इमरान खान पाँचवीं बार PIMS पहुँचे, बहन अलीमा ने उठाए इलाज पर गंभीर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 16 जून 2025 को पाँचवीं बार पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (PIMS), इस्लामाबाद ले जाया गया, जहाँ उन्हें आँखों की बीमारी के लिए एक और एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने उन्हें चिकित्सकीय रूप से स्थिर बताया है, लेकिन उनकी बहन अलीमा खान ने सरकार द्वारा दी जा रही जानकारी और इलाज की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
इमरान खान को आँखों की तकलीफ जनवरी 2025 के अंत में सामने आई थी। तब से अब तक उन्हें कई बार इंजेक्शन दिए जा चुके हैं और यह उनका पाँचवाँ अस्पताल दौरा है। सोमवार, 16 जून को जेल प्रशासन उन्हें फॉलो-अप इलाज के लिए PIMS ले गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को स्थिर बताया।
अलीमा खान ने मंगलवार, 17 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्हें 15 जून की सुबह इमरान खान को PIMS ले जाए जाने की सूचना मिली। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मुहैया कराई गई किसी भी जानकारी पर उन्हें रत्ती भर भरोसा नहीं है।
अलीमा खान के आरोप
अलीमा खान ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन पहले भी इमरान खान की स्थिति को लेकर 'संदिग्ध दावे' करता रहा है — जिनमें यह कहा गया था कि उनकी 90 प्रतिशत दृष्टि ठीक हो चुकी है, जबकि इमरान खान ने स्वयं इन दावों को खारिज किया था।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पाँचवीं बार इंजेक्शन की ज़रूरत क्यों पड़ रही है और माँग की कि इमरान खान का इलाज शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल, इस्लामाबाद में स्वतंत्र और योग्य विशेषज्ञों द्वारा कराया जाए।
परिवार के अधिकारों का उल्लंघन
अलीमा खान ने यह भी दावा किया कि अदालत ने इमरान खान से हर मंगलवार को छह परिवार के सदस्यों को मिलने की अनुमति दी थी, लेकिन पिछले कई महीनों से इस आदेश का पालन नहीं हो रहा। उनके अनुसार, जेल मैनुअल के तहत इमरान खान को परिवार से नियमित मुलाकात, वकीलों से संपर्क, किताबें व समाचार तक पहुँच और उचित चिकित्सा सुविधा का अधिकार है — किंतु इनमें से किसी का भी पालन नहीं हो रहा।
सरकार और विपक्ष में टकराव
इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। विपक्ष का कहना है कि इमरान खान को उचित और पारदर्शी चिकित्सा सुविधा नहीं दी जा रही, जबकि सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है। प्रमुख अंग्रेजी दैनिक डॉन के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने इस दौरे को नियमित फॉलो-अप बताया है।
आगे क्या होगा
अलीमा खान की माँग है कि इमरान खान का इलाज किसी स्वतंत्र अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए और परिवार को नियमित मुलाकात की अनुमति दी जाए। यह देखना होगा कि अदालत इस मामले में हस्तक्षेप करती है या नहीं, और क्या सरकार चिकित्सा रिपोर्टों को सार्वजनिक करती है।