2 सितंबर 2026
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एनएएम शिखर सम्मेलन, बेलग्रेड: किरेन रिजिजू ने सर्बिया, सऊदी अरब, अंगोला समेत कई देशों से साझेदारी बढ़ाने पर की चर्चा

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एनएएम शिखर सम्मेलन, बेलग्रेड: किरेन रिजिजू ने सर्बिया, सऊदी अरब, अंगोला समेत कई देशों से साझेदारी बढ़ाने पर की चर्चा

सारांश

बेलग्रेड में एनएएम शिखर सम्मेलन के दौरान किरेन रिजिजू ने सर्बिया के राष्ट्रपति, संसद अध्यक्ष, व्यापार मंत्री, सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री और अंगोला के विदेश मंत्री से मुलाकात की — भारत की वैश्विक दक्षिण में कूटनीतिक सक्रियता का स्पष्ट संकेत।

मुख्य बातें

किरेन रिजिजू ने 2 सितंबर 2026 को बेलग्रेड में एनएएम शिखर सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें कीं।
सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री वलीद ए एम अल-खुरैजी से मिलकर भारत-सऊदी साझेदारी को और प्रगाढ़ करने पर चर्चा हुई।
सर्बिया की संसद अध्यक्ष एना ब्रनाबिक और राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच से मुलाकात में संसदीय एवं राजनीतिक सहयोग पर जोर दिया गया।
सर्बिया की व्यापार मंत्री जगोडा लाजारेविक के साथ व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी के नए अवसरों पर बातचीत हुई।
अंगोला के विदेश मंत्री टेटे एंटोनियो से मिलकर भारत-अंगोला सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई गई।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 2 सितंबर 2026 को बेलग्रेड में आयोजित गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) शिखर सम्मेलन के दौरान कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में राजनीतिक, संसदीय और आर्थिक सहयोग को नई ऊँचाई देने पर ज़ोर दिया गया।

सऊदी अरब के साथ साझेदारी पर संवाद

रिजिजू ने सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री वलीद ए एम अल-खुरैजी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और सऊदी अरब के बीच दीर्घकालिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने तथा आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग विस्तार के रास्तों पर विचार-विमर्श किया। रिजिजू ने एक्स पर लिखा, 'सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री वलीद ए एम अल-खुरैजी से मुलाकात हुई। भारत-सऊदी अरब की करीबी और मजबूत साझेदारी को और आगे बढ़ाने तथा आपसी रुचि के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।'

सर्बिया से संसदीय और आर्थिक संबंध

रिजिजू ने सर्बिया की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष एना ब्रनाबिक के साथ बैठक में भारत-सर्बिया के ऐतिहासिक मैत्रीपूर्ण संबंधों और संसदीय आदान-प्रदान की भूमिका पर प्रकाश डाला। दोनों नेताओं ने रेखांकित किया कि सांसदों के बीच बढ़ता संवाद दोनों देशों की जनता को और निकट ला सकता है। रिजिजू ने एक्स पर लिखा, 'सर्बिया की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष एना ब्रनाबिक के साथ गर्मजोशी और सार्थक मुलाकात हुई। भारत और सर्बिया के बीच मजबूत मित्रता और दोनों देशों के लोगों को करीब लाने में संसदीय सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा हुई।'

इसी क्रम में रिजिजू ने सर्बिया की आंतरिक और विदेश व्यापार मंत्री जगोडा लाजारेविक से भी बातचीत की। इस बैठक में भारत-सर्बिया व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी को मज़बूत करने, नए अवसरों की तलाश और परस्पर विकास के लिए सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मंगलवार को रिजिजू ने सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच से भी मुलाकात की और दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती तथा बढ़ती साझेदारी को पुनः रेखांकित किया। रिजिजू ने एक्स पर लिखा, 'बेलग्रेड में सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच से मुलाकात की। बातचीत बेहद गर्मजोशी और सार्थक रही। हमने आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित भारत-सर्बिया की मजबूत मित्रता और बढ़ती साझेदारी को फिर से रेखांकित किया।'

