भारत-सऊदी रणनीतिक साझेदारी: राजदूत सुहेल खान की रियाद गवर्नर प्रिंस फैसल से विदाई मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
भारत के सऊदी अरब में निवर्तमान राजदूत डॉ. सुहेल अजाज खान ने 26 जून 2025 को रियाद के गवर्नर महामहिम प्रिंस फैसल बिन बंदर बिन अब्दुलअजीज अल सऊद से रियाद स्थित इमाराह में विदाई मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-सऊदी अरब के लगातार प्रगाढ़ होते द्विपक्षीय संबंधों और सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय समुदाय के कल्याण पर विस्तृत चर्चा की।
विदाई मुलाकात का महत्व
राजदूत खान का कार्यकाल शीघ्र समाप्त होने वाला है। इस अवसर पर उन्होंने गवर्नर प्रिंस फैसल का अपने कार्यकाल के दौरान मिले निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही, सऊदी अरब में निवासरत भारतीय प्रवासी समुदाय के प्रति उनकी देखभाल और सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया। सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की।
रक्षा सहयोग पर अहम चर्चा
इससे एक दिन पूर्व, बुधवार को राजदूत खान ने सऊदी रक्षा मंत्रालय के जनरल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इयाद अब्दुलमालिक अलअलशेख से भी भेंट की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने तथा नए सहयोगी क्षेत्रों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। दूतावास ने बताया कि यह बातचीत भारत और सऊदी अरब की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने और आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
जेद्दा में भी राजनयिक संवाद
इसी क्रम में, जेद्दा में भारत के कॉन्सुल जनरल फहद अहमद सूरी ने सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय की मदीना शाखा के महानिदेशक इब्राहिम बिन सईद अल-सुभी से बुधवार को मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने भारत-सऊदी संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने, प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों तथा आपसी हित के विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
अगले राजदूत की नियुक्ति
विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि 1998 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी विपुल को सऊदी अरब में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि सऊदी अरब भारत के सबसे बड़े व्यापारिक और ऊर्जा साझेदारों में से एक है तथा वहाँ 20 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी निवास करते हैं, जो इस राजनयिक संबंध को और भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाते हैं।
आगे की राह
नए राजदूत विपुल के कार्यभार संभालने के साथ ही भारत-सऊदी रणनीतिक साझेदारी के एक नए अध्याय की शुरुआत होगी। रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और प्रवासी कल्याण के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएँ और अधिक विस्तृत होने की उम्मीद है।