हन्नान मोल्लाह का TMC पर हमला: 'जो बोया, वही काट रहे हैं अभिषेक बनर्जी'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता हन्नान मोल्लाह ने 31 मई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि TMC आज जो भुगत रही है, वह उसके अपने कृत्यों का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि पार्टी को अपने अतीत में झाँकना होगा।
मोल्लाह का सीधा वार
हन्नान मोल्लाह ने कहा, 'जैसा TMC ने किया है, वैसा ही उसके साथ हो रहा है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पश्चिम बंगाल में पिछले कई वर्षों में राजनीतिक संघर्षों के दौरान विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं पर अत्याचार हुए, कार्यालयों पर कब्जे की घटनाएँ सामने आईं और राजनीतिक टकराव ने गंभीर रूप लिया। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए स्वीकार्य नहीं है।
मोल्लाह ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों का समाधान लोकतांत्रिक तरीकों से होना चाहिए, हिंसा के रास्ते से नहीं। उन्होंने हर राजनीतिक दल से आत्ममंथन करने और हिंसा की राजनीति से दूरी बनाने का आह्वान किया।
परीक्षा प्रणाली और शिक्षा पर चिंता
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयानों और परीक्षा प्रणाली पर उठाए गए सवालों के संदर्भ में मोल्लाह ने कहा कि देश में परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली में गंभीर खामियाँ हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और अनियमितताओं की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रही हैं, जो चिंता का विषय हैं।
CBSE और परीक्षा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने कहा कि जब किसी संस्था में खामियाँ उजागर हों तो उन्हें स्वीकार करना ज़रूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह समस्या किसी एक राज्य या एक सरकार तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर देखी जाती है।
महँगाई और आम जनता पर असर
मोल्लाह ने महँगाई, डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को आम जनता की बड़ी चुनौती बताया। उनके अनुसार इन समस्याओं का असर सीधे शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक ढाँचे पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि देश में समग्र व्यवस्था मज़बूत नहीं होगी, तो परीक्षा प्रणाली भी प्रभावित होती रहेगी।
राहुल गांधी पर रामचंद्र गुहा की टिप्पणी
इतिहासकार रामचंद्र गुहा की राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर मोल्लाह ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है और इस पर अलग-अलग लोगों के अलग-अलग मत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता का मूल्यांकन जनता और समय करते हैं, न कि किसी एक व्यक्ति की टिप्पणी।
मोल्लाह ने कहा कि राजनीति में नेतृत्व वही स्थापित होता है जिसके पीछे जनता खड़ी हो। उनके अनुसार, किसी भी नेता की स्वीकार्यता जन-समर्थन पर निर्भर करती है और अंततः जनता ही तय करती है कि किसे समर्थन देना है।