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अधीर रंजन चौधरी बोले — पश्चिम बंगाल में ट्रिपल इंजन सरकार, अभिषेक बनर्जी की जांच हो

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अधीर रंजन चौधरी बोले — पश्चिम बंगाल में ट्रिपल इंजन सरकार, अभिषेक बनर्जी की जांच हो

सारांश

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मुर्शिदाबाद में दो मोर्चों पर सरकार को घेरा — पश्चिम बंगाल में 'ट्रिपल इंजन' सरकार होने के बावजूद अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई न होने और भारतीय नाविकों पर अमेरिकी हमले में केंद्र की 'बयानबाजी' पर। उन्होंने इंदिरा गांधी की दृढ़ता का उदाहरण देते हुए मोदी से ठोस कदम की मांग की।

मुख्य बातें

अधीर रंजन चौधरी ने 13 जून 2026 को मुर्शिदाबाद में कहा कि पश्चिम बंगाल में अब 'ट्रिपल इंजन' की सरकार है, इसलिए अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अभिषेक बनर्जी को मिले राजनीतिक सहयोग और उनकी गतिविधियों की गहन जांच की मांग की गई।
भारतीय नाविकों पर अमेरिकी सेना के कथित हमले को लेकर केंद्र सरकार की 'केवल बयानबाजी' पर तीखी आलोचना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील — अमेरिका से माफी और भविष्य में ऐसी घटना न दोहराने की गारंटी दिलाएं।
चौधरी ने इंदिरा गांधी के 1971 युद्धकाल के दृढ़ रुख का हवाला देते हुए वर्तमान नेतृत्व से उसी साहस की अपेक्षा जताई।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 13 जून 2026 को मुर्शिदाबाद में पत्रकारों से बातचीत में पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य में अब 'ट्रिपल इंजन' की सरकार बन चुकी है और ऐसे में प्रशासन के पास कोई बहाना नहीं बचता — हर अवैध गतिविधि के खिलाफ बिना किसी कोताही के कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

अभिषेक बनर्जी की जांच की मांग

चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि उनकी गतिविधियों की भी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अभिषेक को किस प्रकार का राजनीतिक सहयोग मिला, उसके पीछे कौन लोग थे और उनकी गतिविधियों का पश्चिम बंगाल की जनता के हितों पर क्या असर पड़ा।

चौधरी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'भतीजे को किसने भतीजा बनाया, इस बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। जांच के बाद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।' गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और लंबे समय से विपक्ष के निशाने पर रहे हैं।

अमेरिकी सेना द्वारा भारतीय नाविकों पर हमले का मुद्दा

चौधरी ने भारत सरकार द्वारा अमेरिकी राजनयिक को भेजे गए समन पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह दूसरी बार है जब अमेरिकी सेना की ओर से भारतीय नाविकों पर हमला किया गया है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से अब तक केवल बयानबाजी हो रही है, कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

उन्होंने कहा, 'हमारे नाविक लगातार समुद्री सुरक्षा को देखते हुए अपनी जान की बाज़ी लगा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।' उन्होंने मांग की कि अमेरिका सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और इस बात की गारंटी दे कि भविष्य में ऐसी घटना नहीं दोहराई जाएगी।

इंदिरा गांधी का उदाहरण

चौधरी ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि इंदिरा गांधी के शासनकाल में जब पाकिस्तान से युद्ध चल रहा था, तब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हस्तक्षेप कर भारत को भयभीत करने की कोशिश की थी। उनके अनुसार, इंदिरा गांधी ने बिना डरे अमेरिका को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी थी कि यह भारत का आंतरिक मामला है।

उन्होंने इस उदाहरण को वर्तमान संदर्भ से जोड़ते हुए कहा कि आज भी उसी दृढ़ता की ज़रूरत है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर केंद्र सरकार बार-बार 'मज़बूत रिश्तों' का दावा करती रही है।

प्रधानमंत्री मोदी से सीधी अपील

चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधी अपील करते हुए कहा कि वे 12 वर्षों से सत्ता में हैं और अब समय आ गया है कि वे ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो देश की जनता सवाल करेगी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि चूंकि भारत-अमेरिका संबंध 'अच्छे' बताए जाते हैं, इसलिए सरकार को इस राजनयिक चैनल का उपयोग कर समाधान निकालना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि बंगाल में कानून-व्यवस्था की विफलता का ठीकरा विपक्ष पर न फूटे। लेकिन नाविकों वाले मुद्दे पर उनकी मांग अधिक ठोस है — दूसरी बार की घटना और राजनयिक समन के बावजूद केंद्र की प्रतिक्रिया की धीमी गति वाकई सवाल खड़े करती है। इंदिरा गांधी का संदर्भ कांग्रेस का परिचित आख्यान है, पर यह उस समय अधिक प्रभावी होता जब पार्टी स्वयं विदेश नीति पर एकजुट स्वर में बोलती। असली परीक्षा यह है कि क्या यह बयान संसद में ठोस जवाबदेही की मांग में तब्दील होगा, या केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अधीर रंजन चौधरी ने 'ट्रिपल इंजन सरकार' किसे कहा?
अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा सरकार को 'ट्रिपल इंजन' कहा, जिसका आशय है कि केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर एक ही राजनीतिक गठबंधन का नियंत्रण है। उनके अनुसार ऐसी स्थिति में अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई न करना प्रशासन की विफलता है।
अभिषेक बनर्जी की जांच की मांग क्यों की गई?
चौधरी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को मिले राजनीतिक सहयोग, उसके स्रोत और उनकी गतिविधियों का पश्चिम बंगाल की जनता पर क्या असर पड़ा — इन सभी पहलुओं की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप से कहा कि 'भतीजे को किसने भतीजा बनाया' यह भी सामने आना चाहिए।
भारतीय नाविकों पर अमेरिकी हमले का मामला क्या है?
चौधरी के अनुसार यह दूसरी बार है जब अमेरिकी सेना की ओर से भारतीय नाविकों पर हमला किया गया है, और भारत सरकार ने अमेरिकी राजनयिक को समन भेजा है। उन्होंने कहा कि केवल बयानबाजी पर्याप्त नहीं है और अमेरिका को सार्वजनिक माफी तथा भविष्य में ऐसी घटना न होने की गारंटी देनी चाहिए।
चौधरी ने इंदिरा गांधी का उदाहरण क्यों दिया?
उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान अमेरिकी हस्तक्षेप के समय इंदिरा गांधी के दृढ़ रुख का हवाला दिया, जब उन्होंने अमेरिका को स्पष्ट शब्दों में हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी थी। चौधरी ने इसे वर्तमान नेतृत्व के लिए एक मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया।
चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी से क्या मांग की?
चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि वे नाविकों पर हमले के मामले में ठोस कार्रवाई करें और अमेरिका से माफी दिलाएं। उन्होंने कहा कि 12 वर्षों की सत्ता के बाद यदि इस मामले में कदम नहीं उठाया गया तो देश की जनता सवाल करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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