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क्या तिरुपति परकमणि चोरी मामले में हाई कोर्ट ने कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया?

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क्या तिरुपति परकमणि चोरी मामले में हाई कोर्ट ने कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया?

सारांश

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने तिरुपति में चोरी के मामले में सीआईडी और एसीबी को कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया है। ताजा घटनाक्रम में आरोपी रवि कुमार की संपत्तियों की जांच की जाएगी। क्या यह मामला न्याय की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा?

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने सीआईडी और एसीबी को कार्रवाई के लिए निर्देश दिया है।
परकमणि चोरी मामले में जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
आरोपी रवि कुमार की संपत्तियों की जांच की जाएगी।
इस मामले को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उम्मीद जताई जा रही है कि न्याय मिलेगा।

अमरावती, 10 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को सीआईडी और एसीबी को तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में परकमणि चोरी मामले में कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट और एंटी-करप्शन ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल को कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी।

सीआईडी और एसीबी दोनों को लोक अदालत में हुए समझौते और आरोपी सीवी रवि कुमार की संपत्तियों की जांच करने के लिए अधिकृत किया गया है। दोनों एजेंसियों को जांच के दौरान आपस में जानकारी साझा करने का निर्देश दिया गया। उन्हें इनकम टैक्स और प्रवर्तन निदेशालय के साथ भी जानकारी साझा करने के लिए कहा गया

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी), जिसने परकमणि चोरी मामले की जांच की थी, उसने 2 दिसंबर को अपनी रिपोर्ट कोर्ट में जमा की थी। एसआईटी का नेतृत्व करने वाले सीआईडी के एडिशनल डायरेक्टर जनरल रवि शंकर अय्यनार ने रिपोर्ट एक सीलबंद लिफाफे में जमा की।

सीआईडी ने हाई कोर्ट द्वारा लोक अदालत में परकमणि चोरी मामले को बंद करने को चुनौती देने वाली याचिका पर आदेश जारी करने के बाद जांच शुरू की थी। तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम (टीटीडी) के एक कर्मचारी रवि कुमार को अप्रैल 2023 में परकमणि (सिक्के और करेंसी नोट गिनने का केंद्र) से 920 डॉलर चुराते हुए पकड़ा गया था।

तिरुपति पुलिस स्टेशन में दर्ज चोरी का मामला लोक अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया था, जहां सितंबर 2023 में एक समझौता हुआ। रवि कुमार ने टीटीडी के नाम पर 40 करोड़ रुपए की सात संपत्तियां दान करने की पेशकश की, जो सभी तिरुपति और चेन्नई में स्थित हैं।

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि चोरी के मामले में कोई जांच नहीं हुई क्योंकि टीटीडी के तत्कालीन गवर्निंग बोर्ड ने लोक अदालत में समझौते के बाद मामला बंद कर दिया था। याचिकाकर्ता माचेरला श्रीनिवास ने मामले को बंद करने की जांच की मांग की थी।

एसआईटी ने अक्टूबर में जांच शुरू की थी और टीटीडी के पूर्व अध्यक्ष बी. करुणाकर रेड्डी और वाईवी. सुब्बा रेड्डी, टीटीडी के पूर्व कार्यकारी अधिकारी धर्म रेड्डी और कई अन्य टीटीडी कर्मचारियों समेत कई पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की। एक संबंधित घटनाक्रम में, हाई कोर्ट ने बुधवार को सीआईडी को चोरी के मामले में शिकायतकर्ता वाई. सतीश कुमार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया।

टीटीडी के पूर्व असिस्टेंट विजिलेंस और सिक्योरिटी ऑफिसर और चोरी के मामले में शिकायतकर्ता सतीश कुमार 14 नवंबर को अनंतपुर जिले के ताडिपत्री के पास कोमाली गांव में रेलवे ट्रैक पर रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। पोस्टमार्टम में पता चला कि उनके सिर के पिछले हिस्से पर किसी नुकीली चीज से मारा गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में भी एक महत्वपूर्ण संकेत है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस मामले को नजदीक से देखें और न्याय की प्रक्रिया को समर्थन दें।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिरुपति परकमणि चोरी मामला क्या है?
यह मामला तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में परकमणि (सिक्के और करेंसी नोट गिनने का केंद्र) से चोरी का है।
हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया?
हाईकोर्ट ने सीआईडी और एसीबी को कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
आरोपी रवि कुमार कौन है?
रवि कुमार तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम का एक कर्मचारी है जो चोरी के मामले में आरोपी है।
क्या मामले में न्याय होगा?
हाईकोर्ट के आदेश के बाद उम्मीद है कि मामले में उचित न्याय होगा।
पुलिस की जांच कैसे चल रही है?
पुलिस ने पहले ही रवि कुमार की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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