क्या यमुना का जलस्तर फिर से खतरे के निशान के पार पहुंच गया है? केंद्रीय जल आयोग की नई एडवाइजरी

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क्या यमुना का जलस्तर फिर से खतरे के निशान के पार पहुंच गया है? केंद्रीय जल आयोग की नई एडवाइजरी

सारांश

दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। केंद्रीय जल आयोग ने सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। स्थिति को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है। जानें इस गंभीर स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।

मुख्य बातें

यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है।
केंद्रीय जल आयोग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
जलस्तर में वृद्धि गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
प्रशासन ने निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क करें।

नई दिल्ली, ३ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान के पार पहुंच चुका है। केंद्रीय जल आयोग ने हालिया बाढ़ पूर्वानुमान जारी करते हुए कई विभागों और एजेंसियों को सतर्क रहने और आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी है।

इस एडवाइजरी को बाढ़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रमुख एजेंसियों के साथ साझा किया गया है।

केंद्रीय जल आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए कहा, "दिल्ली के उत्तरी जिले में दिल्ली रेलवे ब्रिज पर यमुना नदी का जलस्तर लगातार गंभीर बना हुआ है। यहां यमुना 207.27 मीटर के स्तर पर बह रही है, जो इसके खतरे के स्तर 205.33 मीटर से 1.94 मीटर ऊपर है।"

याद रहे कि दिल्ली में २०१० में यमुना का जलस्तर 207.11 मीटर तक पहुंचा था।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, ३ सितंबर को दोपहर ३ बजे दिल्ली के रेलवे ब्रिज पर यमुना का जलस्तर 207.09 मीटर दर्ज किया गया।

अनुमान है कि यह जलस्तर बढ़ते हुए शाम ८ बजे तक 207.40 मीटर तक पहुंच सकता है। यह जलस्तर खतरे के निशान से कहीं ऊपर है और यदि यह प्रवृत्ति बनी रही, तो आने वाले घंटों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

आपको बता दें कि 204.50 मीटर जलस्तर को चेतावनी स्तर माना जाता है। अगर यह 205.33 मीटर पर पहुंच जाए, तो इसे खतरे का स्तर माना जाता है। १३ जुलाई २०२३ को उच्चतम बाढ़ स्तर 208.66 मीटर रिकॉर्ड किया गया था।

केंद्रीय जल आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वजीराबाद और ओखला बैराज से पानी की रिलीज जलस्तर को और प्रभावित कर सकती है। ऐसे में स्थिति को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है।

प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने को कहा है। साथ ही, नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें।

किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क करने की सलाह दी गई है और संबंधित विभागों को एडवाइजरी भेज दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कहना चाहूंगा कि यमुना नदी का जलस्तर बढ़ना केवल दिल्ली के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। हमें इस जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को गंभीरता से लेना चाहिए और उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से कितना ऊपर है?
यमुना का जलस्तर 207.27 मीटर पर है, जो खतरे के स्तर 205.33 मीटर से 1.94 मीटर अधिक है।
केंद्रीय जल आयोग ने क्या सलाह दी है?
केंद्रीय जल आयोग ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को सतर्क रहने और आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी है।
क्या स्थिति गंभीर हो सकती है?
यदि जलस्तर में वृद्धि जारी रहती है, तो आने वाले घंटों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
नदी किनारे रहने वालों के लिए क्या सलाह है?
रिवर किनारे और निचले इलाकों में रहने वालों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
आपात स्थिति में किससे संपर्क करें?
आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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