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चाइना मास्टर्स 2026: लियू-ह्सू ने 38 मिनट में वर्ल्ड चैंपियन गिक्वेल-डेलरू को 23-21, 21-10 से रौंदा

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चाइना मास्टर्स 2026: लियू-ह्सू ने 38 मिनट में वर्ल्ड चैंपियन गिक्वेल-डेलरू को 23-21, 21-10 से रौंदा

सारांश

विश्व रैंकिंग में 48वें स्थान पर काबिज लियू/ह्सू ने शेन्जेन में वह कर दिखाया जो किसी ने नहीं सोचा था — ताजे वर्ल्ड चैंपियन गिक्वेल-डेलरू को महज 38 मिनट में 23-21, 21-10 से रौंद दिया। यूएस ओपन खिताब और कनाडा ओपन फाइनल के बाद यह जीत साबित करती है कि यह जोड़ी अब सिर्फ डार्क हॉर्स नहीं, असली दावेदार है।

मुख्य बातें

लियू कुआंग हेंग और ह्सू यिन-हुई ने 2 सितंबर को चाइना मास्टर्स में वर्ल्ड चैंपियन गिक्वेल-डेलरू को 23-21, 21-10 से हराया।
मैच महज 38 मिनट में समाप्त हुआ; जोड़ी विश्व रैंकिंग में 48वें स्थान पर है।
पहले गेम में 17-19 से पीछे होने के बाद शानदार वापसी कर गेम प्वाइंट बचाया।
लियू/ह्सू ने जून में यूएस ओपन खिताब जीता था और कनाडा ओपन के फाइनल में भी जगह बनाई थी।
गिक्वेल-डेलरू का यह विश्व खिताब जीतने के दो हफ्ते बाद पहले टूर्नामेंट में ही पहले दौर में सफर समाप्त हुआ।

बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 टूर्नामेंट चाइना मास्टर्स में शेन्जेन के कोर्ट पर 2 सितंबर को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब चीनी ताइपे की मिक्स्ड डबल्स जोड़ी लियू कुआंग हेंग और ह्सू यिन-हुई ने हाल ही में ताजपोशी पाए वर्ल्ड चैंपियन थॉम गिक्वेल और डेल्फिन डेलरू को महज 38 मिनट में सीधे गेम में 23-21, 21-10 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। विश्व रैंकिंग में 48वें स्थान पर काबिज इस जोड़ी की यह जीत बैडमिंटन जगत में इस सीज़न के सबसे चौंकाने वाले नतीजों में से एक मानी जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

पहले गेम में लियू/ह्सू की जोड़ी 17-19 से पीछे चल रही थी और हार की कगार पर नज़र आ रही थी। लेकिन दोनों ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर बराबर किया, एक गेम प्वाइंट बचाया और अंततः पहला गेम 23-21 से अपने नाम किया। पहले गेम के इस नाटकीय पलटवार ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

दूसरे गेम में लियू/ह्सू ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा और फ्रांसीसी जोड़ी को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। 21-10 का एकतरफा स्कोर इस बात का प्रमाण है कि दूसरे गेम में चीनी ताइपे की जोड़ी का खेल कितना प्रभावी रहा।

खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया

जीत के बाद लियू कुआंग हेंग ने कहा, 'हमें पता था कि वे हाल ही में विश्व चैंपियन बने हैं, इसलिए हम उनके खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते थे। हम उन्हें हराने के लिए और भी ज्यादा प्रेरित थे।' लियू ने यह भी बताया कि पहले गेम में आई नाटकीय बढ़त ने मनोवैज्ञानिक पलड़ा उनकी तरफ कर दिया — 'दबाव उन पर था और हमारा मूड अच्छा था। इससे हमें और भी अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने खेलने के तरीके पर कायम रहने में मदद मिली।'

ह्सू यिन-हुई ने जीत का श्रेय आक्रामक रणनीति और बेहतर तालमेल को दिया। उन्होंने कहा, 'यह हमारा अटैक था। हमने वही किया जो हमें करना था और अपने गेम प्लान को अच्छे से लागू किया। इससे हमें शुरुआत में ही बढ़त बनाने का मौका मिला।' ह्सू ने यह भी जोड़ा कि सर्विस और रिसीव पर ट्रेनिंग में किया गया काम अब नतीजे दे रहा है।

दूसरी तरफ, थॉम गिक्वेल ने हार स्वीकार करते हुए माना, 'यह अच्छा प्रदर्शन नहीं था। शुरुआत ठीक थी, लेकिन फिर हम थोड़े तनाव में आ गए। हम अपना खेल खेलना और उन्हें मूव कराना भूल गए।'

