सऊदी अरब में योग प्रसार: भारतीय दूतावास ने सऊदी योगा कमेटी और खेल मंत्रालय के साथ की अहम बैठक

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सऊदी अरब में योग प्रसार: भारतीय दूतावास ने सऊदी योगा कमेटी और खेल मंत्रालय के साथ की अहम बैठक

सारांश

सऊदी अरब में योग को संस्थागत मान्यता दिलाने की दिशा में भारतीय दूतावास ने सऊदी योगा कमेटी और खेल मंत्रालय के साथ अहम बैठक की। विदेश मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, ICCR और MDNIY की साझा भागीदारी से यह पहल भारत की सांस्कृतिक कूटनीति का नया अध्याय बन रही है।

मुख्य बातें

भारतीय दूतावास (रियाद) ने सऊदी योगा कमेटी के CEO अहमद अल सादी और सऊदी खेल मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की।
बैठक में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 (21 जून) की तैयारियों और सहयोग मज़बूत करने पर चर्चा हुई।
इस पहल में विदेश मंत्रालय , आयुष मंत्रालय , ICCR और MDNIY सक्रिय रूप से शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत 2014 में PM नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र के 177 देशों के समर्थन से हुई थी।
योग को भारत की 'सॉफ्ट पावर' के रूप में वैश्विक सांस्कृतिक कूटनीति में इस्तेमाल किया जा रहा है।

रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सऊदी योगा कमेटी के सीईओ अहमद अल सादी और सऊदी खेल मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों और सऊदी अरब में योग तथा समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए द्विपक्षीय सहयोग को और मज़बूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। यह बैठक सऊदी अरब में योग के संस्थागत विस्तार की दिशा में भारत की सक्रिय कूटनीतिक पहल का हिस्सा है।

बैठक में क्या हुई चर्चा

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए बताया कि यह बैठक बेहद सकारात्मक और उपयोगी रही। बैठक में योग के प्रसार और लोगों के जीवन में संतुलन लाने के लिए संयुक्त प्रयासों पर विशेष ज़ोर दिया गया।

इस पहल में विदेश मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY) भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। यह बहु-मंत्रालयी भागीदारी दर्शाती है कि भारत सरकार योग को एक समन्वित राजनयिक एजेंडे के रूप में आगे बढ़ा रही है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पृष्ठभूमि

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव से हुई थी, जिसे संयुक्त राष्ट्र के 177 सदस्य देशों का सर्वसम्मति से समर्थन प्राप्त हुआ था। तब से यह दिन पूरी दुनिया में योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के प्रति जागरूकता फैलाने का एक बड़ा वैश्विक अभियान बन चुका है।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी देशों में भारतीय सांस्कृतिक प्रभाव तेज़ी से बढ़ रहा है और सऊदी अरब-भारत के बीच कूटनीतिक संबंध नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं।

योग का महत्व और वैश्विक प्रासंगिकता

योग दिवस का महत्व केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है — यह आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी चुनौतियों जैसे मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद का समाधान भी प्रस्तुत करता है। योग शरीर को लचीला और मज़बूत बनाने के साथ-साथ आंतरिक शांति और भावनात्मक संतुलन का अनुभव भी कराता है।

आज योग भारत की 'सॉफ्ट पावर' के रूप में उभरकर सामने आया है, जो दुनिया भर में सांस्कृतिक जुड़ाव और वैश्विक एकता को मज़बूत करता है। सऊदी अरब जैसे देश में इसकी स्वीकार्यता भारत की सांस्कृतिक कूटनीति की एक उल्लेखनीय सफलता मानी जा रही है।

आगे क्या होगा

इस बैठक के बाद उम्मीद की जा रही है कि 21 जून 2026 को सऊदी अरब में योग दिवस का आयोजन पहले से अधिक व्यापक और संस्थागत स्तर पर होगा। ICCR और MDNIY की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रमों को पेशेवर और प्रभावशाली रूप दिए जाने की संभावना है, जो सऊदी-भारत सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ कुछ वर्ष पहले तक योग को लेकर सामाजिक संकोच था, इस तरह की संस्थागत बैठक एक उल्लेखनीय बदलाव का संकेत है। हालाँकि, चार मंत्रालयों और संस्थाओं की भागीदारी के बावजूद यह देखना होगा कि ज़मीनी स्तर पर कार्यक्रम कितने समावेशी और टिकाऊ होते हैं। भारत की सॉफ्ट पावर रणनीति तभी सफल मानी जाएगी जब यह राजनयिक बैठकों से आगे बढ़कर आम लोगों तक पहुँचे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय दूतावास और सऊदी योगा कमेटी की बैठक किस बारे में थी?
यह बैठक सऊदी अरब में योग के प्रसार और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों पर केंद्रित थी। इसमें सऊदी खेल मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल थे और दोनों पक्षों के बीच सहयोग मज़बूत करने पर सहमति बनी।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 कब मनाया जाएगा?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है, इसलिए 2026 में यह 21 जून 2026 को मनाया जाएगा। इसकी शुरुआत 2014 में PM नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र के 177 देशों के समर्थन से हुई थी।
इस पहल में कौन-कौन सी भारतीय संस्थाएँ शामिल हैं?
इस पहल में विदेश मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY) सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। यह बहु-मंत्रालयी भागीदारी भारत सरकार की समन्वित कूटनीतिक रणनीति को दर्शाती है।
सऊदी अरब में योग को बढ़ावा देना भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध मज़बूत हो रहे हैं। योग भारत की 'सॉफ्ट पावर' का एक प्रमुख माध्यम है, जो सांस्कृतिक जुड़ाव और वैश्विक एकता को बढ़ावा देता है।
सऊदी योगा कमेटी के CEO कौन हैं?
सऊदी योगा कमेटी के CEO अहमद अल सादी हैं, जिन्होंने भारतीय दूतावास के साथ इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। उनकी उपस्थिति सऊदी अरब में योग के प्रति आधिकारिक स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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