अभिषेक बनर्जी का भाजपा पर करारा प्रहार, लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग और वोटों का ध्रुवीकरण
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप।
- सांप्रदायिक तनाव और वोटों का ध्रुवीकरण।
- पश्चिम बंगाल के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस का समर्थन।
- चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं।
- जनता की भागीदारी और चुनावी नतीजे महत्वपूर्ण हैं।
कोलकाता, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव के संबंध में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा निशाना साधा है। अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में भाजपा के ‘डबल इंजन’ के नारे पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए एक गंभीर खतरा बताया।
उन्होंने कहा कि भाजपा का असली ‘डबल इंजन’ दो भिन्न तरीकों से कार्य करता है। पहला इंजन लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग पर निर्भर है। बनर्जी के अनुसार, इसमें चुनाव आयोग का उपयोग एक हथियार के रूप में किया जाता है, जिसके माध्यम से असली मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने, ईमानदार अधिकारियों के स्थानांतरण करने और प्रशासनिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी सूचियों में हेरफेर करने के लिए बाहरी व्यक्तियों को अवैध रूप से शामिल किया जाता है।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा का दूसरा इंजन विभिन्न स्थानीय दलों और संगठनों का अपने हितों में उपयोग करने पर केंद्रित है। उन्होंने एआईएमआईएम, इंडियन सेक्युलर फ्रंट और आम जनता उन्नयन पार्टी का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इन संगठनों के माध्यम से सांप्रदायिक तनाव फैलाने, अशांति उत्पन्न करने और वोटों का ध्रुवीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे अंततः भाजपा को राजनीतिक लाभ प्राप्त होता है।
तृणमूल नेता ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता इस रणनीति को समझ चुकी है और इसका उचित उत्तर चुनाव में देगी। उन्होंने जयपुर, सोनामुखी, इंदास और खानाकुल क्षेत्रों में पार्टी को मिल रहे समर्थन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके उम्मीदवार अर्जुन महतो, डॉ. कल्लोल साहा, श्यामली रॉय बागदी और पलाश कुमार रॉय की जीत लगभग निश्चित है।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि राज्य की जनता ‘मां-माटी-मानुष’ के सिद्धांतों पर आधारित सरकार को चुनना चाहती है, जो जनता के हितों के लिए काम करे। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह ऐसी सरकार स्थापित करना चाहती है जो जनता से दूर और कॉरपोरेट हितों के करीब हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बंगाल की जनता एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में निर्णय देगी और राज्य में स्थिर तथा जनोन्मुखी शासन सुनिश्चित करेगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।