पाकिस्तान: पीटीआई नेताओं ने चीफ जस्टिस से इमरान खान के लिए इंसाफ की मांगी गुहार
सारांश
Key Takeaways
इस्लामाबाद, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। इमरान खान के लिए इंसाफ की गुहार पाकिस्तान के चीफ जस्टिस से की गई है। यह मांग जेल में बंद पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं द्वारा सीजेपी जस्टिस याह्या अफरीदी को एक खत लिखकर की गई है। स्थानीय मीडिया ने इसकी जानकारी दी है।
जियो न्यूज के अनुसार, पत्र में इमरान खान की मेडिकल और कानूनी सहायता में कथित बाधाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है और उनसे इलाज को लेकर इंसाफ के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की गई है।
अपने वकील शाह महमूद कुरैशी के माध्यम से जारी चिट्ठी में, डॉ. यास्मीन राशिद, एजाज चौधरी, उमर सरफराज चीमा, और महमूद-उर-रशीद ने इलाज के दौरान उन मुद्दों का उल्लेख किया है जिन्हें परिवार और पार्टी के अन्य सदस्य उठाते रहे हैं। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री को पर्सनल डॉक्टर की अनुमति नहीं देना और परिवार के सदस्यों और कानूनी सलाहकारों से मिलने पर रोक जैसे मुद्दे शामिल हैं।
यह घटना इमरान खान के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) में आंख के दूसरे इंजेक्शन लगने के एक दिन बाद सामने आई है।
पूर्व प्रधानमंत्री, जो अगस्त 2023 से जेल में हैं, गंभीर आंखों की बीमारी सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (सीआरवीओ) से ग्रसित हैं। इस महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की गई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि उनकी दाहिनी आंख की रोशनी लगभग 85 प्रतिशत चली गई है।
पत्र में, इन नेताओं ने 2019 में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के मेडिकल ट्रीटमेंट की भी तुलना की है। उन्होंने कहा कि जब शरीफ को प्लेटलेट काउंट कम होने के कारण लाहौर के सर्विसेज हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया गया था, तो सरकार ने उनकी मेडिकल केयर का सही प्रबंध सुनिश्चित किया था।
उन्होंने आगे कहा कि नवाज के पर्सनल फिजिशियन, डॉ. अदनान, मेडिकल बोर्ड की सभी बैठकों में शामिल हुए, और उनके परिवार और कानूनी सलाहकारों को उनसे मिलने की अनुमति थी।
उन्होंने यह भी कहा कि नवाज को दिल की बीमारी के इलाज के लिए इंग्लैंड जाने की अनुमति दी गई थी, जहां उन्हें पहले भी चिकित्सा सेवा प्राप्त हुई थी।
पीटीआई नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने "रहस्यमय" तरीके अपनाए हैं। पहले यह बात नकार दी गई कि इमरान खान बीमार हैं और बाद में सीआरवीओ डायग्नोसिस रिपोर्ट आने के बाद बयान जारी किया गया।
पत्र में उनके इलाज के अधिकारों का उल्लंघन होने की बात की गई है। उनके कंसल्टेंट्स की पहुंच पर रोक और उनके परिवार के अलावा निजी वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति न देने पर चिंता व्यक्त की गई है।
आरोप लगाया गया है कि सरकार जानबूझकर राजनीतिक नियंत्रण बनाए रखने के लिए बाधाएं उत्पन्न कर रही है, और उन पर पब्लिक मैंडेट की कमी और राजनीतिक अस्थिरता से बचने का आरोप लगाया गया है।
उन्होंने चीफ जस्टिस से अपील की कि वे इस मामले पर ध्यान दें और सुनिश्चित करें कि इमरान खान को कानून के अनुसार उनके व्यक्तिगत चिकित्सकों, लीगल काउंसल और परिवार के सदस्यों से ठीक से मिलने दिया जाए।