सीबीआई की छापेमारी: ₹119.03 करोड़ के दो बैंक घोटालों में मुंबई-अहमदाबाद में 7 ठिकानों पर तलाशी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 21 मई 2025 को मुंबई और अहमदाबाद में कुल सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ ₹119.03 करोड़ की धोखाधड़ी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में की गई। इन तलाशियों में दोनों आरोपी कंपनियों के निदेशकों के आवासीय परिसर भी शामिल थे। सीबीआई के अनुसार, दोनों मामलों में कंपनियों ने बैंकों को व्यवस्थित तरीके से गुमराह किया और सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया।
श्री हरि एक्सट्रूजन मामला: पंजाब नेशनल बैंक से ₹61.98 करोड़ की धोखाधड़ी
पहला मामला श्री हरि एक्सट्रूजन प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिस पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से ₹61.98 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। सीबीआई ने मुंबई के विशेष न्यायाधीश द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर यह कार्रवाई की।
जांच में सामने आया कि कंपनी ने बैंक से कैश क्रेडिट और टर्म लोन की सुविधा तो ली, लेकिन इसके बदले असुरक्षित ऋण दिए, सहयोगी कंपनियों के साथ फर्जी लेन-देन किए, बिक्री की राशि बैंक खाते में जमा नहीं कराई और संबंधित पक्षों को अनुचित भुगतान किए। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
जय फॉर्मूलेशंस मामला: SBI से ₹57.05 करोड़ की हेराफेरी
दूसरा मामला मेसर्स जय फॉर्मूलेशंस लिमिटेड का है, जिस पर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से ₹57.05 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। अहमदाबाद की अदालत के वारंट पर की गई इस छापेमारी में आरोप है कि कंपनी ने झूठे बही-खातों के आधार पर फंड आधारित और गैर-फंड आधारित ऋण सुविधाएँ हासिल कीं और फिर ऋण राशि का दुरुपयोग किया।
गौरतलब है कि फर्जी खाता-बहियों के ज़रिए बैंक को गुमराह करना और ऋण का दुरुपयोग — दोनों मामलों में यही पैटर्न उभरकर सामने आया है, जो बैंकिंग धोखाधड़ी में एक आम तरीका माना जाता है।
जांच की स्थिति और आगे की कार्रवाई
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, दोनों शहरों में की गई तलाशियों के दौरान बरामद दस्तावेजों की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान और भी खुलासे हो सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि दोनों कंपनियों के निदेशकों और अन्य संलिप्त व्यक्तियों से पूछताछ की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो जल्द ही गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं।
सार्वजनिक बैंकों पर बढ़ता दबाव
यह कार्रवाई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में हो रहे बड़े घोटालों के खिलाफ सीबीआई की लगातार मुहिम का हिस्सा है। हाल के महीनों में सीबीआई ने कई बड़े बैंक फ्रॉड मामलों में छापेमारी और गिरफ्तारियाँ की हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार और नियामक एजेंसियाँ सार्वजनिक बैंकों के एनपीए (NPA) और फर्जी ऋण मामलों पर शिकंजा कसने के लिए सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ व आरोप-पत्र दाखिल होने की संभावना है।