यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन मध्य पूर्व में तैनात, लिंकन विवाद के बाद सेंटकॉम का बड़ा कदम
सारांश
मुख्य बातें
यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 20 अगस्त को विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन को मध्य पूर्व में तैनात करने की आधिकारिक घोषणा की — यह कदम ऐसे समय में आया है जब यूएसएस अब्राहम लिंकन पर नाविकों की अभूतपूर्व लंबी समुद्री तैनाती को लेकर अमेरिकी संसद और सैन्य परिवारों में गहरी बेचैनी फैली हुई थी। सेंटकॉम ने पुष्टि की कि जॉर्ज वाशिंगटन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप क्षेत्र में पहुँचकर नियमित तैनाती के तहत काम शुरू कर चुका है।
मुख्य घटनाक्रम
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर साझा करते हुए कहा, 'जॉर्ज वॉशिंगटन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप सेंटकॉम क्षेत्र में पहुँचने के बाद, तय तैनाती के तहत मिडिल ईस्ट में काम कर रहा है।' यह घोषणा ऐसे माहौल में हुई जब लिंकन की तैनाती को लेकर राजनीतिक और मानवीय दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ रहा था।
यूएसएस लिंकन विवाद की पृष्ठभूमि
यूएसएस अब्राहम लिंकन (सीवीएन-72) करीब 5,000 सैन्यकर्मियों के साथ 260 से अधिक दिनों तक लगातार समुद्र में रहा — जिसे वियतनाम युद्ध के बाद अमेरिकी नौसेना की सबसे लंबी तैनाती बताया जा रहा है। नियमों के अनुसार पोत की समुद्री तैनाती छह महीने से अधिक नहीं होनी चाहिए।
कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि कुछ नाविकों ने समुद्र में छलांग लगाने की कोशिश की और मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति चिंताजनक थी। हालाँकि, अमेरिकी नौसेना ने आत्महत्या की प्रवृत्ति में किसी वृद्धि की पुष्टि नहीं की, और रक्षा विभाग ने कुछ रिपोर्टों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाने की बात कही।
सीनेटर ब्लूमेंथल की आधिकारिक चिट्ठी
सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ को तीन पन्नों की विस्तृत चिट्ठी लिखी, जिसमें लिंकन पर तैनात नाविकों की खराब परिस्थितियों, आपूर्ति की कमी, प्लंबिंग समस्याओं और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का उल्लेख किया। उन्होंने एक्स पर यह चिट्ठी साझा करते हुए पूछा कि 'विभाग बताए कि सैनिकों को लेकर वो क्या कर रहा है?'
सीनेटर ने कुल 6 सवाल पूछे — जिनमें पोत के रुकने की अवधि, नाविकों के लिए इंतजामात, आगामी ऑपरेशनों की तैयारी और विभाग की रणनीति शामिल थी।
राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया
जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस विषय पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उनके हिसाब से जहाज की तैनाती 'काफी लंबी नहीं है और पर्याप्त भी नहीं है।' यह टिप्पणी उन परिवारों और सांसदों की चिंताओं के विपरीत है जो तत्काल राहत की माँग कर रहे थे।
आगे क्या होगा
जॉर्ज वाशिंगटन की तैनाती से संकेत मिलता है कि सेंटकॉम मध्य पूर्व में अपनी नौसैनिक उपस्थिति बनाए रखने के प्रति प्रतिबद्ध है। अमेरिकी सांसदों और सैन्य परिवारों की माँग है कि लिंकन की स्थिति की स्वतंत्र जाँच हो और भविष्य में तैनाती की अवधि-सीमा का सख्ती से पालन किया जाए।