यूके ने ईरानी राजदूत को तलब किया, सोशल मीडिया पोस्ट को बताया भड़काऊ और अस्वीकार्य

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यूके ने ईरानी राजदूत को तलब किया, सोशल मीडिया पोस्ट को बताया भड़काऊ और अस्वीकार्य

सारांश

ब्रिटेन ने ईरानी दूतावास की सोशल मीडिया पोस्ट को भड़काऊ बताते हुए राजदूत को तलब किया। मंत्री फाल्कनर ने साफ चेतावनी दी कि हिंसा उकसाने वाली किसी भी पोस्ट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह पिछले महीने की राजनयिक तलबी के बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जो ब्रिटेन-ईरान संबंधों में बढ़ते तनाव का संकेत है।

Key Takeaways

  • FCDO ने 28 अप्रैल 2026 को ईरान के राजदूत को सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणियों के चलते तलब किया।
  • मध्य पूर्व मंत्री हैमिश फाल्कनर ने राजदूत को सीधे चेतावनी दी कि हिंसा उकसाने वाली पोस्ट अस्वीकार्य हैं।
  • ब्रिटेन ने ईरान की ब्रिटिश धरती पर गतिविधियों, खाड़ी में हमलों और नागरिकों पर हिंसा पर जवाबदेही की चेतावनी दी।
  • पिछले महीने भी ईरानी राजदूत को तलब किया गया था, जब एक ईरानी नागरिक और एक ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत आरोप लगे थे।
  • ब्रिटेन ने ईरान की गतिविधियों को

ब्रिटेन के फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को ईरान के राजदूत को तलब किया। यह कदम ईरानी दूतावास की सोशल मीडिया पर की गई उन टिप्पणियों के जवाब में उठाया गया, जिन्हें ब्रिटेन ने आपत्तिजनक और भड़काऊ करार दिया। मध्य पूर्व मामलों के मंत्री हैमिश फाल्कनर ने राजदूत को सीधे तलब किया और स्पष्ट चेतावनी दी।

मंत्री फाल्कनर का कड़ा संदेश

हैमिश फाल्कनर ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की हरकतें और बयान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जा सकते। उन्होंने ईरानी दूतावास को निर्देश दिया कि वह किसी भी ऐसी पोस्ट या टिप्पणी से बचे, जिसे ब्रिटेन या किसी अन्य देश में हिंसा को बढ़ावा देने के रूप में समझा जा सके। FCDO ने इस बैठक का आधिकारिक ब्यौरा जारी करते हुए यह जानकारी सार्वजनिक की।

ब्रिटेन की व्यापक चिंताएँ

ब्रिटिश सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की गतिविधियों पर लगातार नज़र रखी जाएगी और उसे उसके कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। इनमें ब्रिटेन की धरती पर की जा रही गतिविधियाँ, खाड़ी क्षेत्र में सहयोगी देशों पर हमले और ईरान के अपने नागरिकों के साथ होने वाली हिंसा शामिल हैं। गौरतलब है कि ब्रिटेन ने ईरान की नीतियों को

Point of View

बल्कि बढ़ते द्विपक्षीय तनाव की स्पष्ट अभिव्यक्ति है। उल्लेखनीय यह है कि ब्रिटेन ने अभी तक यह सार्वजनिक नहीं किया कि आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट में वास्तव में क्या था — पारदर्शिता की यह कमी खुद सवाल खड़े करती है। ईरान पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मुकदमों और अब डिजिटल कूटनीति पर टकराव के बीच, ब्रिटेन-ईरान संबंध एक नए और जटिल मोड़ पर हैं।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

यूके ने ईरानी राजदूत को क्यों तलब किया?
ब्रिटेन ने ईरानी दूतावास की सोशल मीडिया पर की गई उन टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए 28 अप्रैल 2026 को राजदूत को तलब किया, जिन्हें FCDO ने भड़काऊ और हिंसा उकसाने वाला बताया। मंत्री हैमिश फाल्कनर ने राजदूत को सीधे चेतावनी दी।
कौन-सी सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताई गई?
ब्रिटिश सरकार ने अभी तक यह सार्वजनिक नहीं किया है कि ईरानी दूतावास की कौन-सी विशेष पोस्ट आपत्तिजनक थी। मंत्री फाल्कनर ने केवल यह कहा कि ऐसी कोई भी सामग्री जो हिंसा को बढ़ावा दे, अस्वीकार्य है।
क्या पहले भी ब्रिटेन ने ईरानी राजदूत को तलब किया था?
हाँ, पिछले महीने भी ब्रिटेन ने ईरानी राजदूत को तलब किया था। उस समय एक ईरानी नागरिक और एक ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत विदेशी खुफिया सेवा की मदद करने के आरोप लगाए गए थे।
ब्रिटेन ने ईरान को किन गतिविधियों पर जवाबदेह ठहराने की बात कही?
ब्रिटेन ने तीन प्रमुख क्षेत्रों में ईरान को जवाबदेह ठहराने की बात कही — ब्रिटिश धरती पर की जा रही गतिविधियाँ, खाड़ी क्षेत्र में सहयोगी देशों पर हमले, और ईरान के अपने नागरिकों के साथ होने वाली हिंसा।
इस घटना का ब्रिटेन-ईरान संबंधों पर क्या असर होगा?
यह लगातार दूसरी राजनयिक तलबी ब्रिटेन-ईरान संबंधों में बढ़ते तनाव का संकेत है। ब्रिटेन ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान की 'खतरनाक और अस्थिर करने वाली' गतिविधियों को देश और विदेश दोनों जगह उजागर करता रहेगा।
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