भारत ने यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट को किया खारिज, अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमलों पर ध्यान देने की अपील

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत ने यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट को किया खारिज, अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमलों पर ध्यान देने की अपील

सारांश

भारत ने अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे पक्षपाती बताया है। विदेश मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि आयोग अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमलों पर ध्यान केंद्रित करे। इस बयान में भारत की बहुसांस्कृतिक पहचान और सहिष्णुता पर जोर दिया गया है।

मुख्य बातें

यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट को भारत ने खारिज किया।
रिपोर्ट को पक्षपाती और प्रेरित बताया गया।
भारत की बहुसांस्कृतिक पहचान पर जोर दिया गया।
हिंदू मंदिरों पर हमलों पर ध्यान देने की अपील की गई।
भारत की लोकतांत्रिक छवि को कमजोर करने का प्रयास किया गया।

नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने सोमवार को अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर संयुक्त राज्य आयोग (यूएससीआईआरएफ) की हालिया रिपोर्ट को पूरी तरह से नकारते हुए इसे पक्षपाती और प्रेरित बताया। भारत का कहना है कि यह आयोग कई वर्षों से भारत की छवि को विकृत और चयनात्मक रूप से पेश कर रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि भारत ने यूएससीआईआरएफ की 2026 की वार्षिक रिपोर्ट का अवलोकन किया है, लेकिन इसमें भारत के संदर्भ में की गई टिप्पणियां पूरी तरह से पक्षपाती और प्रेरित हैं।

उन्होंने कहा, “पिछले कई वर्षों से यूएससीआईआरएफ भारत की स्थिति को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहा है। आयोग वस्तुनिष्ठ तथ्यों के बजाय संदिग्ध स्रोतों और वैचारिक नैरेटिव पर निर्भर करता है। इस तरह की गलत प्रस्तुतियां आयोग की विश्वसनीयता को कमजोर करती हैं।”

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत एक जीवंत बहुसांस्कृतिक समाज है, लेकिन यूएससीआईआरएफ बार-बार भारत के बारे में संदेह पैदा करने की कोशिश करता है, जो वास्तविक चिंता से अधिक पूर्वाग्रहपूर्ण एजेंडा को दर्शाता है।

प्रवक्ता ने कहा कि भारत पर चयनात्मक आलोचना करने के बजाय यूएससीआईआरएफ को अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमलों, भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ती असहिष्णुता और डराने-धमकाने की घटनाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ये घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और इन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

भारत पहले भी यूएससीआईआरएफ की रिपोर्टों पर आपत्ति जताता रहा है। इससे पहले भी सरकार ने कहा था कि आयोग राजनीतिक एजेंडे के तहत भारत के बारे में तथ्यों को गलत तरीके से पेश करता है।

विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत 1.4 अरब लोगों का देश है, जहां दुनिया के लगभग सभी प्रमुख धर्मों के अनुयायी निवास करते हैं और यहां विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण सह-अस्तित्व की मजबूत परंपरा है।

भारत ने यह भी कहा कि इस तरह की रिपोर्टें भारत की लोकतांत्रिक और सहिष्णु छवि को कमजोर करने का प्रयास करती हैं, जो सफल नहीं होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यूएससीआईआरएफ की रिपोर्टें पक्षपातपूर्ण हैं और भारत की वास्तविकता को विकृत करती हैं। भारत एक बहुसांस्कृतिक देश है, जो सहिष्णुता और सह-अस्तित्व में विश्वास करता है। इसलिए, इस प्रकार की रिपोर्टें भारत की लोकतांत्रिक छवि को कमजोर करने का प्रयास करती हैं, जो असफल रहेंगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूएससीआईआरएफ क्या है?
यूएससीआईआरएफ एक अमेरिकी सरकारी एजेंसी है, जो दुनिया भर में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति की निगरानी करती है।
भारत ने यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट को क्यों खारिज किया?
भारत ने इसे पक्षपाती और प्रेरित करार देते हुए कहा कि यह भारत की छवि को विकृत करता है।
भारत की संस्कृति के बारे में क्या कहा गया?
भारत एक जीवंत बहुसांस्कृतिक समाज है, जहां विभिन्न धर्मों के अनुयायी सह-अस्तित्व में रहते हैं।
यूएससीआईआरएफ को किस बात पर ध्यान देने की सलाह दी गई?
भारत ने यूएससीआईआरएफ को अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमलों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
भारत की लोकतांत्रिक छवि को कैसे प्रभावित किया गया?
ऐसी रिपोर्टें भारत की लोकतांत्रिक और सहिष्णु छवि को कमजोर करने का प्रयास करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले