म्यांमार में बाढ़ का खतरा: चिंडविन नदी खतरे के निशान पर, सागाइंग में अलर्ट जारी
सारांश
मुख्य बातें
म्यांमार के मौसम विज्ञान और जल विज्ञान विभाग (डीएमएच) ने बुधवार, 22 जुलाई को सागाइंग क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बाढ़ की गंभीर आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया। चिंडविन नदी का जलस्तर दो प्रमुख शहरों — पॉंगब्यिन और होमलिन — में खतरे के निशान तक पहुँचने या उसे पार करने के बाद यह चेतावनी जारी की गई। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तत्काल सावधानी बरतने की अपील की गई है।
नदी का जलस्तर: ताज़ा स्थिति
डीएमएच के आँकड़ों के अनुसार, पॉंगब्यिन में चिंडविन नदी का पानी बुधवार को खतरे के निशान तक पहुँच गया और अगले 24 घंटों में इसके करीब छह इंच और बढ़ने की आशंका है। वहीं, होमलिन में जलस्तर पहले ही खतरे के निशान को पार कर चुका है और अनुमान है कि अगले 24 घंटों तक यह इसी स्तर से ऊपर बना रहेगा।
डीएमएच ने होमलिन और पॉंगब्यिन टाउनशिप में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों से बाढ़ से बचाव के लिए हर संभव एहतियात बरतने की अपील की है।
दस दिन का मौसम पूर्वानुमान
मंगलवार को जारी दस दिन के मौसम पूर्वानुमान में डीएमएच ने बताया कि म्यांमार के कई हिस्सों में अच्छी से भारी बारिश की संभावना है। विभाग ने चेतावनी दी कि इस अवधि में अयेयारवाडी, चिंडविन, सिताउंग और थानल्विन जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर कुछ इलाकों में सात फीट तक बढ़ सकता है।
यह ऐसे समय में आया है जब म्यांमार पहले से ही मानसून की बारिश के दबाव में है और कई क्षेत्रों में जल-प्रबंधन ढाँचा पहले से कमज़ोर बताया जाता है।
एल नीनो की चेतावनी: आने वाले महीने और गंभीर
डीएमएच ने बुधवार को यह भी स्पष्ट किया कि ट्रॉपिकल पैसिफिक ओशन में एल नीनो की स्थिति सक्रिय हो चुकी है। विभाग के निदेशक यू हला टुन ने कहा, "हम एल नीनो के बारे में तब से जानकारी दे रहे हैं, जब यह कमज़ोर स्थिति में विकसित होना शुरू हुआ था। अब यह मध्यम स्तर तक पहुँच गया है और इस साल के अंत तक इसके बहुत मज़बूत होने की उम्मीद है।"
अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियों के पूर्वानुमानों और कंप्यूटर-आधारित मौसम मॉडल के अनुसार, अगस्त में मज़बूत एल नीनो की स्थिति बन सकती है और 2026 के अंत तक यह बहुत मज़बूत हो सकती है।
एल नीनो का व्यापक प्रभाव
डीएमएच के अनुसार, हालाँकि एल नीनो प्रशांत महासागर में उत्पन्न होता है, लेकिन इसका असर दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा सकता है। इससे बारिश का पैटर्न बदलना, दिन के तापमान में वृद्धि, असामान्य तूफानी गतिविधियाँ, सूखा और अन्य गंभीर मौसमी घटनाएँ हो सकती हैं।
गौरतलब है कि म्यांमार में हर मानसून सीज़न में बाढ़ से हज़ारों लोग प्रभावित होते हैं और इस बार एल नीनो की सक्रियता स्थिति को और जटिल बना सकती है। आने वाले हफ्तों में मौसम की निगरानी और प्रशासनिक तैयारी निर्णायक भूमिका निभाएगी।