यूएसएस अब्राहम लिंकन की 250 दिन की तैनाती पर ट्रंप बोले — 'अभी पर्याप्त भी नहीं हुई'
सारांश
मुख्य बातें
विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन (CVN-72) को समुद्र में 250 से अधिक दिन बीत चुके हैं और यह तैनाती अमेरिकी प्रशासन के लिए एक गंभीर सवाल बनती जा रही है। जहाज पर सवार करीब 5,000 सैन्यकर्मियों की मानसिक सेहत और कथित तौर पर बिगड़ती सुविधाओं को लेकर अमेरिकी सांसदों और सैन्य परिवारों ने आवाज़ उठाई है। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 14 अगस्त को पत्रकारों से कहा कि यह तैनाती उनके नज़रिए से 'अभी लगभग पर्याप्त लंबी भी नहीं हुई है।'
रिकॉर्ड तैनाती का ब्यौरा
यूएसएस अब्राहम लिंकन आधुनिक अमेरिकी नौसेना के इतिहास में असाधारण रूप से लंबी तैनाती पर है — करीब नौ महीने से समुद्र में और इस दौरान किसी बंदरगाह पर लंबे समय तक ठहराव नहीं हुआ। यह युद्धपोत मध्य पूर्व में ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य अभियानों के समर्थन में तैनात है। रिपोर्टों के अनुसार यह तैनाती आधुनिक दौर के मानकों से काफी लंबी मानी जा रही है।
मानसिक स्वास्थ्य और सुविधाओं पर चिंता
विवाद तब गहराया जब कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि जहाज पर तैनात कुछ नाविकों ने समुद्र में छलांग लगाने की कोशिश की। इसके अलावा प्लंबिंग की समस्याओं और आपूर्ति की कमी की भी खबरें आईं। हालांकि अमेरिकी नौसेना ने आत्महत्या की प्रवृत्ति में किसी वृद्धि की पुष्टि नहीं की है, और रक्षा विभाग ने कहा है कि जहाज की स्थिति से जुड़ी कुछ रिपोर्टें बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई हैं।
सांसद ब्लूमेंथल का हस्तक्षेप
सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ को तीन पन्नों की चिट्ठी लिखकर कुल 6 सवाल पूछे — जिनमें युद्धपोत की तैनाती अवधि, नाविकों के लिए व्यवस्थाएँ, आगामी अभियानों की तैयारी और विभाग की रणनीति पर जवाब माँगा गया। उन्होंने यह पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया।
ट्रंप का रुख और प्रतिस्थापन की घोषणा
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वीकार किया कि यूएसएस अब्राहम लिंकन को जल्द ही एक अन्य विमानवाहक पोत से बदला जाएगा। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन को मध्य पूर्व में उसकी जगह भेजा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को लेकर घरेलू दबाव बढ़ रहा है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि सांसदों और परिवारों की माँग के बावजूद अभी तक रक्षा अधिकारियों की ओर से ब्लूमेंथल के सवालों का औपचारिक जवाब सार्वजनिक नहीं हुआ है। यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन की तैनाती के साथ लिंकन के चालक दल को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन लंबी तैनाती के दीर्घकालिक असर और नौसेना की तैयारी पर बहस जारी रहने की संभावना है।