BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: गिक्वेल-डेलरू की जोड़ी पहली बार फाइनल में, चीन को 3 गेम में हराया
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस के थॉम गिक्वेल और डेल्फिन डेलरू ने 22 अगस्त 2026 को BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के मिश्रित युगल सेमीफाइनल में चीन की जोड़ी को हराकर पहली बार फाइनल में प्रवेश किया। पहला गेम गंवाने के बावजूद इस जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 19-21, 21-13, 21-11 से अपने नाम किया।
मुख्य मुकाबले का घटनाक्रम
गिक्वेल-डेलरू का सामना चीन के जियांग जेनबांग और वेई याक्सिन की जोड़ी से था। पहले गेम में फ्रांस की जोड़ी 19-21 से पिछड़ गई, लेकिन दूसरे गेम में उन्होंने पूरी तरह पलटवार किया और 21-13 से जीत दर्ज की। निर्णायक तीसरे गेम में गिक्वेल और डेलरू ने दबदबे के साथ खेलते हुए 21-11 से मैच अपने नाम किया और विश्व चैंपियनशिप के फाइनल का टिकट हासिल किया।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
जीत के बाद पत्रकारों से बातचीत में गिक्वेल-डेलरू ने आत्मविश्वास से भरे अंदाज़ में कहा, 'हाँ, हम जीतने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।' गौरतलब है कि दोनों खिलाड़ियों की टी-शर्ट पर भी यही संदेश लिखा हुआ था, जो उनके इरादे को साफ़ ज़ाहिर कर रहा था।
फाइनल की तैयारी के बारे में जोड़ी ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमने विश्व चैंपियनशिप के लिए लगभग वैसी ही तैयारी की जैसी पिछले साल की थी। हमने दो-तीन महीने अच्छी ट्रेनिंग की और कुछ टूर्नामेंट भी खेले। पिछले टूर के दौरान हमारा आत्मविश्वास बढ़ा, इसलिए हम अच्छी स्थिति में हैं।'
कोर्ट और हालात की चुनौती
इस जोड़ी ने माना कि मुकाबले के दौरान मैदानी हालात एक अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, 'कोर्ट थोड़ा अलग लग रहा है और हवा भी काफी तेज़ चल रही है, इसलिए मैच के दौरान हालात को समझना और समझदारी से खेलना बहुत ज़रूरी होगा।'
फ्रांस में बैडमिंटन का उभार
डेल्फिन डेलरू ने फ्रांस में बैडमिंटन की बढ़ती लोकप्रियता पर कहा, 'पेरिस ओलंपिक के बाद से फ्रांस में बैडमिंटन काफी आगे बढ़ रहा है। अब बहुत से लोग इसे खेल रहे हैं। इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में हमारी टीम बहुत अच्छी है और माहौल भी बढ़िया है। फ्रांस में बैडमिंटन पहले के मुकाबले ज़्यादा प्रोफेशनल हो गया है, जिससे हमें बेहतर होने में मदद मिलती है।'
आगे क्या
गिक्वेल-डेलरू अब BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के मिश्रित युगल फाइनल में उतरेंगे और इतिहास रचने की दहलीज़ पर खड़े हैं। यह फ्रांस की इस जोड़ी का पहला विश्व चैंपियनशिप फाइनल है, जो पेरिस ओलंपिक के बाद फ्रांसीसी बैडमिंटन के तेज़ी से बढ़ते कदमों की एक और बड़ी मिसाल है।