4 जुलाई 2026
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सीबीआई की ₹231 करोड़ बैंक धोखाधड़ी पर बड़ी कार्रवाई, महाराष्ट्र-गुजरात में एक साथ छापेमारी

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सीबीआई की ₹231 करोड़ बैंक धोखाधड़ी पर बड़ी कार्रवाई, महाराष्ट्र-गुजरात में एक साथ छापेमारी

सारांश

सीबीआई ने ₹231 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी के दो मामलों में महाराष्ट्र और गुजरात में एक साथ छापेमारी की। SBI और केनरा बैंक की शिकायतों पर दर्ज इन मामलों में आर एल ज्वेल्स और आशापुरा गारमेंट्स के निदेशक निशाने पर हैं। डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज बरामद।

मुख्य बातें

सीबीआई ने महाराष्ट्र और गुजरात में एक साथ कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
कुल ₹231.81 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले — दोनों बेंगलुरु में दर्ज।
आर एल ज्वेल्स लिमिटेड पर SBI को ₹103.58 करोड़ का नुकसान पहुँचाने का आरोप।
आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड पर केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंक संघ को ₹128.23 करोड़ की चपत लगाने का आरोप।
छापेमारी में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद; साजिश की पूरी सीमा की जांच जारी।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 5 जुलाई 2025 को महाराष्ट्र और गुजरात में एक साथ कई ठिकानों पर समन्वित तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई बेंगलुरु में दर्ज दो अलग-अलग बैंक धोखाधड़ी मामलों के संदर्भ में की गई, जिनमें कुल मिलाकर ₹231.81 करोड़ की वित्तीय हेराफेरी का आरोप है। दोनों मामलों में आरोपी कंपनियों के निदेशकों और अज्ञात लोक सेवकों के विरुद्ध आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी एवं जालसाजी के आरोप दर्ज हैं।

पहला मामला: आर एल ज्वेल्स लिमिटेड और SBI को ₹103.58 करोड़ का नुकसान

पहला मामला भारतीय स्टेट बैंक (SBI), मुंबई की शिकायत पर आर एल ज्वेल्स लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज किया गया था। एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने धन का दुरुपयोग किया, अन्य बैंकों के चालू खातों के माध्यम से धनराशि की हेराफेरी की और वित्तीय पुस्तकों तथा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में बदलाव किया। इस कथित धोखाधड़ी से SBI को ₹103.58 करोड़ का नुकसान हुआ बताया गया है।

दूसरा मामला: आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड और केनरा बैंक को ₹128.23 करोड़ की चपत

दूसरा मामला केनरा बैंक की शिकायत पर आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज है। आरोप है कि आशापुरा गारमेंट्स और उसके निदेशक केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक संघ को धोखा देने की आपराधिक साजिश में शामिल थे। इस कारण बैंक संघ को ₹128.23 करोड़ का भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

आरोपों के अनुसार, कंपनी ने अपने कपड़ा व्यापार परिचालन के लिए स्वीकृत बैंक क्रेडिट सुविधाओं को गैर-उद्योग लेनदेन में बदल दिया और स्टील, एल्यूमीनियम तथा कोयले में कारोबार करने वाली संस्थाओं के साथ उच्च मूल्य के व्यापार में धन लगाया।

छापेमारी में क्या मिला

तलाशी के दौरान सीबीआई की टीमों ने आर एल ज्वेल्स लिमिटेड और आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड के कार्यालय परिसरों के साथ-साथ दोनों कंपनियों के निदेशकों से जुड़ी आवासीय संपत्तियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान धन के हेरफेर से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए।

जांच की दिशा

सीबीआई इस समय दोनों मामलों में साजिश की पूरी सीमा, धन के प्रवाह के मार्ग और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका की पहचान करने के लिए विस्तृत जांच कर रही है। गौरतलब है कि बैंक धोखाधड़ी के ऐसे मामलों में एकाधिक राज्यों में एक साथ छापेमारी सीबीआई की नई रणनीतिक कार्यशैली को दर्शाती है, जो साक्ष्य नष्ट होने की संभावना को न्यूनतम करती है। आगे गिरफ्तारियाँ और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी संभावित है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने महाराष्ट्र और गुजरात में छापेमारी क्यों की?
सीबीआई ने बेंगलुरु में दर्ज दो बैंक धोखाधड़ी मामलों की जांच के तहत यह कार्रवाई की, जिनमें आर एल ज्वेल्स लिमिटेड और आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड के निदेशकों पर आरोप हैं। इन मामलों में SBI और केनरा बैंक संघ को कुल ₹231.81 करोड़ का नुकसान बताया गया है।
आर एल ज्वेल्स लिमिटेड पर क्या आरोप हैं?
आर एल ज्वेल्स लिमिटेड और उसके निदेशकों पर SBI की शिकायत पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी के आरोप हैं। कथित तौर पर धन का दुरुपयोग किया गया और वित्तीय रिकॉर्ड में हेरफेर की गई, जिससे SBI को ₹103.58 करोड़ का नुकसान हुआ।
आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड का मामला क्या है?
केनरा बैंक की शिकायत पर दर्ज इस मामले में आरोप है कि कंपनी ने अपने कपड़ा व्यवसाय के लिए मिली बैंक क्रेडिट सुविधाओं को स्टील, एल्यूमीनियम और कोयले की संस्थाओं के साथ उच्च मूल्य के लेनदेन में लगाया। इससे केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंक संघ को ₹128.23 करोड़ का नुकसान हुआ।
छापेमारी में सीबीआई को क्या मिला?
सीबीआई ने तलाशी के दौरान धन के ह���रफेर से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए। इनमें वित्तीय रिकॉर्ड और जांच से संबंधित अन्य सामग्री शामिल है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
सीबीआई दोनों मामलों में साजिश की पूरी सीमा, धन के प्रवाह के मार्ग और सभी संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की पहचान के लिए जांच जारी रखे हुए है। एफआईआर में 'अज्ञात लोक सेवकों' का भी उल्लेख है, जिनकी पहचान जांच का अहम हिस्सा होगी।
राष्ट्र प्रेस
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