2 सितंबर 2026
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रोहिणी हत्या-लूट कांड: मृतक राकेश खन्ना की भतीजी सिमरन समेत तीन गिरफ्तार, चौथा आरोपी फरार

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रोहिणी हत्या-लूट कांड: मृतक राकेश खन्ना की भतीजी सिमरन समेत तीन गिरफ्तार, चौथा आरोपी फरार

सारांश

रोहिणी में बुजुर्ग राकेश खन्ना की लूट और हत्या की साजिश उन्हीं के घर की जानकार ने रची — मृतक की भतीजी सिमरन तनेजा, एक स्कूल शिक्षिका, मुख्य आरोपी निकली। घटना से दो दिन पहले रेकी, चार सदस्यीय गिरोह, और ₹1.5 लाख की लूट — दिल्ली पुलिस ने तीन को दबोचा, एक अभी भी फरार।

मुख्य बातें

1 सितंबर 2026 की शाम रोहिणी सेक्टर-3 के मकान नंबर जी-30/67-68 में लूट और हत्या की वारदात हुई।
पीड़ित राकेश खन्ना (लगभग 60 वर्ष) को जयपुर गोल्डन अस्पताल में मृत घोषित किया गया।
मुख्य आरोपी मृतक की भतीजी सिमरन तनेजा (23 वर्ष), पेशे से प्राइमरी स्कूल शिक्षिका; साथ में चिराग (जिम ट्रेनर) और पारस (12वीं छात्र) गिरफ्तार।
घर से करीब ₹1.5 लाख नकद और सोने के गहने लूटे गए; पुलिस ने ₹70,000 नकद व कुछ गहने बरामद किए।
वारदात से दो दिन पहले 30 अगस्त को आरोपियों ने मकान की रेकी की थी।
चौथा आरोपी हिमांशु (जिम मालिक, बुराड़ी) अभी फरार है; पुलिस छापेमारी जारी।

दिल्ली पुलिस ने रोहिणी के सेक्टर-3 में 1 सितंबर 2026 को हुई लूट और हत्या की वारदात का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मृतक राकेश खन्ना (लगभग 60 वर्ष) की भतीजी सिमरन तनेजा भी शामिल है, जिसे पुलिस ने इस साजिश की मुख्य सूत्रधार बताया है। चौथा आरोपी हिमांशु अभी भी फरार है और उसकी तलाश में पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं।

घटनाक्रम: कैसे सामने आई वारदात

1 सितंबर 2026 की रात 8:14 बजे पुलिस को मकान नंबर जी-30/67-68, सेक्टर-3, रोहिणी से घर में चोरी और एक व्यक्ति के बेहोश होने की पीसीआर कॉल मिली। परिजन पीड़ित राकेश खन्ना को तुरंत जयपुर गोल्डन अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार शाम करीब 7:30 बजे तीन आरोपी घर के भीतर घुसे, जबकि चौथा साथी बाहर पहरेदारी कर रहा था। जाँच में यह भी सामने आया कि घटना से दो दिन पहले, 30 अगस्त को, आरोपियों ने मकान की रेकी की थी — यानी यह वारदात पूर्व-नियोजित थी।

लूट का माल और बरामदगी

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने घर से करीब ₹1.5 लाख नकद और कुछ सोने के गहने लूटे। जाँच के दौरान पुलिस ने करीब ₹70,000 नकद और लूटे गए सोने के कुछ गहने बरामद कर लिए हैं। शेष राशि और आभूषणों की तलाश जारी है।

आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि

गिरफ्तार तीनों आरोपी बुराड़ी इलाके से हैं। पहली आरोपी सिमरन तनेजा (23 वर्ष), दलीप तनेजा की बेटी है और पेशे से प्राइमरी स्कूल शिक्षिका है। पुलिस ने उसे साजिश की मुख्य आरोपी बताया है।

