4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तेलंगाना एसीबी का बड़ा एक्शन: लैंड्स एंड सर्वे डिप्टी डायरेक्टर के 12 ठिकानों पर छापेमारी, ₹1 करोड़ नकद बरामद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तेलंगाना एसीबी का बड़ा एक्शन: लैंड्स एंड सर्वे डिप्टी डायरेक्टर के 12 ठिकानों पर छापेमारी, ₹1 करोड़ नकद बरामद

सारांश

एक हफ्ते में दूसरी बड़ी कार्रवाई — तेलंगाना एसीबी ने लैंड्स एंड सर्वे के डिप्टी डायरेक्टर सुनकारी नरहरी के 12 ठिकानों पर छापा मारकर ₹1 करोड़ नकद बरामद किया। इससे पहले आर एंड बी इंजीनियर-इन-चीफ मोहन नाइक को ₹200 करोड़ की कथित संपत्ति के साथ गिरफ्तार किया गया था।

मुख्य बातें

तेलंगाना एसीबी ने 16 जून को लैंड्स एंड सर्वे (मल्टी जोन-2) के डिप्टी डायरेक्टर सुनकारी नरहरी के 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
तलाशी में लगभग ₹1 करोड़ नकद , संपत्ति दस्तावेज़ और बड़ी बैंक जमा राशि बरामद हुई।
छापेमारी एसीबी डीएसपी गंगासानी श्रीधर के नेतृत्व में हैदराबाद के छत्रिनाका , नारायणगुडा और अन्य स्थानों पर हुई।
एक हफ्ते पहले 9 जून को आर एंड बी इंजीनियर-इन-चीफ मोहन नाइक के ठिकानों से ₹60 लाख नकद , 1 किग्रा सोना और 13 सोने के बिस्कुट बरामद हुए थे।
मोहन नाइक के मामले में बरामद संपत्ति का बाज़ार मूल्य लगभग ₹200 करोड़ आँका गया; उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

तेलंगाना के एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार, 16 जून को हैदराबाद और उसके आसपास 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की — निशाने पर थे लैंड्स एंड सर्वे विभाग (मल्टी जोन-2) के डिप्टी डायरेक्टर सुनकारी नरहरी, जिन पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने का कथित आरोप है। तलाशी में लगभग ₹1 करोड़ नकद, कई संपत्तियों के दस्तावेज़ और बड़ी मात्रा में बैंक जमा राशि बरामद हुई।

छापेमारी का दायरा और कार्रवाई

एसीबी डीएसपी गंगासानी श्रीधर के नेतृत्व में यह तलाशी अभियान चलाया गया। छापेमारी की गई जगहों में पुराने शहर के छत्रिनाका स्थित नरहरी का आवास, नारायणगुडा स्थित उनका कार्यालय और उनके रिश्तेदारों व करीबी सहयोगियों से जुड़ी संपत्तियाँ शामिल थीं। एसीबी अधिकारी नोटों की गड्डियाँ गिनने के लिए करेंसी काउंटिंग मशीनों का उपयोग कर रहे थे और सोने के गहनों व चाँदी की वस्तुओं का वजन किया जा रहा था।

जब्त संपत्ति और जाँच की स्थिति

सूत्रों के अनुसार, बरामद सामग्री में ₹1 करोड़ के करीब नकदी, अनेक अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज़ और बड़े पैमाने पर बैंक जमा राशि के साक्ष्य शामिल हैं। एसीबी नरहरी की संपत्तियों, बैंक खातों और निवेश की विस्तृत जाँच जारी रखे हुए है। एजेंसी के शाम तक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी करने की संभावना जताई गई।