अंगोला के साथ सहयोग विस्तार

रिजिजू ने अंगोला के विदेश मंत्री टेटे एंटोनियो के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान भारत और अंगोला के बीच साझेदारी को सुदृढ़ करने और दोनों देशों के साझा हितों की पूर्ति के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई गई। गौरतलब है कि अफ्रीकी देशों के साथ भारत के जुड़ाव को हाल के वर्षों में नीतिगत प्राथमिकता दी गई है।

एनएएम मंच पर भारत की कूटनीतिक सक्रियता

यह बैठकों की श्रृंखला ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक दक्षिण (Global South) में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका को और पुख्ता करने की कोशिश कर रहा है। एनएएम जैसे बहुपक्षीय मंचों पर द्विपक्षीय वार्ताओं का सिलसिला भारत की 'पड़ोसी प्रथम' से आगे बढ़कर 'वैश्विक मित्र' की नीति को दर्शाता है। इन बैठकों के ज़रिए भारत ने राजनीतिक, आर्थिक और संसदीय संबंधों को और मज़बूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। आने वाले महीनों में इन वार्ताओं के ठोस परिणाम — व्यापार समझौतों या संसदीय प्रतिनिधिमंडल के आदान-प्रदान के रूप में — सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सक्रिय नेटवर्किंग के अवसर के रूप में देखता है। सर्बिया के साथ एक साथ चार स्तरों पर बातचीत — राष्ट्रपति, संसद अध्यक्ष, व्यापार मंत्री और आंतरिक मंत्री — असाधारण है और यूरोप में एक विश्वसनीय भागीदार बनाने की सुनियोजित रणनीति को दर्शाती है। हालाँकि, इन बैठकों के ठोस परिणाम — व्यापार के आँकड़े, समझौते, संसदीय प्रतिनिधिमंडल — सामने आने पर ही इनकी वास्तविक उपयोगिता आँकी जा सकेगी।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनएएम शिखर सम्मेलन 2026 में किरेन रिजिजू ने किन नेताओं से मुलाकात की?
रिजिजू ने बेलग्रेड में सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच, संसद अध्यक्ष एना ब्रनाबिक, व्यापार मंत्री जगोडा लाजारेविक, सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री वलीद ए एम अल-खुरैजी और अंगोला के विदेश मंत्री टेटे एंटोनियो से द्विपक्षीय बैठकें कीं।
भारत और सर्बिया के बीच इन बैठकों में क्या चर्चा हुई?
भारत-सर्बिया बैठकों में संसदीय सहयोग, व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी और आपसी सम्मान पर आधारित द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों देशों के सांसदों के बीच बढ़ते संवाद को दोनों जनताओं को करीब लाने का माध्यम बताया गया।
गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) शिखर सम्मेलन 2026 कहाँ आयोजित हुआ?
एनएएम शिखर सम्मेलन 2026 सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में आयोजित हुआ। भारत की ओर से केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसमें भाग लिया।
भारत-सऊदी अरब बैठक में क्या मुद्दे उठे?
रिजिजू और सऊदी उप विदेश मंत्री अल-खुरैजी ने भारत-सऊदी अरब की दीर्घकालिक और मजबूत साझेदारी को और आगे बढ़ाने तथा आपसी रुचि के क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
एनएएम मंच पर भारत की कूटनीतिक सक्रियता का क्या महत्व है?
एनएएम जैसे बहुपक्षीय मंच पर सक्रिय द्विपक्षीय वार्ताएँ भारत की वैश्विक दक्षिण में नेतृत्वकारी भूमिका को पुष्ट करती हैं। यह भारत की उस नीति का हिस्सा है जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के देशों के साथ राजनीतिक, आर्थिक और संसदीय संबंधों को एक साथ मजबूत किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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