दूसरा आरोपी चिराग (22 वर्ष), अवधेश का बेटा है और बाबा कॉलोनी, बुराड़ी स्थित 'द बीस्ट जिम' में जिम ट्रेनर के रूप में काम करता है। तीसरा आरोपी पारस (19 वर्ष), अनिल कुमार का बेटा और बाबा कॉलोनी का निवासी है। वह 12वीं कक्षा का छात्र है और पुलिस के अनुसार इससे पहले भी मुखर्जी नगर थाने में दर्ज एक मामले में उसकी संलिप्तता रही है।

फरार चौथे आरोपी हिमांशु की पहचान बुराड़ी के एक जिम मालिक के रूप में हुई है। पुलिस टीमें उसे दबोचने के लिए सक्रिय छापेमारी कर रही हैं।

पुलिस की निगरानी और जाँच टीम

यह ऑपरेशन स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर, जोन-I) देवेश चंद्र श्रीवास्तव और जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (नॉर्दर्न रेंज) विजय सिंह की देखरेख में चलाया गया। रोहिणी जिले के डीसीपी शशांक जायसवाल के नेतृत्व में कई विशेष टीमें तैनात की गई थीं। पीसीआर कॉल मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल और घटनास्थल दोनों पर पहुँचे। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) और क्राइम टीम ने मिलकर मौके का निरीक्षण किया।

आगे की जाँच

पुलिस का कहना है कि हर आरोपी की भूमिका और वारदात के पूरे क्रम की विस्तृत जाँच की जा रही है। फरार आरोपी हिमांशु की गिरफ्तारी के साथ ही मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। यह मामला इस लिहाज से भी चिंताजनक है कि मृतक के अपने परिवार की सदस्य ही साजिश में शामिल पाई गई — जो पारिवारिक विश्वास के साथ हुए गंभीर विश्वासघात को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक चेतावनी है — जब परिवार का सदस्य ही साजिश का केंद्र बने, तो जाँच की जटिलता कई गुना बढ़ जाती है। एक स्कूल शिक्षिका का मुख्य आरोपी होना और एक किशोर छात्र का इस गिरोह में शामिल होना दर्शाता है कि आर्थिक प्रलोभन किस तरह सामाजिक बाधाओं को तोड़ रहा है। दिल्ली में घर के भीतर लूट-हत्या की ऐसी पूर्व-नियोजित वारदातें बढ़ रही हैं जिनमें 'इनसाइडर नॉलेज' का दुरुपयोग होता है — यह पुलिस और समाज दोनों के लिए गहरी चिंता का विषय है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहिणी हत्या-लूट मामले में क्या हुआ?
1 सितंबर 2026 की शाम रोहिणी सेक्टर-3 में राकेश खन्ना (लगभग 60 वर्ष) के घर में चार सदस्यीय गिरोह ने घुसकर लूटपाट की और उनकी हत्या कर दी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
इस मामले में कौन-कौन गिरफ्तार हुए हैं?
दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है — मृतक की भतीजी सिमरन तनेजा (23 वर्ष, स्कूल शिक्षिका), चिराग (22 वर्ष, जिम ट्रेनर) और पारस (19 वर्ष, 12वीं छात्र)। चौथा आरोपी हिमांशु (जिम मालिक) अभी फरार है।
क्या लूटा गया और कितना बरामद हुआ?
आरोपियों ने घर से करीब ₹1.5 लाख नकद और सोने के गहने लूटे। पुलिस ने अब तक करीब ₹70,000 नकद और कुछ गहने बरामद कर लिए हैं, बाकी की तलाश जारी है।
सिमरन तनेजा मृतक की कौन थी और उस पर क्या आरोप है?
सिमरन तनेजा मृतक राकेश खन्ना की भतीजी थी और बुराड़ी में प्राइमरी स्कूल शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी। पुलिस ने उसे इस पूरी साजिश की मुख्य सूत्रधार बताया है।
आरोपियों ने वारदात की योजना कैसे बनाई?
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने घटना से दो दिन पहले, 30 अगस्त को, मकान की रेकी की थी। वारदात के दिन तीन आरोपी घर के अंदर घुसे जबकि चौथा बाहर पहरा दे रहा था — यह एक पूर्व-नियोजित अपराध था।
राष्ट्र प्रेस
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