फौजिया खान का बयान: पूजा स्थलों का सम्मान करें, गैर-हिंदुओं के लिए हलफनामा जरूरी नहीं

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फौजिया खान का बयान: पूजा स्थलों का सम्मान करें, गैर-हिंदुओं के लिए हलफनामा जरूरी नहीं

सारांश

फौजिया खान ने केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिरों में गैर-हिंदुओं से हलफनामा मांगने की निंदा की। उन्होंने कहा कि सभी को अपने पूजा स्थलों का सम्मान करना चाहिए और प्यार से रहना चाहिए। ईद के अवसर पर उन्होंने शांति और भाईचारे का संदेश दिया।

Key Takeaways

  • पूजा स्थलों का सम्मान होना चाहिए।
  • गैर-हिंदुओं के लिए हलफनामा मांगना आवश्यक नहीं।
  • ईद पर शांति और भाईचारे का संदेश।
  • तेल-गैस की कमी पर चिंता।

नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एनसीपी-एसपी की सांसद फौजिया खान ने केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिरों में गैर-हिंदुओं से हलफनामा मांगने पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने-अपने पूजा स्थलों का सम्मान करना चाहिए।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान, सांसद फौजिया खान ने कहा, "आप जानते हैं कि देश की वर्तमान स्थिति कैसी है। अगर कुछ लोग यह चाहते हैं कि गैर-हिंदू वहां न आएं, तो यह उनकी श्रद्धा का मामला है। इसके अलावा, गैर-हिंदू क्यों मंदिर जाना चाहेंगे, जब उनके पास अपनी पूजा करने के लिए स्थान हैं?"

उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों को अपने पूजा स्थलों का सम्मान करना चाहिए। हर धर्म यही सिखाता है कि एक-दूसरे के प्रति प्रेम होना चाहिए। इसलिए, सभी को एक-दूसरे के साथ प्यार से रहना चाहिए।

ईद-उल-फितर के अवसर पर फौजिया खान ने कहा, "मैं अपने देश के सभी बहनों-भाईयों को, अपने देशवासियों को ईद की ढेर सारी शुभकामनाएं देना चाहती हूं। ईद का मतलब है खुशी, आज खुशी का दिन है। आज रमजान के 30 दिनों के रोजे समाप्त हो गए हैं। ईद-उल-फितर के दिन चैरिटी का आयोजन किया गया। पूरा रमजान चैरिटी में गुजरा है। लोग रोजा रख रहे थे।"

फौजिया खान ने आगे कहा, "मैं ईद के माध्यम से यह संदेश देना चाहती हूं कि आज हम सभी लोग दुआ करें कि देश में शांति और भाईचारा स्थापित हो। एक-दूसरे के प्रति प्यार और मोहब्बत का वातावरण बने। यह हमारे देश के लिए बहुत आवश्यक है।"

इसी बीच, तेल-गैस की कमी पर फौजिया खान ने कहा, "जमीनी हकीकत सरकार के दावों से बिल्कुल अलग है। लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गैस की कमी की चिंता नहीं है, बल्कि असल में लोग गैस के लिए लंबी कतारों में खड़े हो रहे हैं और यह आसानी से उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही, गैस के बढ़ते दामों ने भी लोगों के लिए काफी समस्याएँ खड़ी कर दी हैं।"

एनसीपी-एसपी की सांसद ने कहा कि यह एक ऊर्जा संकट है, लेकिन अगर पहले से उचित योजना बनाई गई होती, तो भारत इसे टाल सकता था। हमने कोई योजना नहीं बनाई। इसलिए, देशवासियों को संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है।

Point of View

NationPress
25/03/2026

Frequently Asked Questions

फौजिया खान ने किन मंदिरों के बारे में बात की?
फौजिया खान ने केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिरों के बारे में बात की।
फौजिया खान का क्या मुख्य संदेश है?
उनका मुख्य संदेश है कि लोगों को अपने पूजा स्थलों का सम्मान करना चाहिए और एक-दूसरे के प्रति प्यार होना चाहिए।
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