नितेश राणे का तीखा हमला: अमित ठाकरे को नहीं मिल रही मीडिया कवरेज, हिंदू राष्ट्र के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता नितेश राणे ने बुधवार, 2 सितंबर को मुंबई में एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कई राजनीतिक और संवेदनशील मुद्दों पर बेबाक बयान दिए। उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) नेता अमित ठाकरे को मीडिया में पर्याप्त कवरेज न मिलने की बात उठाई और साथ ही 'हिंदू राष्ट्र', कथित 'देश-विरोधी गतिविधियों' तथा कांग्रेस की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। राणे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे हिंदू राष्ट्र की स्थापना के लिए 'किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।'
अमित ठाकरे और मीडिया कवरेज का मुद्दा
मंत्री नितेश राणे से जब अमित ठाकरे को मीडिया में पर्याप्त प्रचार न मिलने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मीडिया उन्हें उचित कवरेज नहीं दे रहा। उन्होंने पुणे में BJP के एक बड़े कार्यक्रम का संदर्भ देते हुए कहा कि वहाँ बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद थे, इसलिए सभी नेताओं को समान कवरेज मिलना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था। उनके अनुसार, मीडिया कवरेज की परिस्थितियों को समझना जरूरी है।
हिंदू राष्ट्र और देश-विरोधी गतिविधियों पर राणे का रुख
राणे ने कहा कि जो लोग देश के खिलाफ या हिंदू राष्ट्र के खिलाफ खड़े होते हैं, उन्हें राजनीतिक और वैचारिक स्तर पर जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'जहाँ अल्लाह-हू-अकबर सुनाई देगा, वहाँ जय श्री राम भी सुनाई देगा,' और साथ ही 'हम तुम्हें धूल में मिला देंगे' जैसे शब्दों का भी प्रयोग किया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारत को हिंदू राष्ट्र माना जाता है और हिंदू समुदाय अपनी जमीन तथा पहचान के लिए आवाज उठाता है, तो उसे गलत नहीं ठहराया जा सकता।
योगी आदित्यनाथ की तारीफ, पाकिस्तान और बांग्लादेश का संदर्भ
राणे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'देशभक्त और कट्टर हिंदू' बताया। उन्होंने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि यदि वहाँ कोई व्यक्ति पाकिस्तान के खिलाफ 'जय श्री राम' का नारा लगाए या राष्ट्रगान गाने से इनकार करे, तो उसके साथ क्या व्यवहार होगा। इसी संदर्भ में उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इस विषय पर पर्याप्त चर्चा और रिपोर्टिंग नहीं हो रही।
कांग्रेस और मुस्लिम लीग पर हमला
कांग्रेस की आलोचना करते हुए राणे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास इन मुद्दों पर कहीं अधिक जानकारी है और कांग्रेस की भाषा तथा मुस्लिम लीग की भाषा के बीच का अंतर लगातार कम होता जा रहा है। उनके अनुसार, कांग्रेस की भाषा कई बार पाकिस्तान की संसद में बोली जाने वाली भाषा जैसी प्रतीत होती है। उन्होंने BJP की कार्यकारिणी बैठक में फडणवीस के भाषण का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कुछ ताकतें राजनीतिक नेताओं को 'मोहरा' बनाकर इस्तेमाल कर रही हैं।
सोनिया गांधी और वंदे मातरम विवाद
राणे ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के कथित 'वंदे मातरम' संबंधी रुख पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सोनिया गांधी ने पूरा 'वंदे मातरम' गाने के बजाय इसे कुछ छंदों तक सीमित रखने की बात कही थी। राणे ने इसे 'विभाजनकारी' और 'तुष्टिकरण की राजनीति' करार देते हुए कहा कि धर्मनिरपेक्षता की बात होती है, तो उसमें हिंदुओं को भी समान रूप से शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने 'अर्बन नक्सल' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस्तेमाल किए गए 'आइडियोलॉजिकल नक्सल' जैसे शब्दों का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि ऐसी ताकतें 'गजवा-ए-हिंद' के जरिए भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की कोशिश करने वाले तत्वों का समर्थन कर रही हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में हिंदुत्व और पहचान के मुद्दे तेजी से केंद्र में आ रहे हैं।