सतना-रीवा में भारी बारिश से बाढ़ का संकट, 36 गांवों में अलर्ट; मंदाकिनी खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के सतना और रीवा जिलों में 1 सितंबर 2026 (मंगलवार) को मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए। मंदाकिनी और सिमरावल नदियों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा, सड़क संपर्क टूटा और जिला प्रशासन को रामपुर बघेलन व कोटार तहसीलों के 36 गांवों के लिए आपातकालीन अलर्ट जारी करना पड़ा। निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
मुख्य घटनाक्रम
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर बह रही थी। सिमरावल समेत कई अन्य नदियाँ और नाले भी उफान पर थे। मझगवां जनपद में देंगरहाट-खोदरी सड़क पर एक पुल ढह गया, जिससे उस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। मझगवां-पहाड़ीखेड़ा संपर्क मार्ग भी अवरुद्ध हो गया और पालदेव ग्राम पंचायत में सड़कें व घर जलमग्न हो गए।
रीवा जिले में बढ़ते जलस्तर के मद्देनज़र तामस नदी पर बने बांध के द्वार खोल दिए गए। उपमंडल मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने क्षेत्रों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं और लोगों को उफनती नदियों व बाढ़-संभावित स्थलों से दूर रहने की चेतावनी जारी की गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया
सतना के कलेक्टर सतीश कुमार ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहा है। उन्होंने कहा, 'संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। राहत एवं बचाव टीमों को सतर्क रहने और स्थिति पर लगातार नज़र रखने के लिए कहा गया है।' राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैनात हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उमरिया और बालाघाट में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सतना, रीवा, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, शहडोल, अनुपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। यह मौसम प्रणाली 4 सितंबर 2026 तक मध्य प्रदेश में सक्रिय रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र एक सक्रिय गर्त के साथ मिलकर राज्य में मौसमी परिस्थितियों को प्रभावित कर रहा है।
आम जनता पर असर
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक लगभग 27.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो राज्य की सामान्य वार्षिक वर्षा का लगभग 74 प्रतिशत है। अकेले अगस्त में करीब 12 इंच बारिश हुई। सितंबर में सामान्य मौसमी औसत 37.3 इंच तक पहुँचने के लिए अभी 9.6 इंच और बारिश की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि सतना-रीवा क्षेत्र हर मानसून में जलभराव की समस्या से जूझता है, लेकिन इस बार निम्न दबाव प्रणाली के कारण स्थिति असामान्य रूप से गंभीर हो गई है। पुल गिरने और सड़कें कटने से दूरदराज़ के गांवों में राशन और चिकित्सा आपूर्ति पहुँचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
क्या होगा आगे
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 4 सितंबर तक मौसम प्रणाली के सक्रिय रहने के मद्देनज़र निगरानी और राहत अभियान जारी रहेगा। बाढ़ का खतरा टलने तक नदी किनारे के गांवों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।