भारत-सऊदी अरब कूटनीतिक संवाद: रक्षा, ऊर्जा और प्रवासी मुद्दों पर 24 जून को हुई उच्चस्तरीय बैठक
सारांश
मुख्य बातें
जेद्दा में 24 जून 2025 को भारत के महावाणिज्यदूत फहद अहमद खान सूरी और सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय की मदीना शाखा के महानिदेशक इब्राहिम बिन सईद अल-सुभी के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने और प्रवासी भारतीय समुदाय से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसी दिन सऊदी अरब में भारत के राजदूत डॉ. सुहेल अजाज खान ने सऊदी रक्षा मंत्रालय के जनरल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इयाद अब्दुलमलिक अल-अलशेख से अलग मुलाकात कर रक्षा सहयोग के नए आयामों पर विचार-विमर्श किया। ये दोनों बैठकें भारत-सऊदी रणनीतिक साझेदारी की बढ़ती गहराई को रेखांकित करती हैं।
जेद्दा में महावाणिज्यदूत स्तर की वार्ता
जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि महावाणिज्यदूत फहद अहमद खान सूरी और महानिदेशक इब्राहिम बिन सईद अल-सुभी के बीच हुई वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने, प्रवासी भारतीय समुदाय से जुड़े मुद्दों तथा आपसी हित के विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। गौरतलब है कि सऊदी अरब में लगभग 25 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी निवास करते हैं, जो खाड़ी क्षेत्र में भारतीय समुदाय का सबसे बड़ा केंद्र है।
रक्षा सहयोग पर राजदूत स्तर की बैठक
इसी दिन राजदूत डॉ. सुहेल अजाज खान ने सऊदी रक्षा मंत्रालय के इयाद अब्दुलमलिक अल-अलशेख से मुलाकात की। रियाद स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, इस वार्ता में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को सुदृढ़ बनाने और नए सहयोगी क्षेत्रों की तलाश पर ध्यान केंद्रित किया गया। दूतावास ने कहा कि यह वार्ता भारत और सऊदी अरब की रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने तथा भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
डोभाल की अप्रैल यात्रा का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब इससे पहले अप्रैल 2025 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने सऊदी अरब की आधिकारिक यात्रा की थी। उस यात्रा के दौरान डोभाल ने सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान, विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुसाएद अल-ऐबान से उच्चस्तरीय बैठकें कीं। उन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों, ऊर्जा सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और साझा हितों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ था।
भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में बढ़ती साझेदारी
विशेषज्ञों के अनुसार, बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक संवाद लगातार गहरा हो रहा है। ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर सऊदी अरब भारत के सबसे बड़े कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं में से एक है, जबकि रक्षा और सुरक्षा सहयोग के क्षेत्र में दोनों देश नए अवसरों की पहचान कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इन बैठकों की ठोस उपलब्धियाँ तभी स्पष्ट होंगी जब दोनों पक्ष किसी समझौते या संयुक्त घोषणा की दिशा में आगे बढ़ें।
आगे की राह
इन बैठकों की श्रृंखला यह संकेत देती है कि भारत और सऊदी अरब के बीच राजनयिक, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग को एक नई संस्थागत गति मिल रही है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय यात्राओं और समझौतों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।