अधीर रंजन चौधरी बोले — पश्चिम बंगाल में ट्रिपल इंजन सरकार, अभिषेक बनर्जी की जांच हो
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 13 जून 2026 को मुर्शिदाबाद में पत्रकारों से बातचीत में पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य में अब 'ट्रिपल इंजन' की सरकार बन चुकी है और ऐसे में प्रशासन के पास कोई बहाना नहीं बचता — हर अवैध गतिविधि के खिलाफ बिना किसी कोताही के कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अभिषेक बनर्जी की जांच की मांग
चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि उनकी गतिविधियों की भी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अभिषेक को किस प्रकार का राजनीतिक सहयोग मिला, उसके पीछे कौन लोग थे और उनकी गतिविधियों का पश्चिम बंगाल की जनता के हितों पर क्या असर पड़ा।
चौधरी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'भतीजे को किसने भतीजा बनाया, इस बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। जांच के बाद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।' गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और लंबे समय से विपक्ष के निशाने पर रहे हैं।
अमेरिकी सेना द्वारा भारतीय नाविकों पर हमले का मुद्दा
चौधरी ने भारत सरकार द्वारा अमेरिकी राजनयिक को भेजे गए समन पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह दूसरी बार है जब अमेरिकी सेना की ओर से भारतीय नाविकों पर हमला किया गया है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से अब तक केवल बयानबाजी हो रही है, कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उन्होंने कहा, 'हमारे नाविक लगातार समुद्री सुरक्षा को देखते हुए अपनी जान की बाज़ी लगा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।' उन्होंने मांग की कि अमेरिका सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और इस बात की गारंटी दे कि भविष्य में ऐसी घटना नहीं दोहराई जाएगी।
इंदिरा गांधी का उदाहरण
चौधरी ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि इंदिरा गांधी के शासनकाल में जब पाकिस्तान से युद्ध चल रहा था, तब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हस्तक्षेप कर भारत को भयभीत करने की कोशिश की थी। उनके अनुसार, इंदिरा गांधी ने बिना डरे अमेरिका को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी थी कि यह भारत का आंतरिक मामला है।
उन्होंने इस उदाहरण को वर्तमान संदर्भ से जोड़ते हुए कहा कि आज भी उसी दृढ़ता की ज़रूरत है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर केंद्र सरकार बार-बार 'मज़बूत रिश्तों' का दावा करती रही है।
प्रधानमंत्री मोदी से सीधी अपील
चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधी अपील करते हुए कहा कि वे 12 वर्षों से सत्ता में हैं और अब समय आ गया है कि वे ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो देश की जनता सवाल करेगी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि चूंकि भारत-अमेरिका संबंध 'अच्छे' बताए जाते हैं, इसलिए सरकार को इस राजनयिक चैनल का उपयोग कर समाधान निकालना चाहिए।