हुसैन दलवई ने 'धुरंधर-2' पर उठाए गंभीर सवाल, समाज के खिलाफ माहौल बनाने का आरोप
सारांश
Key Takeaways
- हुसैन दलवई ने 'धुरंधर-2' पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- फिल्म के माध्यम से समाज में विभाजन की कोशिश की जा रही है।
- कंगना रनौत के बयान पर दलवई की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही।
- डीजीसीए के नियमों पर सुधार की आवश्यकता है।
मुंबई, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता रणवीर सिंह की नई फिल्म 'धुरंधर-2' रिलीज हो चुकी है और इसे दर्शकों से भारी समर्थन मिल रहा है। हालांकि, इस फिल्म पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि इस फिल्म के माध्यम से समाज के एक विशेष वर्ग के खिलाफ नकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए हुसैन दलवई ने कहा कि 'धुरंधर-2' के जरिए धीरे-धीरे यह स्पष्ट होगा कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी फिल्मों का निर्माण करने के लिए पैसा कौन मुहैया कराता है, इन्हें किस प्रकार मंजूरी मिलती है, और इसके पीछे कौन लोग हैं, यह सब सामने आना चाहिए। यह कोई कला नहीं है, बल्कि एक साजिश है, जो समाज के एक वर्ग को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म बनाना उनका व्यवसाय है और वे इसे जारी रखेंगे। उनकी फिल्मों को ज्यादा दर्शक नहीं मिलते, इसलिए इस मुद्दे पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। वे कलाकार नहीं हैं।
भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा राहुल गांधी पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हुसैन दलवई ने कहा कि उनके बारे में ज्यादा चर्चा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की इस देश में जो प्रतिष्ठा है, वह कितनी महत्वपूर्ण है, यह कंगना को नहीं पता। वह एक अभिनेत्री रही हैं और उन्हें पार्टी स्क्रिप्ट उपलब्ध कराई जाती है, जिसे वह पढ़ती हैं। बयान देने से पहले उन्हें सोच-समझकर बोलना चाहिए कि उनके शब्द सही हैं या गलत।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान पर हुसैन दलवई ने कहा कि ईरान पर हमले की निंदा करने में हमारी वर्तमान सरकार की चुप्पी क्यों है? जबकि, इराक पर हमले के समय पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने निंदा की थी। शशि थरूर का बयान भाजपा में शामिल होने की दिशा में संकेत देता है।
उन्होंने कहा कि ईरान आज भी हमारे साथ है, इसीलिए वे हमें एलपीजी प्रदान कर रहे हैं। हमारी सरकार को इजरायल और अमेरिका को बताना चाहिए कि यह युद्ध गलत है।
डीजीसीए के नए सीटिंग नियमों पर हुसैन दलवई ने कहा कि ये नियम केवल कुछ सीटों तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि सभी सीटों पर लागू होने चाहिए। एयरलाइन कंपनियां यात्रियों से बड़े पैमाने पर पैसे वसूलती हैं, जो गलत है। सरकार को इस पर हस्तक्षेप करना चाहिए। टिकट की कीमतों में लगातार बदलाव और देरी के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लेना यात्रियों का शोषण है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए। विमान कंपनियों पर सख्त नियंत्रण आवश्यक है।