एलजी) से सवाल पूछना कैसे अपराध हो सकता है? उन्होंने कहा कि जनता की आवाज उठाने पर सरकार इतनी असहज हो गई कि चार विधायकों को निलंबित कर दिया गया।

संजीव झा ने याद दिलाया कि पहले एलजी ने कहा था कि दिल्ली सरकार चाहें तो 80 प्रतिशत प्रदूषण कम किया जा सकता है। अब भाजपा की सरकार बने 10 महीने हो चुके हैं, लेकिन इस फॉर्मूले पर कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों से दिल्ली की जनता गंभीर प्रदूषण का सामना कर रही है। बच्चों और बुजुर्गों को सांस संबंधी बीमारियों के कारण अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

कई विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में दिसंबर का महीना सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। डॉक्टरों का कहना है कि बड़ी संख्या में मरीज वेंटिलेटर तक पहुंचे और कई लोगों की जान भी गई। ऐसे में विपक्ष का यह कर्तव्य है कि वह सरकार से जवाब मांगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में न तो एलजी से मुलाकात हो रही है और न ही प्रदूषण को लेकर कोई ठोस नीति सामने आई है। जब 'आप' विधायक एलजी के अभिभाषण के दौरान सवाल पूछने के लिए खड़े हुए, तो उन्हें तुरंत मार्शल द्वारा बाहर कर दिया गया। निलंबित किए गए विधायकों में संजीव झा, तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह, कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार और सदर बाजार से विधायक सोम दत्त शामिल हैं।

इस अवसर पर तिलक नगर विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि सरकार सवालों से डर गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष सरकार से जवाबदेही तय कराने के बजाय उसकी ढाल बन गए हैं। जरनैल सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने प्रदूषण पर काम किया होता, तो वह आत्मविश्वास से सवालों का जवाब देती। आज हालात यह हैं कि एम्स, सफदरजंग सहित दिल्ली के बड़े अस्पताल प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के मरीजों से भरे पड़े हैं। आम आदमी पार्टी ने सरकार पर वादाखिलाफी का भी आरोप लगाया।

संजीव झा ने कहा कि महिलाओं को 2500 रुपए देने, सस्ता गैस सिलेंडर, जलभराव खत्म करने और यमुना की सफाई जैसे वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि 'आप' सरकार के दौरान थर्मल पावर प्लांट बंद किए गए थे, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद दिल्ली-एनसीआर में कई थर्मल प्लांट फिर से चल रहे हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ा है।

'आप' नेताओं ने स्पष्ट किया कि भले ही उन्हें सदन से बाहर कर दिया जाए, लेकिन वे दिल्लीवालों की आवाज उठाते रहेंगे। पार्टी ने भाजपा सरकार की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और इससे पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।

Point of View

NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली विधानसभा में क्या हुआ?
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रदूषण के मुद्दे पर हंगामा हुआ और 'आप' के चार विधायकों को निलंबित किया गया।
'आप' ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
'आप' ने भाजपा सरकार पर प्रदूषण के मुद्दे पर जवाबदेही तय न करने का आरोप लगाया है।
क्या दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति खराब है?
हां, विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति गंभीर है, जिससे लोग बीमार हो रहे हैं।
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