2 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नेपाल बाढ़ राहत: पंजाब की 'निरपाख एड' टीम शिवापुरी पहुंची, नुवाकोट तक जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नेपाल बाढ़ राहत: पंजाब की 'निरपाख एड' टीम शिवापुरी पहुंची, नुवाकोट तक जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश

सारांश

पंजाब से आई 'निरपाख एड' की सिख स्वयंसेवी टीम नेपाल की विनाशकारी बाढ़ के बीच शिवापुरी पहुंची है — सड़कें बंद थीं तो हवाई रास्ता अपनाया। राहत सामग्री बाँटने के साथ-साथ यह टीम बिछड़े परिवारों को जोड़ने का काम भी कर रही है, और अब नुवाकोट की ओर बढ़ रही है।

मुख्य बातें

पंजाब की स्वयंसेवी संस्था 'निरपाख एड' की टीम 2 सितंबर को नेपाल के शिवापुरी पहुंची।
भूस्खलन से सड़कें बंद होने के कारण टीम हवाई मार्ग से नेपाल पहुंची और चार दिन से राहत कार्य में जुटी है।
टीम किचन सामग्री, शिशु उत्पाद, महिला स्वच्छता उत्पाद और दैनिक उपयोग की वस्तुएँ वितरित कर रही है।
लापता व्यक्तियों की पहचान के लिए स्थानीय नगरपालिका और अस्पतालों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
टीम का अगला गंतव्य नुवाकोट है; दूरस्थ क्षेत्रों में सेना राहत पहुंचा रही है।

नेपाल के शिवापुरी में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से तबाह हुए इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए भारत के पंजाब से सिख समुदाय की स्वयंसेवी संस्था 'निरपाख एड' की एक टीम 2 सितंबर को नेपाल पहुंची। यह टीम न केवल बाढ़ पीड़ितों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुंचा रही है, बल्कि आपदा में बिछड़े परिजनों की पहचान और पुनर्मिलन में भी सहायता कर रही है।

मुख्य घटनाक्रम

'निरपाख एड' के सदस्य सुरजीत सिंह ने बताया कि टीम पंजाब से विशेष रूप से बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए नेपाल आई है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन के कारण अधिकांश सड़कें बाधित होने से टीम हवाई मार्ग से यहाँ पहुंची और तब से अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही है।

मोहाली निवासी और टीम सदस्य मनमोहन कुमार ने बताया कि टीम को नेपाल पहुंचे चार दिन हो चुके हैं। वे जिन गाँवों में जाते हैं, वहाँ के मेयर या ग्राम प्रधान से मिलकर राहत सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं।

राहत सामग्री और प्राथमिकताएँ

टीम सदस्य हर्षजीत कौर ने बताया कि वे मुख्य रूप से दैनिक उपयोग की वस्तुएँ, शिशु उत्पाद और महिला स्वच्छता उत्पाद लेकर जा रही हैं। राहत सामग्री में किचन के बर्तन, बाल्टी, टब, टूथब्रश, टूथपेस्ट और अन्य दैनिक जरूरत की वस्तुएँ शामिल हैं।

सुरजीत सिंह के अनुसार, टीम को बड़ी संख्या में संदेश मिल रहे थे कि किसी के रिश्तेदार, भाई या बहन लापता हैं। इसके जवाब में टीम स्थानीय नगरपालिका और अस्पतालों के साथ समन्वय करके लापता व्यक्तियों की पहचान कर रही है, ताकि परिवार अपने बिछड़े लोगों से मिल सकें।

ज़मीनी हालात

सुरजीत सिंह ने बताया कि हालात काफी गंभीर हैं — लोग मलबे के नीचे दबे हैं और भूस्खलन के कारण सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने से कई इलाकों तक पहुंचना अत्यंत कठिन हो गया है। जिन दूरस्थ क्षेत्रों में सड़कें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, वहाँ सेना राहत पहुंचाने का काम कर रही है।

टीम को स्थानीय स्वयंसेविकाओं मिस जन्नत और नैना का सहयोग मिल रहा है, जो उन दूरदराज के गाँवों तक संपर्क बनाए हुए हैं जहाँ टीम की सीधी पहुंच संभव नहीं है।

अगला पड़ाव: नुवाकोट

टीम का अगला गंतव्य नुवाकोट है, जहाँ बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही की खबरें हैं। मनमोहन कुमार ने कहा कि जहाँ तक पहुंचना संभव है, टीम वहाँ जाएगी और स्थानीय प्रतिनिधियों के माध्यम से राहत वितरण जारी रखेगी।

यह राहत अभियान उस समय और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है जब नेपाल में बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी और अंतरराष्ट्रीय सहायता की पहुंच अभी भी सीमित बताई जा रही है। 'निरपाख एड' जैसे स्वयंसेवी संगठनों की उपस्थिति उस खाई को पाटने की कोशिश कर रही है जो आधिकारिक राहत तंत्र और ज़रूरतमंद लोगों के बीच बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्थानीय प्रतिनिधियों से समन्वय करके और लापता लोगों की पहचान जैसे संवेदनशील काम को हाथ में लेकर यह टीम वह भूमिका निभा रही है जो सरकारी एजेंसियों को पहले करनी चाहिए थी। यह घटना सीमा-पार मानवीय सहयोग की ताकत को रेखांकित करती है, लेकिन साथ ही यह भी दर्शाती है कि आपदा प्रबंधन में स्वयंसेवी संगठनों और सरकारी तंत्र के बीच बेहतर समन्वय की कितनी ज़रूरत है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'निरपाख एड' संगठन क्या है और यह नेपाल में क्यों है?
'निरपाख एड' पंजाब स्थित एक सिख समुदाय की स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) है, जो आपदाओं में मानवीय सहायता पहुंचाने का काम करती है। यह टीम नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद वहाँ के पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने और बिछड़े परिवारों को जोड़ने के लिए 2 सितंबर को शिवापुरी पहुंची।
नेपाल में 'निरपाख एड' टीम किस तरह की राहत सामग्री बाँट रही है?
टीम मुख्य रूप से दैनिक उपयोग की वस्तुएँ जैसे किचन के बर्तन, बाल्टी, टब, टूथब्रश, टूथपेस्ट, शिशु उत्पाद और महिला स्वच्छता उत्पाद वितरित कर रही है। सामग्री वितरण स्थानीय मेयर और ग्राम प्रधानों के माध्यम से किया जा रहा है।
बिछड़े परिवारों को खोजने में टीम कैसे मदद कर रही है?
टीम स्थानीय नगरपालिका और अस्पतालों के साथ समन्वय करके लापता व्यक्तियों की पहचान कर रही है। अस्पतालों में लाए जा रहे शव और घायल लोगों की पहचान की जा रही है ताकि परिजन अपने बिछड़े लोगों से मिल सकें।
नेपाल में ज़मीनी हालात कैसे हैं?
भूस्खलन के कारण अधिकांश सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और कई लोग मलबे के नीचे दबे हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में सेना राहत पहुंचा रही है, जबकि 'निरपाख एड' जैसी टीमें उन इलाकों में काम कर रही हैं जहाँ उनकी पहुंच संभव है।
टीम का अगला राहत अभियान कहाँ होगा?
टीम अब नेपाल के नुवाकोट जिले की ओर जा रही है, जहाँ बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही बताई जा रही है। स्थानीय स्वयंसेविकाओं मिस जन्नत और नैना की मदद से दूरदराज के गाँवों तक राहत सामग्री पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 5 दिन पहले
  5. 5 दिन पहले
  6. 5 दिन पहले
  7. 6 दिन पहले
  8. 6 दिन पहले