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गांधीनगर ACB छापा: विद्युत निरीक्षक अश्विन चौधरी के ठिकानों से ₹2.64 करोड़ की नगदी व आभूषण बरामद

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गांधीनगर ACB छापा: विद्युत निरीक्षक अश्विन चौधरी के ठिकानों से ₹2.64 करोड़ की नगदी व आभूषण बरामद

सारांश

गुजरात ACB की कार्रवाई में गांधीनगर के विद्युत निरीक्षक अश्विन चौधरी के तीन ठिकानों से ₹2.64 करोड़ की नगदी और आभूषण बरामद हुए। आरोप है कि वह बिना फील्ड निरीक्षण के सौर परियोजनाओं को NOC जारी कर रहे थे। 100 से अधिक फाइलों की जांच जारी है।

मुख्य बातें

गुजरात ACB ने 1 जून 2026 को विद्युत निरीक्षक अश्विन बी.
चौधरी के तीन ठिकानों पर छापेमारी की।
सरकारी कार, गांधीनगर आवास और सूरत आवास से कुल ₹2.64 करोड़ से अधिक की नगदी व आभूषण जब्त।
आरोप है कि चौधरी अनिवार्य फील्ड निरीक्षण किए बिना सौर परियोजनाओं को NOC जारी कर रहे थे।
हाल में मंजूर 100 से अधिक फाइलों की जांच ACB के दायरे में।
मामले की जांच गांधीनगर के पुलिस निरीक्षक सुथार को सौंपी गई; बैंक खातों और अन्य संपत्तियों की भी जांच होगी।

गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 1 जून 2026 को गांधीनगर स्थित उद्योग भवन में तैनात विद्युत निरीक्षक अश्विन बी. चौधरी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके सरकारी आवास, निजी आवास और सरकारी वाहन से कुल ₹2.64 करोड़ से अधिक की नगदी और कीमती आभूषण जब्त किए। प्रारंभिक जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि चौधरी सौर ऊर्जा परियोजनाओं को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने की प्रक्रिया में अनियमितताएं बरत रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

ACB की उप निदेशक भारती पंड्या के अनुसार, ACB फील्ड यूनिट-3 के पुलिस निरीक्षक पी.एन. खोखरा को सूचना मिली थी कि चौधरी अनिवार्य फील्ड निरीक्षण किए बिना ही सौर परियोजनाओं को NOC जारी कर रहे थे। इस सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई।

सर्वप्रथम चौधरी की सरकारी कार की तलाशी ली गई, जिसमें से ₹5 लाख 51 हजार 730 नगद, कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और वाउचर बरामद हुए। इसके बाद गांधीनगर स्थित उनके सरकारी आवास और सूरत स्थित निजी आवास पर एक साथ छापेमारी की गई।

बरामदगी का विवरण

दोनों आवासों की तलाशी में ACB को कुल ₹1 करोड़ 76 लाख 14 हजार 970 नगद मिले। इसके अतिरिक्त ₹88 लाख 82 हजार 910 मूल्य के सोने-चांदी के सिक्के और आभूषण भी जब्त किए गए। नगदी और आभूषणों को मिलाकर कुल बरामदगी ₹2.64 करोड़ से अधिक आंकी गई है।

100 से अधिक फाइलों की जांच

जांच एजेंसी के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि हाल के समय में 100 से अधिक फाइलों को मंजूरी दी गई थी। ACB अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन फाइलों की स्वीकृति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार या नियमों का उल्लंघन हुआ अथवा नहीं। चौधरी के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और अन्य संपत्तियों की भी जांच की जाएगी।

कानूनी कार्रवाई

पी.एन. खोखरा की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की आगे की जांच गांधीनगर के पुलिस निरीक्षक सुथार को सौंपी गई है। ACB ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या इस कथित भ्रष्टाचार में अन्य लोग भी संलिप्त थे।

आगे क्या होगा

जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। गुजरात सरकार की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की NOC प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे इस क्षेत्र में पारदर्शिता की माँग और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सवाल उठता है कि निगरानी तंत्र इतने लंबे समय तक मौन क्यों रहा। ACB की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या जांच केवल एक अधिकारी तक सीमित रहती है या पूरी अनुमोदन श्रृंखला की जवाबदेही तय होती है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांधीनगर ACB छापे में क्या बरामद हुआ?
ACB ने विद्युत निरीक्षक अश्विन बी. चौधरी के सरकारी वाहन, गांधीनगर आवास और सूरत आवास से कुल ₹2.64 करोड़ से अधिक की नगदी और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए। इनमें ₹1 करोड़ 76 लाख 14 हजार 970 नगद और ₹88 लाख 82 हजार 910 मूल्य के आभूषण शामिल हैं।
अश्विन चौधरी पर क्या आरोप हैं?
कथित तौर पर चौधरी पर आरोप है कि वह अनिवार्य फील्ड निरीक्षण किए बिना सौर ऊर्जा परियोजनाओं को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर रहे थे और इस प्रक्रिया में रिश्वत ले रहे थे। ACB ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
इस मामले में आगे क्या जांच होगी?
ACB अब 100 से अधिक उन फाइलों की जांच करेगी जिन्हें हाल में मंजूरी दी गई थी। चौधरी के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और अन्य संपत्तियों की भी जांच की जाएगी, साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि कहीं अन्य लोग भी इस कथित भ्रष्टाचार में संलिप्त तो नहीं।
यह मामला सौर ऊर्जा क्षेत्र को कैसे प्रभावित करता है?
गुजरात में सौर परियोजनाओं की NOC प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि 100 से अधिक फाइलों में अनियमितता सिद्ध होती है, तो इन परियोजनाओं की तकनीकी सुरक्षा और नियामकीय अनुपालन भी जांच के दायरे में आ सकता है।
ACB की जांच कौन कर रहा है?
मामले की प्रारंभिक जांच ACB फील्ड यूनिट-3 के पुलिस निरीक्षक पी.एन. खोखरा ने की, जिनकी शिकायत पर FIR दर्ज हुई। आगे की जांच गांधीनगर के पुलिस निरीक्षक सुथार को सौंपी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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