मुर्शिदाबाद हादसा: अभिषेक बनर्जी ने केंद्र से माँगा जवाब, बोले — 'बार-बार की त्रासदी के लिए जिम्मेदारी तय हो'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने 17 जुलाई 2026 को मुर्शिदाबाद में हुए हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार से सीधे सवाल पूछे हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और रेल सुरक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की माँग की।
हादसे पर क्या बोले अभिषेक बनर्जी
अभिषेक बनर्जी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मुर्शिदाबाद की यह दुखद घटना उन्हें गहरे तक हिला गई है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि जब यात्री ट्रेनें स्कूली वाहनों से टकराती हैं और मासूम जानें जाती हैं, तब जिम्मेदारी तय करना केवल विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन जाती है।
उन्होंने पूछा कि इस तरह की बार-बार होने वाली घटनाओं के लिए आखिर कौन उत्तरदायी होगा। TMC नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अपनी मूलभूत जिम्मेदारियों से किनारा कर लिया है।
सिग्नलिंग और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
अभिषेक बनर्जी ने हादसे के संभावित कारणों को लेकर कई बिंदुओं पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा — क्या यह घटना सिस्टम की लापरवाही का नतीजा थी? क्या सिग्नलिंग व्यवस्था में कोई खामी थी? या फिर प्रशासनिक स्तर पर ऐसी संस्कृति पनप गई है जिसमें नागरिकों की सुरक्षा को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी जाती?
गौरतलब है कि भारत में रेल-सड़क क्रॉसिंग हादसे लंबे समय से चिंता का विषय रहे हैं। रेल मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, मानव-रहित रेलवे क्रॉसिंग पर दुर्घटनाएँ अब भी रेल-संबंधी मौतों के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
केंद्र पर राजनीतिक हमला
TMC नेता ने 'डबल इंजन सरकार' के नारे को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह मॉडल कई मोर्चों पर विफल साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ऐसी सरकार की हकदार है जो उनके जीवन और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य के बीच रेल सुरक्षा की जिम्मेदारी को लेकर राजनीतिक तनाव पहले से ही बना हुआ है। रेलवे केंद्र सरकार के अधीन आता है, जबकि स्थानीय प्रशासन और सड़क प्रबंधन राज्य सरकार के दायरे में।
न्याय और सुधार की माँग
अभिषेक बनर्जी ने माँग की कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिले और हादसे से जुड़े हर स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने प्रशासनिक सुधार और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
आने वाले दिनों में इस हादसे की जाँच रिपोर्ट और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।