धनबाद SBI बैंक घोटाला: CBI ने 20 साल बाद दो भगोड़े आरोपियों को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने 21 जून 2026 को झारखंड के बहुचर्चित धनबाद SBI मुख्य शाखा बैंक घोटाला मामले में दो दशक से अधिक समय से फरार चल रहे दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। बृजभूषण प्रसाद और करतार सिंह नामक इन दोनों आरोपियों को एक साथ दो अलग-अलग राज्यों में चलाए गए समन्वित अभियान में पकड़ा गया। यह मामला नवंबर 2002 से जून 2005 के बीच ₹1,25,47,950 की धोखाधड़ी और गबन से जुड़ा है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह घोटाला भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की धनबाद स्थित मुख्य शाखा में नवंबर 2002 से जून 2005 के बीच अंजाम दिया गया था। CBI ने इस मामले में 31 अगस्त 2005 को प्राथमिकी दर्ज की थी। जाँच के दौरान दोनों आरोपी देश छोड़कर नेपाल भाग गए, जिसके बाद सक्षम न्यायालय ने उन्हें घोषित अपराधी करार दिया। उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था और सूचना देने वालों के लिए ₹25,000-₹25,000 के नकद इनाम की घोषणा की गई थी।
गिरफ्तारी का विवरण
CBI की विशेष टीमों ने 21 जून 2026 को एक साथ दो राज्यों में अभियान चलाया। बृजभूषण प्रसाद को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के कोपरगाँव से गिरफ्तार किया गया, जबकि करतार सिंह को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से पकड़ा गया। गौरतलब है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपी वर्षों से नकली पहचान के सहारे अलग-अलग स्थानों पर रह रहे थे।
CBI की जाँच रणनीति
अधिकारियों के अनुसार, लगातार प्रयासों, तकनीकी सूचनाओं, गुप्त निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के आधार पर दोनों आरोपियों का पता लगाया गया। यह ऐसे समय में आया है जब CBI की दीर्घकालिक मामलों में सफलता दर पर अक्सर सवाल उठाए जाते रहे हैं। इस गिरफ्तारी को एजेंसी की उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।
आगे की कानूनी कार्रवाई
CBI अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। लगभग 20 वर्षों से लंबित इस चर्चित बैंक घोटाला मामले की सुनवाई और जाँच प्रक्रिया को अब नई गति मिलने की उम्मीद है।