पीके सहगल का यूएससीआईआरएफ रिपोर्ट पर कड़ा विरोध, भारत है अल्पसंख्यकों का सबसे सुरक्षित ठिकाना

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पीके सहगल का यूएससीआईआरएफ रिपोर्ट पर कड़ा विरोध, भारत है अल्पसंख्यकों का सबसे सुरक्षित ठिकाना

सारांश

भारत की विविधता की सुरक्षा को लेकर मेजर जनरल पीके सहगल ने यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। जानें उनके तर्क और भारत की स्थिति के बारे में।

मुख्य बातें

भारत अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित देश है।
बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों की स्थिति चिंताजनक है।
भारत में पिछले 10 वर्षों में कोई दंगा नहीं हुआ।
यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट को भारतीय सरकार ने खारिज किया।
भारत में धार्मिक सहिष्णुता और विविधता का सम्मान है।

नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व भारतीय सेना अधिकारी और रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल (रि.) पीके सहगल ने शनिवार को यूएससीआईआरएफ की ताज़ा रिपोर्ट पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट 'बहुत बड़ी गलती' है। सहगल ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "वास्तव में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां अल्पसंख्यकों का जीवन बांग्लादेश की तुलना में बेहद बेहतर है... आज भारत शांति, सुकून और सद्भाव का एक आदर्श उदाहरण है।"

उन्होंने पड़ोसी देशों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा, "बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की जनसंख्या लगातार घट रही है। पाकिस्तान में भी यही समस्या है। अमेरिका को पहले इन स्थानों और अपने देश में हिंदुओं के साथ क्या हो रहा है, उसे देखना चाहिए। फिर भारत पर ध्यान देना चाहिए।"

सहगल ने यह भी कहा कि भारत विविधता का जीवंत उदाहरण है, जहां विभिन्न धर्म, भाषाएं और संस्कृतियां मिलकर फल-फूल रही हैं।

रक्षा विशेषज्ञ ने पिछले दशक का उल्लेख करते हुए कहा, "पिछले 10 वर्षों में देश में एक भी दंगा या सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई।" उन्होंने यूएससीआईआरएफ को सलाह दी कि रिपोर्ट तैयार करने से पहले तथ्यों की पूरी तरह से जांच करनी चाहिए, न कि पूर्वाग्रह के आधार पर। सहगल ने कहा कि भारत में अल्पसंख्यक समुदाय सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं, जबकि पड़ोसी देशों में उनके साथ भेदभाव और हिंसा आम बात है।

यह बयान यूएससीआईआरएफ की 2026 वार्षिक रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें 2025 में अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव और हिंसा का उल्लेख किया गया है। भारतीय सरकार ने इस रिपोर्ट को 'पक्षपातपूर्ण' और 'प्रेरित' बताकर खारिज कर दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर मेजर जनरल सहगल के विचार महत्वपूर्ण हैं। उनके तर्क यह दर्शाते हैं कि भारत में धार्मिक सहिष्णुता और विविधता का सम्मान किया जाता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूएससीआईआरएफ क्या है?
यूएससीआईआरएफ का मतलब यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम है, जो धार्मिक स्वतंत्रता पर निगरानी रखता है।
भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति क्या है?
भारत में अल्पसंख्यक समुदायों को आमतौर पर सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलता है, जैसा कि मेजर जनरल सहगल ने बताया।
बांग्लादेश और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति कैसे है?
बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों की जनसंख्या लगातार घट रही है और वहां भेदभाव और हिंसा की घटनाएं आम हैं।
क्या पिछले 10 वर्षों में भारत में सांप्रदायिक हिंसा हुई है?
मेजर जनरल सहगल के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में भारत में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है।
यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट पर भारत का क्या कहना है?
भारतीय सरकार ने यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट को 'पक्षपातपूर्ण' और 'प्रेरित' बताते हुए खारिज किया है।
राष्ट्र प्रेस
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