29 अगस्त 2026
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इमरान खान की बहन उज्मा ने पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में फिर दायर की याचिका, जल्द सुनवाई की माँग

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इमरान खान की बहन उज्मा ने पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में फिर दायर की याचिका, जल्द सुनवाई की माँग

सारांश

इमरान खान की बहन उज्मा खान ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है — इस बार 18 अगस्त के उस आदेश की अनदेखी को लेकर जिसमें खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का निर्देश था। उनका कहना है कि जेल में इमरान की सेहत बिगड़ रही है और अदालती आदेश की खुली अवहेलना उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

मुख्य बातें

उज्मा खान ने 27 अगस्त 2026 को पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर कर अवमानना मामले पर तत्काल सुनवाई की माँग की।
सुप्रीम कोर्ट का 18 अगस्त का आदेश था कि इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल स्थानांतरित किया जाए, लेकिन कथित तौर पर उन्हें PIMS ले जाया गया।
अदालत ने अवमानना याचिका की सुनवाई 16 सितंबर के लिए निर्धारित की है; 25 अगस्त को रजिस्ट्रार ने तत्काल सुनवाई की माँग खारिज की थी।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं; PTI के अनुसार उनके खिलाफ मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।
संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत ऐलिस जिल एडवर्ड्स ने पिछले महीने इमरान खान की हिरासत की परिस्थितियों पर चिंता जताई थी।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन उज्मा खान ने 27 अगस्त 2026 को पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की, जिसमें अदालत की अवमानना मामले पर तत्काल सुनवाई की माँग की गई है। यह याचिका 18 अगस्त के उस आदेश के उल्लंघन को लेकर दाखिल हुई है, जिसमें अदालत ने अधिकारियों को इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था।

मामले का पृष्ठभूमि

18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए और उनके परिवार को साप्ताहिक मुलाकात की सुविधा दी जाए। उज्मा खान का आरोप है कि इस आदेश का पालन जानबूझकर नहीं किया गया। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल के बजाय पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया।

उज्मा की याचिका में मुख्य दलीलें

याचिका में उज्मा खान ने तर्क दिया है कि अदालत के आदेशों की लगातार अनदेखी इमरान खान के मौलिक अधिकारों — जीवन, स्वास्थ्य और शारीरिक सुरक्षा — का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि जेल में इमरान खान की सेहत लगातार बिगड़ रही है और यह स्थिति अत्यंत गंभीर है।

उन्होंने अदालत से माँग की कि अवमानना याचिका पर सुनवाई इसी सप्ताह या अगले सप्ताह के भीतर सुनिश्चित की जाए। गौरतलब है कि 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने तत्काल सुनवाई की उनकी पहली माँग खारिज कर दी थी, जिसके बाद यह नई याचिका दाखिल की गई। अदालत ने अवमानना याचिका की सुनवाई 16 सितंबर के लिए निर्धारित की है।

इमरान खान की हिरासत और राजनीतिक संदर्भ

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का दावा है कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के ज़रिए सत्ता से हटाए जाने के बाद से उन पर राज्य उपहार और कथित अवैध विवाह सहित कई मामलों में कार्रवाई हुई है।

अंतरराष्ट्रीय चिंता

पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत ऐलिस जिल एडवर्ड्स ने इमरान खान की हिरासत की परिस्थितियों और उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा न मिलने पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने पाकिस्तान से अपील की थी कि इमरान खान को मानवीय परिस्थितियाँ और अपनी पसंद के डॉक्टर से इलाज की अनुमति दी जाए।

आगे क्या होगा

अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि क्या वह उज्मा खान की तत्काल सुनवाई की माँग स्वीकार करता है या 16 सितंबर की निर्धारित तारीख पर ही सुनवाई होती है। यह मामला पाकिस्तान में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कार्यपालिका के अनुपालन के व्यापक सवालों से जुड़ा हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी उसका पालन कथित तौर पर नहीं हुआ — यह संस्थागत जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाता है। संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत की चिंता और अब बार-बार दायर होती याचिकाएँ यह दर्शाती हैं कि इमरान खान का मामला अब केवल पाकिस्तान की घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रहा। मुख्यधारा की कवरेज जो बात अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि अदालती आदेशों की इस तरह की अनदेखी — चाहे वह किसी भी कारण से हो — पाकिस्तान की न्यायिक विश्वसनीयता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर कमज़ोर करती है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उज्मा खान ने पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका क्यों दायर की?
उज्मा खान ने यह याचिका इसलिए दायर की क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के 18 अगस्त के उस आदेश का पालन नहीं हुआ जिसमें इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल स्थानांतरित करने का निर्देश था। उनका कहना है कि जेल में इमरान खान की सेहत लगातार बिगड़ रही है और यह उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट का 18 अगस्त का आदेश क्या था?
18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए और उनके परिवार को साप्ताहिक मुलाकात की सुविधा दी जाए। उज्मा खान का आरोप है कि इसके बजाय उन्हें PIMS ले जाया गया।
अवमानना याचिका पर अगली सुनवाई कब होगी?
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना याचिका की सुनवाई 16 सितंबर के लिए निर्धारित की है। उज्मा खान ने माँग की है कि सुनवाई इसी सप्ताह या अगले सप्ताह कराई जाए, लेकिन 25 अगस्त को रजिस्ट्रार कार्यालय ने तत्काल सुनवाई की माँग खारिज कर दी थी।
इमरान खान कब से जेल में हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के ज़रिए सत्ता से हटाए जाने के बाद उन पर राज्य उपहार और कथित अवैध विवाह सहित कई मामलों में कार्रवाई हुई है। उनकी पार्टी PTI का दावा है कि ये सभी मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने इमरान खान की हिरासत पर क्या कहा है?
पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत ऐलिस जिल एडवर्ड्स ने इमरान खान की हिरासत की परिस्थितियों और उचित चिकित्सा सुविधा न मिलने पर चिंता जताई थी। उन्होंने पाकिस्तान से अपील की थी कि इमरान खान को मानवीय परिस्थितियाँ और अपनी पसंद के डॉक्टर से इलाज की अनुमति दी जाए।
राष्ट्र प्रेस
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