एक सप्ताह में दूसरी बड़ी कार्रवाई

यह छापेमारी ऐसे समय में हुई जब एसीबी पहले से ही एक बड़े भ्रष्टाचार मामले की जाँच कर रही है। 9 जून को एसीबी ने रोड्स एंड बिल्डिंग्स (आर एंड बी) विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ मोहन नाइक और उनके रिश्तेदारों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली थी। उस छापेमारी में ₹60 लाख नकद, 1 किलोग्राम सोने के गहने, 13 सोने के बिस्कुट और हैदराबादनिजामाबाद में संपत्तियों के दस्तावेज़ बरामद हुए थे।

एसीबी के अनुसार, उस छापेमारी में मिली संपत्ति की सरकारी कीमत लगभग ₹17.95 करोड़ आँकी गई, जबकि बाज़ार मूल्य लगभग ₹200 करोड़ बताया गया। मोहन नाइक को अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोप है कि उन्होंने ठेके देने में कुछ कंपनियों को तरजीह दी और पूरे तेलंगाना में एक बड़ा प्रभाव-नेटवर्क बनाया।

व्यापक संदर्भ: तेलंगाना में भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान

गौरतलब है कि एक ही सप्ताह में राज्य के दो अलग-अलग सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों पर एसीबी की कार्रवाई यह संकेत देती है कि एजेंसी सक्रिय रूप से आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जाँच कर रही है। लैंड्स एंड सर्वे और आर एंड बी — दोनों विभाग भूमि और निर्माण कार्यों से जुड़े हैं, जो परंपरागत रूप से भ्रष्टाचार के प्रति संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं।

आगे क्या होगा

एसीबी के अधिकारी नरहरी के मामले में दस्तावेज़ों और डिजिटल साक्ष्यों की जाँच कर रहे हैं। जाँच के निष्कर्षों के आधार पर गिरफ्तारी और अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में तेज़ होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ 'रेंट-सीकिंग' की जड़ें गहरी मानी जाती हैं। असली सवाल यह है कि क्या ये कार्रवाइयाँ किसी व्यवस्थागत सुधार की शुरुआत हैं, या केवल व्यक्तिगत मामलों तक सीमित रहेंगी — क्योंकि बिना संस्थागत जवाबदेही के, अगला अधिकारी उसी व्यवस्था में उसी तरह काम करता रहेगा।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना एसीबी ने सुनकारी नरहरी के ठिकानों पर छापा क्यों मारा?
एसीबी ने लैंड्स एंड सर्वे विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सुनकारी नरहरी पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने के कथित आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की। 16 जून को हैदराबाद और आसपास के 12 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली गई।
छापेमारी में क्या बरामद हुआ?
सूत्रों के अनुसार, तलाशी में लगभग ₹1 करोड़ नकद, कई संपत्तियों के दस्तावेज़ और बड़ी मात्रा में बैंक जमा राशि के साक्ष्य मिले। एसीबी अधिकारी सोने के गहनों व चाँदी की वस्तुओं का भी वजन कर रहे थे।
मोहन नाइक का मामला क्या है और उनकी गिरफ्तारी कब हुई?
आर एंड बी विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ मोहन नाइक के ठिकानों पर 9 जून को छापेमारी हुई, जिसमें ₹60 लाख नकद, 1 किग्रा सोने के गहने और 13 सोने के बिस्कुट बरामद हुए। उनकी संपत्ति का बाज़ार मूल्य लगभग ₹200 करोड़ आँका गया और अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
सुनकारी नरहरी के मामले में आगे क्या होगा?
एसीबी दस्तावेज़ों और डिजिटल साक्ष्यों की जाँच जारी रखे हुए है। जाँच के निष्कर्षों के आधार पर गिरफ्तारी और अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में तेज़ होने की संभावना है।
तेलंगाना एसीबी क्या है और इसके अधिकार क्या हैं?
तेलंगाना एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) राज्य सरकार की भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसी है, जो सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ रिश्वत और आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जाँच करती है। एजेंसी को छापेमारी, गिरफ्तारी और अदालत में अभियोजन चलाने का अधिकार प्राप्त है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले