रोहिणी हत्या-लूट कांड: मृतक राकेश खन्ना की भतीजी सिमरन समेत तीन गिरफ्तार, चौथा आरोपी फरार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने रोहिणी के सेक्टर-3 में 1 सितंबर 2026 को हुई लूट और हत्या की वारदात का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मृतक राकेश खन्ना (लगभग 60 वर्ष) की भतीजी सिमरन तनेजा भी शामिल है, जिसे पुलिस ने इस साजिश की मुख्य सूत्रधार बताया है। चौथा आरोपी हिमांशु अभी भी फरार है और उसकी तलाश में पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं।
घटनाक्रम: कैसे सामने आई वारदात
1 सितंबर 2026 की रात 8:14 बजे पुलिस को मकान नंबर जी-30/67-68, सेक्टर-3, रोहिणी से घर में चोरी और एक व्यक्ति के बेहोश होने की पीसीआर कॉल मिली। परिजन पीड़ित राकेश खन्ना को तुरंत जयपुर गोल्डन अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार शाम करीब 7:30 बजे तीन आरोपी घर के भीतर घुसे, जबकि चौथा साथी बाहर पहरेदारी कर रहा था। जाँच में यह भी सामने आया कि घटना से दो दिन पहले, 30 अगस्त को, आरोपियों ने मकान की रेकी की थी — यानी यह वारदात पूर्व-नियोजित थी।
लूट का माल और बरामदगी
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने घर से करीब ₹1.5 लाख नकद और कुछ सोने के गहने लूटे। जाँच के दौरान पुलिस ने करीब ₹70,000 नकद और लूटे गए सोने के कुछ गहने बरामद कर लिए हैं। शेष राशि और आभूषणों की तलाश जारी है।
आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि
गिरफ्तार तीनों आरोपी बुराड़ी इलाके से हैं। पहली आरोपी सिमरन तनेजा (23 वर्ष), दलीप तनेजा की बेटी है और पेशे से प्राइमरी स्कूल शिक्षिका है। पुलिस ने उसे साजिश की मुख्य आरोपी बताया है।
दूसरा आरोपी चिराग (22 वर्ष), अवधेश का बेटा है और बाबा कॉलोनी, बुराड़ी स्थित 'द बीस्ट जिम' में जिम ट्रेनर के रूप में काम करता है। तीसरा आरोपी पारस (19 वर्ष), अनिल कुमार का बेटा और बाबा कॉलोनी का निवासी है। वह 12वीं कक्षा का छात्र है और पुलिस के अनुसार इससे पहले भी मुखर्जी नगर थाने में दर्ज एक मामले में उसकी संलिप्तता रही है।
फरार चौथे आरोपी हिमांशु की पहचान बुराड़ी के एक जिम मालिक के रूप में हुई है। पुलिस टीमें उसे दबोचने के लिए सक्रिय छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस की निगरानी और जाँच टीम
यह ऑपरेशन स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर, जोन-I) देवेश चंद्र श्रीवास्तव और जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (नॉर्दर्न रेंज) विजय सिंह की देखरेख में चलाया गया। रोहिणी जिले के डीसीपी शशांक जायसवाल के नेतृत्व में कई विशेष टीमें तैनात की गई थीं। पीसीआर कॉल मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल और घटनास्थल दोनों पर पहुँचे। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) और क्राइम टीम ने मिलकर मौके का निरीक्षण किया।
आगे की जाँच
पुलिस का कहना है कि हर आरोपी की भूमिका और वारदात के पूरे क्रम की विस्तृत जाँच की जा रही है। फरार आरोपी हिमांशु की गिरफ्तारी के साथ ही मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। यह मामला इस लिहाज से भी चिंताजनक है कि मृतक के अपने परिवार की सदस्य ही साजिश में शामिल पाई गई — जो पारिवारिक विश्वास के साथ हुए गंभीर विश्वासघात को दर्शाता है।