सीबीआई का कोलकाता में बड़ा एक्शन: पीएनबी से ₹191 करोड़ की धोखाधड़ी, 3 कंपनियों के खिलाफ 8 ठिकानों पर छापे
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 18 जून 2025 को कोलकाता में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ कथित धोखाधड़ी के तीन अलग-अलग मामलों में 8 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इन मामलों में टंटिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, ब्रह्म अलॉयज लिमिटेड और अमृत फीड्स लिमिटेड के निदेशक आरोपों के घेरे में हैं। तीनों मामलों में पीएनबी को हुए कुल नुकसान की रकम ₹191 करोड़ बताई गई है।
मुख्य घटनाक्रम
सीबीआई की टीमों ने तीनों कंपनियों के निदेशकों के आवासों पर एक साथ दबिश दी। तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए और जांच एजेंसी के अनुसार आगे की जांच जारी है। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल में बैंकिंग धोखाधड़ी के खिलाफ सीबीआई की बढ़ती सक्रियता का हिस्सा है।
तीन मामलों का विवरण
टंटिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड पर पीएनबी से ₹73 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। यह मामला बैंक से ली गई कैश क्रेडिट और टर्म लोन सुविधाओं से संबंधित है। आरोप है कि कंपनी ने बैंक से मिली राशि को अपनी सहायक और संबद्ध कंपनियों की दीर्घकालिक पूंजी जरूरतों को पूरा करने तथा गैर-मानक खातों के जरिए बड़ी रकम के लेन-देन में इस्तेमाल किया।
ब्रह्म अलॉयज लिमिटेड पर पीएनबी से ₹58 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है, जो कैश क्रेडिट सुविधा से जुड़ा है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने बैंक से मिले फंड को ग्रुप कंपनियों की इक्विटी में निवेश करने, अन्य बैंकों में करंट खाते रखने और खाते की बहियों में हेरफेर करने में लगाया।
अमृत फीड्स लिमिटेड पर पीएनबी से ₹60 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। इस मामले में आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने कारोबारी उद्देश्यों के लिए मिले बैंक फंड का दुरुपयोग किया, उसे संबद्ध और सिस्टर कंपनियों के फायदे के लिए अन्य जगहों पर लगाया और ऋणदाताओं की मंजूरी के बिना कंपनी की मूर्त संपत्तियाँ बेच दीं।
धोखाधड़ी का तरीका
तीनों मामलों में कथित धोखाधड़ी का एक समान पैटर्न सामने आया है — बैंक से कारोबारी उद्देश्यों के लिए ली गई ऋण राशि को संबद्ध कंपनियों में लगाना, खातों में हेरफेर करना और बैंक की जानकारी या मंजूरी के बिना संपत्तियों का हस्तांतरण। गौरतलब है कि इस तरह के मामलों में आरोपी अक्सर जटिल कॉर्पोरेट संरचनाओं का उपयोग करके फंड को छिपाते हैं, जिससे जांच लंबी खिंचती है।
आम जनता पर असर
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पीएनबी को इन तीन मामलों में कुल ₹191 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है। यह राशि अंततः बैंक के जमाकर्ताओं और करदाताओं पर बोझ डालती है। पीएनबी पहले भी नीरव मोदी घोटाले सहित कई बड़े बैंकिंग घोटालों का शिकार रह चुका है, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील हो जाता है।
क्या होगा आगे
सीबीआई के अनुसार, तीनों मामलों में आगे की जांच जारी है। जब्त दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच के बाद गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के समन्वित छापे आमतौर पर आरोप-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया से पहले होते हैं।