मेकांग नदी पर 168वां संयुक्त गश्त: चीन, लाओस, म्यांमार और थाईलैंड के 106 कर्मी तैनात
सारांश
मुख्य बातें
चीन, लाओस, म्यांमार और थाईलैंड ने मेकांग नदी पर 168वां संयुक्त गश्ती और कानून प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। इस अभियान में चारों देशों के कुल 106 कानून प्रवर्तन कर्मियों को तैनात किया गया है और यह 12 दिनों तक चलेगा। बाढ़ के मौसम में नदी की जटिल जल-स्थिति के बीच शुरू हुआ यह अभियान क्षेत्रीय सुरक्षा और अपराध नियंत्रण दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
17 से 21 अगस्त तक मेकांग नदी के पूरे क्षेत्र में संयुक्त गश्त की जाएगी। इस दौरान चारों देशों के कानून प्रवर्तन पोत निर्धारित जलक्षेत्रों में एकत्र होकर संयुक्त गठन बनाएंगे और प्रमुख जलमार्गों, खतरनाक उथले क्षेत्रों, नदी किनारे के घाटों तथा सहायक नदियों के नौका मार्गों पर गश्त करेंगे। संयुक्त रूप से जल और तट क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया जाएगा।
22 से 28 अगस्त तक संयुक्त कानून प्रवर्तन पोतों का 70वां बैच प्रशिक्षण के लिए लाओस भेजा जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चारों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग का हिस्सा है।
बहुपक्षीय सूचना आदान-प्रदान बैठक
इस अभियान के दौरान चारों देश थाईलैंड में एक बहुपक्षीय सूचना आदान-प्रदान बैठक आयोजित करेंगे। इसमें हाल की सीमा पार घटनाओं और नदी बेसिन में अपराधों से निपटने के प्रयासों पर रिपोर्ट पेश की जाएगी। चारों देशों के बीच सहयोग को और मज़बूत करने, सूचनाओं को साझा करने तथा नदी बेसिन में होने वाली प्रमुख अवैध और आपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए विचारों और सुझावों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
बाढ़ के मौसम में विशेष सतर्कता
बताया गया है कि इस समय मेकांग नदी में बाढ़ का मौसम चल रहा है और जल की स्थिति जटिल बनी हुई है। ऐसे में चारों देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ संयुक्त रूप से जल आपातकालीन बचाव अभ्यास, नौवहन जोखिम का आकलन और बाढ़ के मौसम में सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाएंगी। गौरतलब है कि मेकांग नदी दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे लंबी नदियों में से एक है और इसके किनारे करोड़ों लोगों की आजीविका निर्भर है।
अभियान का उद्देश्य
इन प्रयासों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना, नदी किनारे बसे देशों के जहाजों और लोगों के जीवन तथा संपत्ति की सुरक्षा करना और नदी बेसिन की सुरक्षा व स्थिरता बनाए रखना है। यह ऐसे समय में आया है जब मेकांग क्षेत्र में सीमा पार अपराध और तस्करी की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं। इस अभियान से क्षेत्रीय समृद्धि और विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।