29 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मंदाकिनी नदी में बाढ़ से सतना जलमग्न, बीरसिंहपुर में कमर तक पानी; IMD का येलो अलर्ट जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मंदाकिनी नदी में बाढ़ से सतना जलमग्न, बीरसिंहपुर में कमर तक पानी; IMD का येलो अलर्ट जारी

सारांश

मंदाकिनी नदी उफान पर है और सतना जिले में बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीरसिंहपुर में कमर तक पानी, बांसुजारा बाँध के सभी आठ गेट खुले, और IMD का पाँच दिन का येलो अलर्ट — स्थिति अभी और बिगड़ सकती है।

मुख्य बातें

मंदाकिनी नदी और सहायक धाराओं में उफान से सतना जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जलभराव।
बीरसिंहपुर सर्वाधिक प्रभावित — कई इलाकों में पानी कमर तक पहुँचा, घरों में पानी घुसा।
बांसुजारा बाँध के सभी आठों स्लुइस गेट दबाव कम करने के लिए खोले गए।
रेल पटरियों पर जलभराव से रेल यातायात बाधित ; पेट्रोल पंप और सार्वजनिक स्थल भी प्रभावित।
IMD ने सतना के लिए येलो अलर्ट जारी किया — अगले 5 दिनों तक भारी बारिश की संभावना।
नगर निगम आयुक्त शैलेंद्र सिंह मौके पर, नगरपालिका टीमें जल निकासी अभियान में जुटीं।

मध्य प्रदेश के सतना जिले में 29 अगस्त को भारी मानसूनी बारिश के बाद मंदाकिनी नदी और उसकी सहायक धाराओं में उफान आने से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक जलभराव की स्थिति बन गई। बीरसिंहपुर सबसे बुरी तरह प्रभावित है, जहाँ कई मोहल्लों में पानी कमर तक पहुँच गया है और सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है।

मुख्य घटनाक्रम

शुक्रवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद शनिवार सुबह सतना शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई। मंदाकिनी नदी और उसकी सहायक नदियाँ व छोटी धाराएँ कई स्थानों पर उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

कई पेट्रोल पंपों, सार्वजनिक महत्व के स्थानों और कुछ रेल पटरियों पर जलभराव की सूचना मिली है, जिसके कारण रेल यातायात बाधित हो गया है। कोतार और नागौद क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में भी इसी प्रकार की स्थिति दर्ज की गई है, जहाँ सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं।

बाँध के गेट खोले गए

बढ़ते जलदबाव को देखते हुए एक अधिकारी ने बताया, 'बांसुजारा बाँध के सभी आठों स्लुइस गेट दबाव कम करने के लिए खोल दिए गए हैं।' यह निर्णय नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए लिया गया। गेट खुलने से निचले इलाकों में पानी का बहाव और तेज़ हो गया है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

नगर निगम आयुक्त शैलेंद्र सिंह शनिवार सुबह से ही जमीनी स्तर पर मौजूद हैं। सरकारी बयान के अनुसार, वे शहर के जलमग्न क्षेत्रों का व्यक्तिगत रूप से दौरा कर रहे हैं और अधिकारियों तथा फील्ड स्टाफ को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं।

नगरपालिका की टीमें विभिन्न वार्डों में एक साथ जल निकासी अभियान चला रही हैं। इन प्रयासों में अवरुद्ध नालियों और पुलियों की सफाई, अर्थमूविंग मशीनों का उपयोग और जमा पानी निकालने के लिए वैकल्पिक चैनल बनाना शामिल है।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदियों, नालों और तेज़ बहाव वाले पानी से दूर रहें तथा जलभराव वाली सड़कों को अनावश्यक रूप से पार करने से बचें।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे कठिन परिस्थितियों में फँसे लोगों की मदद करें, विशेषकर उन गाँवों में जो कथित तौर पर बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।

आगे का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सतना जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले पाँच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, साथ ही कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। लगातार बारिश के कारण जलस्तर में और वृद्धि की आशंका बनी हुई है, और यदि स्थिति नहीं सुधरी तो राहत एवं बचाव कार्यों की आवश्यकता पड़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बाँध के गेट खुलते हैं, और निचले इलाकों के लोग छतों पर चढ़ जाते हैं। सवाल यह है कि बांसुजारा बाँध के गेट खोलने का निर्णय किस जलस्तर पर और कितनी पूर्व सूचना के साथ लिया गया — क्योंकि अचानक छोड़ा गया पानी अक्सर बाढ़ से ज़्यादा नुकसान करता है। नगर निगम आयुक्त का मौके पर होना आश्वस्त करता है, लेकिन जल निकासी अभियान तब शुरू होता है जब पानी घुट चुका होता है। IMD का येलो अलर्ट बताता है कि यह संकट अभी टला नहीं है — पाँच दिन और भारी बारिश का अर्थ है कि प्रशासन को राहत से पहले रोकथाम पर ध्यान देना होगा।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सतना में बाढ़ और जलभराव का मुख्य कारण क्या है?
शुक्रवार देर रात हुई भारी मानसूनी बारिश के कारण मंदाकिनी नदी और उसकी सहायक धाराएँ उफान पर आ गईं, जिससे सतना जिले में व्यापक जलभराव हुआ। बांसुजारा बाँध के सभी आठ गेट खोलने से निचले इलाकों में पानी का बहाव और तेज़ हो गया।
बीरसिंहपुर में स्थिति कितनी गंभीर है?
बीरसिंहपुर जिले में सबसे गंभीर स्थिति है — कई इलाकों में पानी कमर तक पहुँच गया है और घरों में पानी घुसने से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है।
IMD ने सतना के लिए क्या अलर्ट जारी किया है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सतना जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अगले पाँच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने राहत के लिए क्या कदम उठाए हैं?
नगर निगम आयुक्त शैलेंद्र सिंह शनिवार सुबह से जलमग्न क्षेत्रों का व्यक्तिगत दौरा कर रहे हैं। नगरपालिका टीमें अवरुद्ध नालियाँ साफ करने, अर्थमूविंग मशीनें चलाने और वैकल्पिक जल निकासी चैनल बनाने में लगी हैं।
क्या सतना में रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ है?
हाँ, कुछ रेल पटरियों पर जलभराव की सूचना मिली है जिससे रेल यातायात बाधित हुआ है। कोतार और नागौद क्षेत्रों में भी सड़कें जलमग्न हैं और ग्रामीण नदियों-नालों में बढ़ते जलस्तर से आवागमन बाधित हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 12 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले