टीटीडी डिप्टी ईओ मेंडु लोकनाथम के घर-दफ्तर पर एसीबी का छापा, 7 टीमों ने तिरुपति में एक साथ ली तलाशी
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार, 2 सितंबर को तिरुपति में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के डिप्टी एग्जीक्यूटिव ऑफिसर मेंडु लोकनाथम के आवास और कार्यालय सहित कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई उन आरोपों की जाँच के तहत की गई है जिनमें कहा गया है कि लोकनाथम के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से अनुपातहीन संपत्ति है।
छापेमारी का विस्तार और टीमों की तैनाती
एसीबी डीएसपी श्रीनिवास राव की अगुवाई में सात टीमों ने सुबह 6 बजे एक साथ तलाशी शुरू की। अधिकारियों ने पेड्डाकापू लेआउट स्थित लोकनाथम के आवास पर दस्तक दी, जहाँ वे उस समय मौजूद थे। इसी समय तिरुमाला स्थित उनके कार्यालय में भी तलाशी ली गई।
एसीबी की टीमों ने येरपेडु मंडल के चेल्लुर में उनकी बहन के घर पर भी तलाशी ली। इसके अलावा, तिरुपति में लोकनाथम के दो अन्य आवासों पर भी एक साथ छापा मारा गया। सूत्रों के अनुसार, तिरुमाला में उनसे जुड़े एक गेस्ट हाउस में भी तलाशी अभियान चला।
बैंक लॉकर और दस्तावेज़ों की जाँच
एसीबी अधिकारियों ने तिरुपति की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एसटीवी नगर शाखा में लोकनाथम के बैंक लॉकर भी खुलवाए। तलाशी के दौरान अधिकारियों को 12 हाउसिंग साइट, दो बैंक लॉकर, एक अपार्टमेंट और एक चार मंजिला इमारत से जुड़े दस्तावेज़ और रिकॉर्ड मिले।
आरोपी अधिकारी की पृष्ठभूमि
मेंडु लोकनाथम वर्तमान में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में डिप्टी एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे टीटीडी में कई अन्य पदों पर भी काम कर चुके हैं। यह तलाशी अभियान उन शिकायतों पर आधारित है जिनमें आरोप लगाया गया है कि उनकी संपत्ति उनकी वैध आय से कहीं अधिक है।
एक दशक में दूसरी बड़ी एसीबी कार्रवाई
गौरतलब है कि यह पिछले एक दशक में किसी टीटीडी अधिकारी से जुड़े ठिकानों पर एसीबी की दूसरी बड़ी तलाशी है। इससे पहले 2016 में एजेंसी ने टीटीडी के तत्कालीन डिप्टी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर टी. भूपति रेड्डी के आवास पर छापा मारा था, जहाँ तिरुपति और बेंगलुरु में उनके रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के घरों पर भी एक साथ तलाशी ली गई थी। उस मामले में भी आरोप ज्ञात आय से अधिक संपत्ति का था।
आगे की जाँच
एसीबी द्वारा बरामद दस्तावेज़ों और रिकॉर्ड की विधिवत जाँच की जाएगी। यह अभियान दर्शाता है कि आंध्र प्रदेश की भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसी धार्मिक संस्थाओं से जुड़े अधिकारियों के मामलों में भी सक्रिय कार्रवाई कर रही है। जाँच के नतीजे आने के बाद आगे की कानूनी कार्यवाही तय होगी।