कंगना रनौत की राहुल गांधी पर टिप्पणी को लेकर फौजिया खान की प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी एक सम्मानित नेता हैं।
- कंगना रनौत की टिप्पणियां विवादास्पद हैं।
- देश में प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है।
- सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देना आवश्यक है।
- बच्चियों और नेताओं की हत्या पर चुप रहना असामान्य है।
नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा की गई टिप्पणियों पर एनसीपी (एसपी) सांसद फौजिया खान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कंगना को बयान देने से पहले ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि राहुल गांधी एक सम्मानित नेता हैं।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में फौजिया खान ने आगे कहा कि कंगना का बयान हास्यास्पद है, क्योंकि वह एक फिल्म अभिनेत्री हैं और इस प्रकार की बातें करना उनके लिए उचित नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि हम इस पर जवाब नहीं दे सकते, लेकिन हंस सकते हैं।
फौजिया खान ने फिल्म 'धुरंधर 2' के बारे में कहा कि इस प्रकार की फिल्में बन रही हैं और हमने सुना है कि उनकी स्क्रीनिंग प्रधानमंत्री के सामने भी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में मुसलमानों के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाया जा रहा है। यह गलत है कि अपने ही देश के नागरिकों को दुश्मन के रूप में पेश किया जाए। हमारे देश की संस्कृति हमेशा से मिली-जुली रही है और हिंदू-मुसलमान प्रेम और भाईचारे के साथ रहते आए हैं। मैं इस जहर फैलाने की कोशिश का विरोध करती हूं। अगर इस तरह के प्रोपेगेंडा को नहीं रोका गया तो हमारे देश में अस्थिरता बनी रहेगी। देश की प्रगति के लिए प्रेम और सौहार्द आवश्यक है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा वेस्ट एशिया के युद्ध में भारत की चुप्पी को एक अच्छा कूटनीतिक कदम बताने पर फौजिया खान ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह कौन सी नीति है, जिसे हम समझ नहीं पा रहे हैं। क्या भारत इस पर चुप रहेगा कि मासूम बच्चियों और एक राष्ट्र के सुप्रीम नेता की हत्या हो गई? यह हमारी संस्कृति नहीं है।