रांची: जगन्नाथपुर मंदिर में गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या, ₹5 लाख लूटे, विपक्ष और आदिवासी संगठन सड़क पर
सारांश
Key Takeaways
- गुरुवार रात करीब 11 बजे रांची के जगन्नाथपुर मंदिर में सुरक्षाकर्मी बिरसा मुंडा की हत्या की गई।
- आरोपी ने दान पेटी का ताला तोड़कर ₹5 लाख से अधिक की नकदी लूटी और फरार हो गया।
- पूरी वारदात मंदिर के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई, जो जांच में अहम सबूत है।
- पुलिस ने एक आरोपी गिरफ्तार किया और दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
- नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला।
- आदिवासी संगठनों ने शुक्रवार को टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की।
मंदिर में रात के अंधेरे में वारदात, CCTV में कैद हुआ आरोपी
रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में 24 अप्रैल 2025 की रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब मंदिर परिसर में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी बिरसा मुंडा की निर्मम हत्या कर दी गई और दान पेटी से ₹5 लाख से अधिक की नकदी लूट ली गई। यह घटना झारखंड की राजधानी के उस इलाके में हुई जहां विधानसभा और हाईकोर्ट जैसे संवैधानिक संस्थान महज कुछ ही दूरी पर स्थित हैं।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार देर रात करीब 11 बजे एक अज्ञात व्यक्ति मंदिर परिसर में घुसा और ड्यूटी पर तैनात गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने दान पेटी का ताला तोड़कर नकदी लेकर फरार हो गया। पूरी घटना मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई।
शुक्रवार सुबह जब स्थानीय श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने गार्ड का शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए रिम्स (RIMS) भेज दिया।
पुलिस की कार्रवाई: एक गिरफ्तार, दो हिरासत में
मामले की जांच में तेजी लाते हुए पुलिस ने हत्या के एक कथित आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके अतिरिक्त दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है। सीसीटीवी फुटेज को जांच में अहम सबूत के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि जगन्नाथपुर मंदिर रांची के सबसे प्रतिष्ठित और भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों में से एक है। राजधानी के इस संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
विपक्ष का तीखा हमला: मरांडी और रघुवर दास ने सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में स्थित मंदिर में इस प्रकार की वारदात पुलिस की पूर्ण विफलता को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा और हाईकोर्ट जैसे महत्वपूर्ण संस्थान पास में हों और फिर भी अपराधी मंदिर में घुसकर हत्या कर सकें, तो यह प्रशासन की गंभीर चूक है।
मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से चुप्पी तोड़ने और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस घटना को राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का जीवंत उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि जब राजधानी का सबसे सुरक्षित माना जाने वाला धार्मिक स्थल भी असुरक्षित हो, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की कल्पना करना मुश्किल है। दास ने हेमंत सोरेन सरकार को निष्क्रिय करार देते हुए राज्य में बढ़ते अपराध पर चिंता जाहिर की।
आदिवासी संगठनों का विरोध: टायर जलाकर जताया आक्रोश
घटना के विरोध में शुक्रवार को विभिन्न आदिवासी संगठनों के सदस्य सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर अपना रोष प्रकट किया और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा कठोर दंड की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अपराधियों का मनोबल इतना बुलंद हो गया है कि वे अब मंदिर जैसे पवित्र स्थलों को भी निशाना बनाने से नहीं हिचकिचाते। मृतक गार्ड बिरसा मुंडा के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग भी प्रदर्शनकारियों ने जोर-शोर से उठाई।
व्यापक संदर्भ: झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब झारखंड में धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक संपत्तियों पर अपराध की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ रही हैं। रांची जैसी राजधानी में, जहां सुरक्षा बल सबसे अधिक सक्रिय होते हैं, इस प्रकार की वारदात यह सवाल खड़ा करती है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिक कितने सुरक्षित हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है, विशेषकर उन मंदिरों में जहां बड़ी मात्रा में दान संग्रह होता है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और आरोपियों पर मुकदमे की दिशा से स्पष्ट होगा कि न्याय कितनी तेजी से मिलता है।