21 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

इमरान खान को शिफा नहीं, पिम्स ले गई सरकार — बहन उज्मा का आरोप: सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इमरान खान को शिफा नहीं, पिम्स ले गई सरकार — बहन उज्मा का आरोप: सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने शिफा इंटरनेशनल का आदेश दिया, सरकार ने PIMS भेजा — इमरान खान की बहन उज्मा का आरोप है कि यह सीधी अदालत की अवमानना है। KP के मुख्यमंत्री ने कहा, 'तीन जजों का फैसला कूड़ेदान में फेंका गया।' पाकिस्तान में न्यायपालिका और सरकार का टकराव नई ऊंचाई पर।

मुख्य बातें

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने का निर्देश दिया था।
सरकार ने आदेश की अनदेखी कर इमरान को सरकारी अस्पताल PIMS भेजा — सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने इसकी पुष्टि की।
बहन उज्मा खान ने 21 अगस्त को इस्लामाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर अदालत की अवमानना और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया।
इमरान का ब्लड प्रेशर सामान्य है, आंखों की रोशनी में सुधार है, लेकिन थोड़ी हैमरेज अभी भी बाकी है।
KP के मुख्यमंत्री अफरीदी ने कहा कि तीन जजों का फैसला 'कूड़ेदान में फेंका गया' और जजों को अब अपने आदेश लागू करवाने होंगे।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत के स्पष्ट निर्देश के बावजूद शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल नहीं, बल्कि सरकारी अस्पताल पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया। इमरान की बहन उज्मा खान ने 21 अगस्त को इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर अदालत के आदेश की खुली अवहेलना का आरोप लगाया और कहा कि अदियाला जेल में उनके भाई को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

अदालत का आदेश और सरकार का रुख

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया था कि इमरान खान को चिकित्सा जांच के लिए शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया जाए। गुरुवार की रात उस अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती ने यह संकेत दिया था कि आदेश का पालन होने वाला है। हालांकि, सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने शुक्रवार को पुष्टि की कि इमरान को शिफा के बजाय सरकार द्वारा संचालित PIMS ले जाया गया — जो अदालत के निर्देश से सीधा विचलन है।

उज्मा खान का बयान: 'चारों ओर अंधेरा था'

उज्मा खान, जो गुरुवार रात इमरान की मेडिकल जांच के दौरान मौजूद थीं, ने अपने निजी डॉक्टर डॉ. फैसल सुल्तान के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उन्हें अदियाला जेल पहुंचने का अचानक फोन आया। वहां पहुंचने पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कई सवाल पूछे, लेकिन किसी ने भी जवाब नहीं दिया।

उज्मा ने बताया कि उन्हें सीधे PIMS ले जाया गया, जहां हालात बेहद असामान्य थे। उनके शब्दों में, "चारों ओर अंधेरा था" और एक व्यक्ति ने रास्ता दिखाने के लिए अपने मोबाइल की टॉर्च का सहारा लिया। जब वे इमरान से मिलीं तो वे उन्हें देखकर हैरान रह गए। उज्मा के अनुसार, पूरे समय इमरान बस यही कहते रहे कि उनके साथ 'क्रूरता' की जा रही है।

इमरान खान की सेहत का ताज़ा हाल

उज्मा खान ने बताया कि इमरान का ब्लड प्रेशर सामान्य है और उनकी आंखों की रोशनी में भी कुछ सुधार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि "थोड़ी सी ब्लीडिंग (हैमरेज) अभी बाकी है।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर अदियाला जेल में इमरान को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।

केपी के मुख्यमंत्री की तीखी प्रतिक्रिया

खैबर पख्तूनख्वा (KP) के मुख्यमंत्री अफरीदी ने भी इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार और प्रशासन के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों के फैसले को कूड़ेदान में फेंक दिया गया" और यह कृत्य सीधे अदालत की अवमानना है।

अफरीदी ने पाकिस्तान के न्यायपालिका को चेतावनी देते हुए कहा, "अब देशभर के जजों को यह तय करना होगा कि वे अपने फैसलों को लागू करवाएं या अदालतें बंद कर दें।" उन्होंने अदालतों से अपील की कि वे इस मामले को गंभीरता से लें।

आगे क्या होगा

यह मामला पाकिस्तान में न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच बढ़ते टकराव का ताज़ा उदाहरण है। गौरतलब है कि इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं और उनके समर्थक लगातार उनकी रिहाई और बेहतर चिकित्सा सुविधा की मांग करते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी के बाद अब यह देखना होगा कि अदालत इस पर क्या कदम उठाती है और क्या सरकार को किसी कानूनी परिणाम का सामना करना पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह पाकिस्तान में शक्ति संतुलन की गहरी विकृति को उजागर करता है। KP के मुख्यमंत्री की यह चेतावनी कि 'अदालतें बंद कर दें' — अतिशयोक्ति भले लगे, लेकिन यह उस संस्थागत संकट की असली गहराई को दर्शाती है जिसमें पाकिस्तान की न्यायपालिका आज फंसी है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल की जगह PIMS क्यों ले जाया गया?
पाकिस्तान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की अनदेखी की जिसमें इमरान को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने का निर्देश था, और इसके बजाय उन्हें सरकारी अस्पताल PIMS भेजा। सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने स्वयं इस बात की पुष्टि की।
इमरान खान की मौजूदा सेहत कैसी है?
बहन उज्मा खान के अनुसार इमरान का ब्लड प्रेशर सामान्य है और आंखों की रोशनी में सुधार हुआ है। हालांकि उन्होंने बताया कि थोड़ी हैमरेज अभी भी बाकी है।
उज्मा खान ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उज्मा खान ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर अदियाला जेल में इमरान को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि PIMS ले जाने के दौरान उन्हें पुलिस अधिकारियों के किसी भी सवाल का जवाब नहीं मिला और हालात बेहद असामान्य थे।
KP के मुख्यमंत्री अफरीदी ने इस मामले पर क्या कहा?
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अफरीदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों के फैसले को 'कूड़ेदान में फेंक दिया गया' और यह अदालत की अवमानना है। उन्होंने पाकिस्तान के जजों से अपील की कि वे या तो अपने फैसले लागू करवाएं या अदालतें बंद कर दें।
क्या इमरान खान मामले में अदालत की अवमानना हो सकती है?
PTI और KP सरकार के नेताओं का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश की अनदेखी अदालत की अवमानना है। अब यह देखना होगा कि सर्वोच्च न्यायालय इस पर क्या संज्ञान लेता है और सरकार को किसी कानूनी परिणाम का सामना करना पड़ता है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 घंटे पहले
  2. कल
  3. 3 दिन पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले