18 अक्टूबर 2026
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इमरान खान की बहनों को अदियाला जेल में मुलाकात से रोका, अदालती आदेशों की अनदेखी जारी

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इमरान खान की बहनों को अदियाला जेल में मुलाकात से रोका, अदालती आदेशों की अनदेखी जारी

सारांश

अदियाला जेल में इमरान खान की बहनें साढ़े चार घंटे इंतजार करती रहीं — और खाली हाथ लौटीं। IHC के आदेश के ठीक अगले दिन जेल प्रशासन की यह कार्रवाई पाकिस्तान में न्यायपालिका और राज्य-तंत्र के बीच गहराते टकराव को उजागर करती है।

मुख्य बातें

इमरान खान की तीन बहनों को मंगलवार दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक अदियाला जेल में मुलाकात से रोका गया।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने एक दिन पहले ही जेल अधिकारियों को जेल मैनुअल के अनुसार चलने का आदेश दिया था।
PTI ने इसे सर्वोच्च न्यायालय और IHC के आदेशों का सीधा उल्लंघन बताया है।
18 अगस्त के सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद 21 अगस्त को इमरान खान को PIMS ले जाया गया, शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल नहीं — अदालती निर्देश का आंशिक पालन।
सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को अवमानना याचिका पर जल्द सुनवाई की माँग वाली अर्जी खारिज की।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं; PTI सभी मामलों को राजनीति से प्रेरित बताती है।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों को 2 सितंबर 2025 को एक बार फिर रावलपिंडी की अदियाला जेल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई — और यह तब हुआ जब इस्लामाबाद हाईकोर्ट (IHC) ने एक दिन पहले ही जेल अधिकारियों को जेल मैनुअल के अनुसार चलने का स्पष्ट निर्देश दिया था। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खान की पत्नी बुशरा बीबी से भी उनका परिवार नहीं मिल सका।

मुलाकात से रोके जाने का घटनाक्रम

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वकील एडवोकेट अवैस यूनुस चौधरी ने बताया कि इमरान खान की तीन बहनें मंगलवार को दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक अदियाला जेल के बाहर मुलाकात का इंतजार करती रहीं। इसके बावजूद जेल अधिकारियों ने उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं दी। PTI ने इस कदम को सर्वोच्च न्यायालय और इस्लामाबाद हाईकोर्ट के आदेशों का सीधा उल्लंघन करार दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश और उनकी अनदेखी

18 अगस्त को पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि इमरान खान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया जाए और परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने दिया जाए। रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों ने 21 अगस्त को उन्हें पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले गए — शिफा हॉस्पिटल नहीं — और डॉक्टरों के 'मेडिकली फिट' बताने के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया। इस प्रकार अदालत के आदेश का पालन केवल आंशिक रूप से हुआ।

PTI की प्रतिक्रिया और कानूनी मोर्चा

PTI ने जेल प्रशासन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उच्च न्यायपालिका के आदेशों को नजरअंदाज करना 'बेहद गंभीर' मामला है। पार्टी ने संबंधित अधिकारियों से माँग की कि इमरान खान और बुशरा बीबी को कानून के अनुसार परिवार से मिलने का अधिकार दिया जाए। गौरतलब है कि सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय ने इमरान खान की बहन की वह अर्जी खारिज कर दी थी जिसमें 18 अगस्त के आदेश को लागू न करने पर दायर अवमानना याचिका पर जल्द सुनवाई की माँग की गई थी।

इमरान खान की कैद का पृष्ठभूमि

इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाए जाने के बाद उन पर भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामलों में सजा सुनाई गई है। PTI कथित तौर पर इन सभी मामलों को राजनीति से प्रेरित बताती आई है। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।

आगे क्या होगा

PTI ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को अदालत में फिर से उठाएगी। अदालती आदेशों की बार-बार अनदेखी को देखते हुए कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अवमानना की कार्यवाही तेज हो सकती है। जेल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अवमानना याचिकाओं की अस्वीकृति, और अब IHC निर्देश की अनदेखी — ये सब मिलकर संकेत देते हैं कि पाकिस्तान में न्यायिक आदेशों की कार्यकारी स्तर पर प्रभावशीलता गंभीर रूप से कमजोर हो रही है। सवाल यह नहीं कि अगली याचिका कब दाखिल होगी — सवाल यह है कि जब अदालतें आदेश दें और राज्य-तंत्र उन्हें नजरअंदाज करे, तो न्यायिक प्राधिकार का क्या अर्थ बचता है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान खान की बहनों को अदियाला जेल में मुलाकात से क्यों रोका गया?
जेल प्रशासन ने कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया, लेकिन PTI के अनुसार यह सर्वोच्च न्यायालय और इस्लामाबाद हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। तीनों बहनें मंगलवार को दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक इंतजार करती रहीं, पर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन को क्या आदेश दिया था?
IHC ने मुलाकात से ठीक एक दिन पहले जेल अधिकारियों को जेल मैनुअल के अनुसार चलने का निर्देश दिया था, जिसमें परिवार के सदस्यों को मिलने देने का प्रावधान है। इस आदेश के बावजूद मुलाकात नहीं हुई।
सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को क्या आदेश दिया था और उसका पालन हुआ?
18 अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय ने इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने और परिवार से मिलने देने का आदेश दिया था। 21 अगस्त को अधिकारी उन्हें शिफा की बजाय PIMS ले गए और 'मेडिकली फिट' बताए जाने के बाद वापस जेल भेज दिया — यानी आदेश का पालन आंशिक ही रहा।
इमरान खान कब से जेल में हैं और किन मामलों में?
इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव से सत्ता से हटाए जाने के बाद उन्हें भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामलों में सजा सुनाई गई है। PTI इन सभी मामलों को राजनीति से प्रेरित बताती है।
PTI ने इस घटना पर क्या कहा और आगे क्या कदम उठाएगी?
PTI ने इसे उच्च न्यायपालिका के आदेशों की 'बेहद गंभीर' अनदेखी बताया है और जेल अधिकारियों से अदालती निर्देशों का पालन करने की माँग की है। पार्टी ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को अदालत में फिर से उठाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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