25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तेलंगाना एसीबी का बड़ा एक्शन: R&B इंजीनियर-इन-चीफ मोहन नाइक के 16 ठिकानों पर छापे, ₹60 लाख नकद व सोना बरामद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तेलंगाना एसीबी का बड़ा एक्शन: R&B इंजीनियर-इन-चीफ मोहन नाइक के 16 ठिकानों पर छापे, ₹60 लाख नकद व सोना बरामद

सारांश

तेलंगाना एसीबी ने एक ही दिन में तीन बड़े अधिकारियों पर शिकंजा कसा — R&B इंजीनियर-इन-चीफ मोहन नाइक के 16 ठिकानों पर छापे में ₹60 लाख नकद, सोना और ₹5.92 करोड़ की संपत्ति मिली। एक सप्ताह में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जो तेलंगाना के सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ बढ़ते अभियान का संकेत देती है।

मुख्य बातें

तेलंगाना एसीबी ने 9 जून 2026 को R&B विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ मोहन नाइक के 16 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
तलाशी में ₹60 लाख नकद , 1 किलोग्राम सोने के गहने , 13 सोने के बिस्कुट और हैदराबाद-निजामाबाद की संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए।
पंजीकरण मूल्य के आधार पर कुल ₹5.92 करोड़ की चल-अचल संपत्ति का पता चला; बाज़ार मूल्य इससे कई गुना अधिक हो सकता है।
यह कार्रवाई निलंबित एएसपी नयनी भुजंगा राव की गिरफ्तारी के एक सप्ताह के भीतर हुई, जिन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
उसी दिन हैदराबाद मेट्रो वाटर बोर्ड के जनरल मैनेजर सग्गम अनंत लक्ष्मी कुमार पर भी मामला दर्ज; उनके ठिकानों पर ₹5.88 करोड़ से अधिक की संपत्ति मिली।

तेलंगाना एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार, 9 जून 2026 को रोड्स एंड बिल्डिंग्स विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ मोहन नाइक और उनके रिश्तेदारों से जुड़े 16 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों के तहत यह कार्रवाई की गई, जिसमें ₹60 लाख नकद, 1 किलोग्राम सोने के गहने और 13 सोने के बिस्कुट बरामद हुए।

मुख्य घटनाक्रम

माधापुर स्थित नाइक के आवास के अलावा एसीबी की टीमों ने उनसे और उनके रिश्तेदारों से जुड़े 15 अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की। अधिकारियों ने तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों तथा वित्तीय एवं संपत्ति संबंधी अभिलेखों की गहन जाँच की। हैदराबाद और निजामाबाद में संपत्तियों के दस्तावेज भी जब्त किए गए।

एसीबी अधिकारी तलाशी के दौरान मिली चल और अचल संपत्ति का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर रहे थे। बताया गया है कि बाद में इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।

आरोपों की प्रकृति

कथित तौर पर मोहन नाइक पर आरोप है कि उन्होंने ठेके आवंटित करने में कुछ विशेष कंपनियों को प्राथमिकता दी और पूरे तेलंगाना में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए एक व्यापक नेटवर्क तैयार किया। अधिकारियों के अनुसार, पंजीकरण मूल्य के आधार पर नाइक के ठिकानों पर लगभग ₹5.92 करोड़ की चल और अचल संपत्ति का पता चला है। संपत्तियों की बाज़ार कीमत दस्तावेजों में दर्ज मूल्य से कई गुना अधिक हो सकती है।

पृष्ठभूमि: एक सप्ताह में दूसरी बड़ी कार्रवाई

यह छापेमारी ऐसे समय में हुई जब एसीबी द्वारा निलंबित एएसपी नयनी भुजंगा राव को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किए जाने के एक सप्ताह से भी कम समय बीता है। अदालत ने राव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। गौरतलब है कि राव अवैध फोन-टैपिंग मामले के आरोपियों में से एक हैं और उन्हें 2024 में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद वे जमानत पर रिहा हो गए थे। एसीबी ने राव के दो आवासों और उनके रिश्तेदारों व सहयोगियों से जुड़े नालगोंडा, सूर्यपेट और संगारेड्डी जिलों में 15 स्थानों पर भी तलाशी ली थी।

मेट्रो वाटर बोर्ड अधिकारी पर भी मामला दर्ज

उसी दिन एसीबी ने हैदराबाद मेट्रो वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया। रेड हिल्स स्थित प्रोजेक्ट डिवीजन-VIII के जनरल मैनेजर (इंजीनियरिंग) सग्गम अनंत लक्ष्मी कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी सेवा के दौरान भ्रष्टाचार और अनुचित तरीकों से अपनी वैध आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। उनसे जुड़े ठिकानों पर तलाशी के दौरान ₹5.88 करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता चला।

आगे क्या होगा

एसीबी अधिकारी बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की विस्तृत जाँच जारी रखे हुए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जाँच पूरी होने के बाद औपचारिक बयान और संभावित गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है। यह कार्रवाई तेलंगाना में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी के बढ़ते अभियान का हिस्सा प्रतीत होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब एक वरिष्ठ इंजीनियर — यह संकेत देती हैं कि जाँच एजेंसी अब केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रही। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये छापे अकेली कार्रवाइयाँ हैं या किसी व्यापक संस्थागत जाँच की शुरुआत। ठेका आवंटन में पक्षपात के आरोप यदि सिद्ध होते हैं, तो यह तेलंगाना के बुनियादी ढाँचा क्षेत्र में सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की गंभीर तस्वीर उजागर करेंगे। बरामदगी की रकम बड़ी है, परंतु अदालत में दोषसिद्धि की दर और जाँच की गति ही यह तय करेगी कि यह अभियान वास्तविक जवाबदेही है या महज़ सुर्खियाँ।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना एसीबी ने मोहन नाइक के ठिकानों पर छापे क्यों मारे?
एसीबी ने आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों के तहत यह कार्रवाई की। कथित तौर पर नाइक पर ठेका आवंटन में विशेष कंपनियों को प्राथमिकता देने और पूरे तेलंगाना में प्रभाव का नेटवर्क बनाने के आरोप हैं।
छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
अधिकारियों को ₹60 लाख नकद, 1 किलोग्राम सोने के गहने, 13 सोने के बिस्कुट और हैदराबाद व निजामाबाद में संपत्तियों के दस्तावेज मिले। पंजीकरण मूल्य के आधार पर कुल संपत्ति लगभग ₹5.92 करोड़ आँकी गई है।
एएसपी नयनी भुजंगा राव का इस मामले से क्या संबंध है?
राव एक अलग आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसीबी द्वारा गिरफ्तार किए गए निलंबित पुलिस अधिकारी हैं। उन्हें अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है और वे अवैध फोन-टैपिंग मामले के भी आरोपी हैं। नाइक के ठिकानों पर छापे उनकी गिरफ्तारी के एक सप्ताह के भीतर हुए।
सग्गम अनंत लक्ष्मी कुमार कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
वे हैदराबाद मेट्रो वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड के रेड हिल्स स्थित प्रोजेक्ट डिवीजन-VIII के जनरल मैनेजर (इंजीनियरिंग) हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने सेवा के दौरान भ्रष्टाचार से आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की; उनके ठिकानों पर ₹5.88 करोड़ से अधिक की संपत्ति मिली।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
एसीबी अधिकारी बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की जाँच जारी रखे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार जाँच पूरी होने के बाद आधिकारिक बयान और संभावित गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले