यूएसएस अब्राहम लिंकन थाईलैंड पहुंचा: 270 दिन समुद्र में बिताने के बाद 5,000 नौसैनिकों को मिला आराम
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी नौसेना का विशालकाय विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन लगभग 270 दिनों की अविराम समुद्री तैनाती के बाद 2 सितंबर 2026 को थाईलैंड के लाम चाबांग बंदरगाह पर लंगर डाल चुका है। पोत पर सवार करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन को स्वदेश वापसी से पहले कुछ दिनों के विश्राम का अवसर मिला है — जो नौ महीने की थकाऊ और तनावपूर्ण तैनाती के बाद उनके लिए बेहद ज़रूरी था।
थाईलैंड पहुंचने का विवरण
कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 3 के कमांडर, रियर एडमिरल रॉबर्ट लॉफ्रन ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'लैम चाबांग में हमारे पहुंचने से हमारे नाविकों और मरीन को आराम करने और नई ऊर्जा पाने का एक बहुत ज़रूरी मौका मिला है।' यूएसएस अब्राहम लिंकन के साथ अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के अन्य युद्धपोत भी लाम चाबांग पहुंचे हैं। नौसैनिकों को वहाँ से पटाया ले जाने के लिए विशेष बसों की व्यवस्था की गई है, जहाँ उन्हें करीब पाँच दिन के विश्राम की उम्मीद है।
लंबे अभियान की पृष्ठभूमि
यूएसएस अब्राहम लिंकन नवंबर 2025 में कैलिफोर्निया से अपने अभियान पर रवाना हुआ था। शुरुआत में इसकी तैनाती एशिया-प्रशांत क्षेत्र में थी, लेकिन बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के चलते इसे मध्य पूर्व में भेज दिया गया। ईरान से जुड़े अमेरिकी सैन्य अभियानों में भी इस विमानवाहक पोत की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही बताई जाती है। अगस्त 2026 में यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन ने मध्य पूर्व में इसकी जगह ली, जिसके बाद अब्राहम लिंकन स्वदेश वापसी की दिशा में आगे बढ़ा।
नौसैनिकों पर शारीरिक और मानसिक दबाव
इतनी लंबी तैनाती के दौरान काम का अत्यधिक दबाव, सीमित निजी स्थान और निरंतर सैन्य तत्परता ने जहाज पर मौजूद नौसैनिकों की शारीरिक और मानसिक सेहत पर गहरा असर डाला। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पोत पर रहने की परिस्थितियों और सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। गौरतलब है कि यह अमेरिकी नौसेना के हालिया इतिहास में सबसे लंबी एकल तैनाती में से एक मानी जा रही है।
पटाया पर आर्थिक और सुरक्षा प्रभाव
हज़ारों अमेरिकी सैनिकों के पटाया पहुंचने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है — होटल, रेस्तरां, परिवहन और पर्यटन क्षेत्र में कारोबार बढ़ सकता है। पटाया प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर व्यापक तैयारियाँ की हैं और बड़ी संख्या में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया है। स्थानीय व्यापारियों को सैनिकों से मनमाने दाम न वसूलने की सख्त हिदायत भी दी गई है।
अमेरिका-थाईलैंड सैन्य संबंध
पटाया और अमेरिकी सेना के बीच संबंध कोई नए नहीं हैं। वियतनाम युद्ध के दौर से ही यह शहर अमेरिकी सैनिकों के विश्राम और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र रहा है। समय के साथ पटाया एक बड़े अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी उभरा है। अमेरिकी नौसेना ने इस पड़ाव को दोनों देशों के बीच दशकों पुराने सैन्य सहयोग का स्वाभाविक हिस्सा बताया है। थाईलैंड से विश्राम के बाद यूएसएस अब्राहम लिंकन अपने गृह बंदरगाह की ओर रवाना होगा — एक ऐसे अभियान का समापन जो अमेरिकी नौसेना की वैश्विक उपस्थिति की जटिलता और उसके मानवीय मूल्य दोनों को रेखांकित करता है।