फौजिया खान ने यूएससीआईआरएफ रिपोर्ट के खिलाफ जांच की मांग की, अधिकारियों की पृष्ठभूमि पर उठाए सवाल
सारांश
Key Takeaways
- फौजिया खान ने यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट को गंभीरता से लेने की बात कही।
- उन्होंने 275 पूर्व जजों और अधिकारियों की पृष्ठभूमि की जांच करने की मांग की।
- प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल पर भी उनकी सकारात्मक राय है।
- शांति और भाईचारे की अपील की गई।
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एनसीपी-एसपी पार्टी की सांसद फौजिया खान ने अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) द्वारा जारी रिपोर्ट के विरोध में 275 पूर्व जजों और नौकरशाहों के खिलाफ जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
सांसद फौजिया खान ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "यह रिपोर्ट एक अंतरराष्ट्रीय संगठन द्वारा तैयार की गई है, जो धार्मिक स्वतंत्रता पर नज़र रखता है। मुझे लगता है कि इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेना आवश्यक है। जिन 275 अधिकारियों ने विरोध में हस्ताक्षर किए हैं, उनके बारे में अधिक जानकारी होनी चाहिए। उनकी पृष्ठभूमि और किन संगठनों से उनका संबंध है, इसकी जांच होनी चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा, "आजकल, जहां भी रिक्तियाँ हैं, वे एससी, एसटी, ओबीसी और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए हैं, चाहे वह आईआईटी, आईआईएम में हो या हमारे नौकरशाही तंत्र में। वर्तमान में पदों पर बैठे लोग उच्च वर्ग से संबंधित हैं। हमें यह देखना होगा कि बोलने वाले लोग कौन हैं और उनकी पृष्ठभूमि क्या है।"
ज्ञात हो कि अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने मार्च में एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई थी। इस रिपोर्ट का विरोध करते हुए भारत के 275 पूर्व जजों, अधिकारियों और सैन्य लोगों ने इसे पक्षपाती बताया है।
फौजिया खान ने प्रधानमंत्री मोदी के देश में सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख रहने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "मैं रिकॉर्ड तोड़ने के लिए हमारे प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से बधाई देना चाहूंगी। अगर हम इन वर्षों के दौरान क्या हासिल हुआ है, उसका आकलन करें, तो कई अच्छे काम हुए हैं।"
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ महत्वपूर्ण सवाल हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर बनने के बाद अक्सर क्यों टूट जाता है।
इसी बीच, एनसीपी-एसपी सांसद ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की कि "जब आप आगे कदम बढ़ाएं, तो इस देश का वातावरण ऐसा बनाइए, जैसा प्राचीन भारत का था। शांति, संवेदनशीलता और भाईचारा, ये सब बातें हमारे समाज में बढ़नी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "देश में संविधान, भाईचारा और प्रेम बढ़ना चाहिए। प्रधानमंत्री, जो 'विश्व गुरु' हैं, उनकी यही विनती करुंगी कि अपने देश में आप शांति स्थापित करने का कार्य करें।"