इमरान खान की आंखों का चौथा इलाज PIMS में, PTI ने मौलिक अधिकारों का मुद्दा फिर उठाया

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इमरान खान की आंखों का चौथा इलाज PIMS में, PTI ने मौलिक अधिकारों का मुद्दा फिर उठाया

सारांश

इमरान खान की आंखों का PIMS में चौथा इंजेक्शन लगाया गया और चिकित्सकीय सुधार दर्ज किया गया — लेकिन PTI का असली सवाल इलाज की गुणवत्ता नहीं, बल्कि यह है कि उन्हें अपने निजी डॉक्टरों और परिवार की मौजूदगी में इलाज का अधिकार क्यों नहीं मिल रहा। अदियाला जेल में बंद इस जोड़े के मामले में पारदर्शिता की मांग जारी है।

Key Takeaways

  • इमरान खान की आंखों का 28 अप्रैल को PIMS, इस्लामाबाद में चौथी बार इलाज हुआ।
  • उन्हें चौथा इंट्राविट्रियल एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन लगाया गया; ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी में चिकित्सकीय सुधार दिखा।
  • दाईं आंख की बीमारी सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) का पता जनवरी 2026 के अंत में चला था।
  • PTI चेयरमैन बैरिस्टर गोहर अली खान ने निजी डॉक्टरों और परिवार की मौजूदगी में इलाज को मौलिक अधिकार बताया।
  • इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी अभी भी रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं; बुशरा की आंखों की सर्जरी 17 अप्रैल को हुई थी।

पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की आंखों का 28 अप्रैल को पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS), इस्लामाबाद में चौथी बार इलाज किया गया। अस्पताल के प्रवक्ता के अनुसार, उन्हें चौथा इंट्राविट्रियल एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन लगाया गया और उसी दिन छुट्टी दे दी गई। इस बीच PTI ने एक बार फिर उनके निजी डॉक्टरों की देखरेख में इलाज के अधिकार का सवाल उठाया है।

इलाज का विवरण और चिकित्सकीय स्थिति

पाकिस्तानी दैनिक डॉन के अनुसार, PIMS के प्रवक्ता ने बताया कि 74 वर्षीय इमरान खान को 28 अप्रैल की सुबह अस्पताल लाया गया था और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। प्रक्रिया से पहले नेत्र विशेषज्ञों ने उनकी जांच की और उन्हें चिकित्सकीय रूप से स्थिर पाया।

अस्पताल के बयान के अनुसार, इमरान की ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी भी की गई, जिसमें चिकित्सकीय सुधार दिखाई दिया। उनकी दाईं आंख की बीमारी — सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) — का पता जनवरी के अंत में चला था।

इलाज की समयरेखा

अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, पहली चिकित्सा प्रक्रिया 24 जनवरी को संपन्न हुई थी। इसके बाद दूसरी डोज 24 फरवरी को और तीसरा इंजेक्शन 23 मार्च को लगाया गया था। अब 28 अप्रैल को चौथी बार यह प्रक्रिया दोहराई गई। गौरतलब है कि CRVO एक ऐसी स्थिति है जिसमें नियमित अंतराल पर इंट्राविट्रियल इंजेक्शन की आवश्यकता होती है।

PTI की आपत्ति और मौलिक अधिकारों का सवाल

PTI के चेयरमैन बैरिस्टर गोहर अली खान ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इलाज की पुष्टि की, लेकिन साथ ही पार्टी की पुरानी चिंता दोहराई। उन्होंने कहा,

Point of View

PTI मौलिक अधिकारों का सवाल उठाती है, और सरकार आरोप खारिज कर देती है। असली मुद्दा यह है कि पाकिस्तान में एक पूर्व प्रधानमंत्री को अपने निजी चिकित्सकों तक पहुंच से वंचित रखना कानूनी और नैतिक रूप से कितना उचित है — यह सवाल न्यायपालिका के सामने भी है। बुशरा बीबी की आंखों की सर्जरी का विवरण भी जेल अधिकारियों के माध्यम से आया, न कि परिवार से — जो पारदर्शिता की कमी को रेखांकित करता है। जब तक स्वतंत्र चिकित्सा निगरानी नहीं होती, सरकारी बयानों पर विश्वसनीयता का संकट बना रहेगा।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

इमरान खान की आंखों की बीमारी क्या है?
इमरान खान की दाईं आंख में सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) की बीमारी है, जिसका पता जनवरी 2026 के अंत में चला था। इस बीमारी में रेटिना की मुख्य नस में रुकावट आ जाती है, जिसके इलाज के लिए नियमित अंतराल पर इंट्राविट्रियल इंजेक्शन दिए जाते हैं।
इमरान खान को अब तक कितने इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं?
अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, इमरान खान को अब तक चार इंट्राविट्रियल एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं — 24 जनवरी, 24 फरवरी, 23 मार्च और 28 अप्रैल 2026 को। PIMS के अनुसार, ताजा जांच में चिकित्सकीय सुधार दिखाई दिया है।
PTI इमरान खान के इलाज पर क्या मांग कर रही है?
PTI की मांग है कि इमरान खान को किसी अन्य अस्पताल — जैसे शिफा इंटरनेशनल — में स्थानांतरित किया जाए, जहां उनके निजी डॉक्टर और परिवार के सदस्य मौजूद रह सकें। PTI चेयरमैन बैरिस्टर गोहर अली खान ने इसे इमरान का मौलिक अधिकार बताया है।
इमरान खान और बुशरा बीबी अभी कहां हैं?
इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी अभी रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। जेल अधिकारियों के अनुसार, बुशरा बीबी की भी 17 अप्रैल को रावलपिंडी के एक अस्पताल में आंखों की सर्जरी हुई थी।
पाकिस्तान सरकार और विपक्ष में इस मामले पर क्या विवाद है?
विपक्ष (PTI) लगातार सरकार पर पारदर्शिता की कमी, उचित इलाज न देने और निजी डॉक्टरों को मिलने की अनुमति न देने का आरोप लगाता रहा है। सरकार इन सभी आरोपों को खारिज करती रही है और PIMS में दिए जा रहे इलाज को पर्याप्त बताती है।
Nation Press