नेपाल बाढ़ राहत: पंजाब की 'निरपाख एड' टीम शिवापुरी पहुंची, नुवाकोट तक जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के शिवापुरी में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से तबाह हुए इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए भारत के पंजाब से सिख समुदाय की स्वयंसेवी संस्था 'निरपाख एड' की एक टीम 2 सितंबर को नेपाल पहुंची। यह टीम न केवल बाढ़ पीड़ितों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुंचा रही है, बल्कि आपदा में बिछड़े परिजनों की पहचान और पुनर्मिलन में भी सहायता कर रही है।
मुख्य घटनाक्रम
'निरपाख एड' के सदस्य सुरजीत सिंह ने बताया कि टीम पंजाब से विशेष रूप से बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए नेपाल आई है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन के कारण अधिकांश सड़कें बाधित होने से टीम हवाई मार्ग से यहाँ पहुंची और तब से अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही है।
मोहाली निवासी और टीम सदस्य मनमोहन कुमार ने बताया कि टीम को नेपाल पहुंचे चार दिन हो चुके हैं। वे जिन गाँवों में जाते हैं, वहाँ के मेयर या ग्राम प्रधान से मिलकर राहत सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं।
राहत सामग्री और प्राथमिकताएँ
टीम सदस्य हर्षजीत कौर ने बताया कि वे मुख्य रूप से दैनिक उपयोग की वस्तुएँ, शिशु उत्पाद और महिला स्वच्छता उत्पाद लेकर जा रही हैं। राहत सामग्री में किचन के बर्तन, बाल्टी, टब, टूथब्रश, टूथपेस्ट और अन्य दैनिक जरूरत की वस्तुएँ शामिल हैं।
सुरजीत सिंह के अनुसार, टीम को बड़ी संख्या में संदेश मिल रहे थे कि किसी के रिश्तेदार, भाई या बहन लापता हैं। इसके जवाब में टीम स्थानीय नगरपालिका और अस्पतालों के साथ समन्वय करके लापता व्यक्तियों की पहचान कर रही है, ताकि परिवार अपने बिछड़े लोगों से मिल सकें।
ज़मीनी हालात
सुरजीत सिंह ने बताया कि हालात काफी गंभीर हैं — लोग मलबे के नीचे दबे हैं और भूस्खलन के कारण सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने से कई इलाकों तक पहुंचना अत्यंत कठिन हो गया है। जिन दूरस्थ क्षेत्रों में सड़कें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, वहाँ सेना राहत पहुंचाने का काम कर रही है।
टीम को स्थानीय स्वयंसेविकाओं मिस जन्नत और नैना का सहयोग मिल रहा है, जो उन दूरदराज के गाँवों तक संपर्क बनाए हुए हैं जहाँ टीम की सीधी पहुंच संभव नहीं है।
अगला पड़ाव: नुवाकोट
टीम का अगला गंतव्य नुवाकोट है, जहाँ बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही की खबरें हैं। मनमोहन कुमार ने कहा कि जहाँ तक पहुंचना संभव है, टीम वहाँ जाएगी और स्थानीय प्रतिनिधियों के माध्यम से राहत वितरण जारी रखेगी।
यह राहत अभियान उस समय और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है जब नेपाल में बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी और अंतरराष्ट्रीय सहायता की पहुंच अभी भी सीमित बताई जा रही है। 'निरपाख एड' जैसे स्वयंसेवी संगठनों की उपस्थिति उस खाई को पाटने की कोशिश कर रही है जो आधिकारिक राहत तंत्र और ज़रूरतमंद लोगों के बीच बनी हुई है।