रियाद में भारत-यमन उच्चस्तरीय बैठक: राजदूत सुहेल खान ने PM जिदानी से की मुलाकात, द्विपक्षीय सहयोग पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राजदूत डॉ. सुहेल एजाज खान ने रियाद में यमन के प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री डॉ. शया मोहसिन जिदानी से उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें भारत और यमन के बीच विभिन्न क्षेत्रों में जारी सहयोग की समीक्षा की गई और मौजूदा क्षेत्रीय परिस्थितियों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन अबू मैथेन जॉर्ज भी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य घटनाक्रम
यमन में भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राजदूत डॉ. सुहेल खान ने प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री डॉ. जिदानी के साथ भारत-यमन संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। बैठक में द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ व्यापक क्षेत्रीय हालात पर भी गहन चर्चा हुई।
सऊदी अरब के साथ भी हुई अहम वार्ता
इस बैठक से एक दिन पूर्व राजदूत सुहेल खान ने सऊदी अरब के बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय मामलों के उपमंत्री एवं आर्थिक व विकास मामलों के जनरल सुपरवाइजर डॉ. अब्दुलरहमान अल-रासी से भी मुलाकात की। इस वार्ता में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर द्विपक्षीय सहयोग एवं समन्वय की समीक्षा की गई तथा आपसी हित के अन्य मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक पोस्ट में इस बैठक की पुष्टि करते हुए बताया कि डॉ. अल-रासी और राजदूत डॉ. सुहेल एजाज खान के बीच दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की गई और साझा हित के विषयों पर चर्चा हुई।
राजदूत का कार्यकाल और उत्तराधिकारी की नियुक्ति
गौरतलब है कि राजदूत डॉ. सुहेल एजाज खान जल्द ही अपना कार्यकाल पूरा करने वाले हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में घोषणा की है कि 1998 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी विपुल सऊदी अरब में भारत के अगले राजदूत होंगे।
विदाई से पूर्व राजदूत सुहेल खान ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'मेरे अच्छे दोस्त विपुल के केएसए में अगले राजदूत के तौर पर नियुक्ति का दिल से स्वागत है। मुझे विश्वास है कि वह भारत-सऊदी अरब के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। मेरे लिए, सभी क्षेत्रों में हमारी आपसी साझेदारी को मजबूत करने और हमारे समुदाय की सेवा करने में योगदान देना एक बड़े सम्मान की बात है।'
क्षेत्रीय महत्व और आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक हलचल तेज है और यमन संघर्ष के बीच भारत अपने नागरिकों एवं कूटनीतिक हितों की रक्षा के लिए सक्रिय संपर्क बनाए हुए है। भारत की यह कूटनीतिक पहल क्षेत्र में उसकी संतुलित और सक्रिय विदेश नीति का प्रतिबिंब है। नए राजदूत की नियुक्ति के साथ भारत-सऊदी अरब और भारत-यमन संबंधों में नई गति आने की उम्मीद है।