लियू-ह्सू की शानदार फॉर्म

यह जीत इस जोड़ी के लगातार बेहतर होते प्रदर्शन की कड़ी में एक और अहम अध्याय है। जून के अंत में लियू/ह्सू ने यूएस ओपन का खिताब जीता था और उसके अगले ही हफ्ते कनाडा ओपन के फाइनल में भी जगह बनाई थी। गौरतलब है कि विश्व रैंकिंग में 48वें स्थान पर होने के बावजूद इस जोड़ी ने शीर्ष वरीयता प्राप्त टीमों को बार-बार चुनौती दी है।

गिक्वेल-डेलरू के लिए कड़ा झटका

फ्रांस की इस जोड़ी के लिए यह हार इसलिए और भी निराशाजनक है क्योंकि यह विश्व चैंपियन बनने के महज दो हफ्ते बाद खेले जा रहे उनके पहले टूर्नामेंट में आई। चाइना मास्टर्स में उनका अभियान पहले ही दौर में समाप्त हो गया, जो उनकी उम्मीदों पर एक बड़ा आघात है। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि बैडमिंटन के सुपर 750 स्तर पर किसी भी जोड़ी को हल्के में लेना कितना महंगा पड़ सकता है।

आगे क्या

लियू/ह्सू की जोड़ी अब चाइना मास्टर्स के अगले दौर में अपना अभियान जारी रखेगी और इस जीत के साथ मिले आत्मविश्वास से वे और मजबूत दावेदार बनकर उभरी हैं। बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 सर्किट पर उनका यह प्रदर्शन साल के अंत में होने वाली बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए उन्हें एक गंभीर दावेदार के रूप में स्थापित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संकेत है कि बैडमिंटन में 'रैंकिंग' और 'खिताब' हमेशा कोर्ट पर नतीजा तय नहीं करते। गिक्वेल-डेलरू के लिए यह हार इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि विश्व चैंपियन बनने के ठीक बाद पहले ही टूर्नामेंट में पहले दौर में बाहर होना मानसिक तैयारी पर सवाल खड़े करता है। दूसरी तरफ, लियू/ह्सू का आक्रामक खेल और बेहतर होता तालमेल यह दर्शाता है कि वे अब सुपर 750 स्तर पर नियमित रूप से शीर्ष जोड़ियों को चुनौती देने में सक्षम हैं। साल के अंत की बड़ी प्रतियोगिताओं से पहले यह प्रदर्शन उन्हें एक गंभीर दावेदार के रूप में स्थापित करता है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चाइना मास्टर्स में लियू-ह्सू ने गिक्वेल-डेलरू को कैसे हराया?
चीनी ताइपे की जोड़ी लियू कुआंग हेंग और ह्सू यिन-हुई ने 23-21, 21-10 से सीधे गेम में जीत दर्ज की। पहले गेम में 17-19 से पीछे होने के बाद उन्होंने वापसी की और दूसरे गेम में एकतरफा दबदबा बनाया।
लियू/ह्सू की विश्व रैंकिंग क्या है और यह जीत क्यों बड़ी है?
इस जोड़ी की विश्व रैंकिंग 48वीं है, जबकि गिक्वेल-डेलरू हाल ही में वर्ल्ड चैंपियन बने थे। रैंकिंग में इतने बड़े अंतर के बावजूद महज 38 मिनट में जीत इसे इस सीज़न के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक बनाती है।
गिक्वेल-डेलरू के लिए यह हार कितनी बड़ी है?
यह हार इसलिए खास तौर पर निराशाजनक है क्योंकि यह विश्व चैंपियन बनने के सिर्फ दो हफ्ते बाद उनके पहले टूर्नामेंट में आई। गिक्वेल ने खुद माना कि वे तनाव में आ गए और अपना सामान्य खेल नहीं खेल सके।
लियू/ह्सू की हालिया फॉर्म कैसी रही है?
इस जोड़ी ने जून के अंत में यूएस ओपन का खिताब जीता था और उसके अगले हफ्ते कनाडा ओपन के फाइनल में भी जगह बनाई थी। चाइना मास्टर्स में यह जीत उनकी लगातार बेहतर होती फॉर्म की पुष्टि करती है।
चाइना मास्टर्स कौन-सा टूर्नामेंट है?
चाइना मास्टर्स बीडब्ल्यूएफ (BWF) का सुपर 750 स्तर का टूर्नामेंट है, जो शेन्जेन में आयोजित होता है। यह बैडमिंटन के सबसे प्रतिष्ठित सर्किट टूर्नामेंटों में से एक है जिसमें दुनिया की शीर्ष जोड़ियाँ हिस्सा लेती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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